लखनऊ/चंडीगढ़, 23 जनवरी | रिपोर्ट
पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष एस. कुलतार सिंह संधावन ने लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) में भाग लेकर पंजाब का प्रतिनिधित्व किया। यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन के दौरान सुशासन को मजबूत करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं के समक्ष मौजूद वर्तमान चुनौतियों और विधायी कार्यों में आधुनिक प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग जैसे अहम विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल युग में तकनीक का प्रभावी उपयोग लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष एस. कुलतार सिंह संधावन ने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के मंच विधायी अनुभवों को साझा करने और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती ही देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है।
सम्मेलन के दौरान अध्यक्ष संधावन ने उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री बलदेव सिंह औलख से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कृषि क्षेत्र से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई।
एस. कुलतार सिंह संधावन ने कृषि मंत्री बलदेव सिंह औलख की सादगी, दूरदर्शी सोच और किसानों के हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित प्रयास समय की आवश्यकता हैं।
यह सम्मेलन लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने और विधायी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


