Friday, January 2, 2026
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स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भावी ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने की होगी प्रयोगशाला- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भावी ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने की होगी प्रयोगशाला- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

 

114 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के खेल स्टेडियमों की होगी मरम्मत व कायाकल्प

चंडीगढ़, 2 जनवरी- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राई (सोनीपत) 491 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी।  यह यूनिवर्सिटी केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भावी ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने की प्रयोगशाला होगी। यहां पर खेल मैदानों, प्रशिक्षण सुविधाओं, रहने और खाने की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

खेल मंत्री आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खेल विभाग, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राई (सोनीपत) के अधिकारियों, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों आयोजित की गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान अत्याधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की ड्राइंग व डिजाइन को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा की गई।

खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को उत्कृष्ट और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसी सोच के तहत हरियाणा सरकार द्वारा खेल विभाग के माध्यम से प्रदेशभर के खेल स्टेडियमों की मरम्मत एवं कायाकल्प के लिए 114 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इनमें से कई स्थानों पर कार्य प्रारंभ भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि खेल मैदानों की जो ग्रेडिंग की गई है, उसमें और अधिक सुधार लाने के लिए डीएससी (डिस्टिक स्पोर्ट्स कौंसिल) से अतिरिक्त संसाधन खर्च किए जाएंगे, जिसकी विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है।

खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी अपने-अपने निर्धारित जिलों के स्टेडियमों का महीने में कम से कम दो बार औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा तथा इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेल अवसंरचना की नियमित निगरानी से ही जमीनी स्तर पर वास्तविक सुधार संभव है।

उन्होंने कहा कि आगामी बजट में खेलों के लिए और अतिरिक्त फंड का प्रावधान किया जाएगा, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और अधिक पदक जीतकर देश व हरियाणा का नाम रोशन कर सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार देश और विदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। खिलाड़ियों के स्तर में सुधार के लिए खेल नर्सरियां अहम कड़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खेल नर्सरियों में बेहतर सुविधाएं देने के लिए खेल विभाग निरंतर प्रयासरत है।

बैठक में खेल विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राई (सोनीपत) के कुलपति श्री अशोक कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

19वीं सर्कल नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता के लिए राज्य स्तरीय चयन ट्रायल 05 जनवरी को पानीपत के गांव सुताना में आयोजित

 

 

चंडीगढ़, 2 जनवरी — हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री एवं हरियाणा एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 19वीं सर्कल नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला वर्ग) का आयोजन श्री गुरुद्वारा साहिब, बाजपुर, नैनीताल (उत्तराखंड) में 10 जनवरी 2026 से 12 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की टीमें भाग लेंगी।

उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हरियाणा राज्य की पुरुष एवं महिला कबड्डी टीमों के चयन हेतु राज्य स्तरीय ट्रायल का आयोजन 05 जनवरी 2026 को गांव सुताना (मतलौडा), जिला पानीपत में किया जाएगा। ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, कौशल, तकनीक एवं प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी, निष्पक्ष एवं मेरिट के आधार पर होगी।

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा आज खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन खेल नीतियां लागू कर रही है। खेल नर्सरी, खेल अकादमियां, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आधुनिक स्टेडियम और जिम्नेजियम का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, सरकारी नौकरी, खेल कोटे में भर्ती, छात्रवृत्ति, स्पोर्ट्स किट और उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी का परिणाम है कि ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कबड्डी हरियाणा की धरोहर और परंपरागत खेल है। गांव-गांव में कबड्डी के अखाड़ों और मैदानों का विकास किया जा रहा है ताकि ग्रामीण प्रतिभाएं उभरकर सामने आ सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हरियाणा के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

समाधान शिविरों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

जिला उपायुक्त समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों को अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ भेजे

 

जब तक किसी शिकायत का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक उसे जिला स्तर पर पेंडिंग रखा जाए

 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समाधान शिविर की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित, दिए निर्देश

 

चंडीगढ़, 02 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविरों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुँचाई जाए, जिसमें लोगों को शिविरों के आयोजन का दिन और समय की पूरी जानकारी मिल सके, ताकि वे अपनी समस्याएँ दर्ज करवा सकें और उनका समाधान करवा सकें।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश चंडीगढ़ में समाधान शिविर की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में सभी जिला उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों को जिला उपायुक्त अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ आगे भेजें। साथ ही जब तक किसी शिकायत का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक उसे जिला स्तर पर पेंडिंग रखा जाए।

बैठक में बताया गया कि जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक पिछले छह महीनों में कुल 17,699 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। समाधान शिविरों में तय समय सीमा में हल की गई शिकायतों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में भी समाधान शिविरों में आने वाली सभी शिकायतों का तय समय सीमा में निपटान सुनिश्चित करें। प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। यदि समाधान शिविरों में किसी भी स्तर पर अधिकारियों द्वारा लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जिला अम्बाला के एक गांव में पानी की निकासी से संबंधित समाधान शिविर में प्राप्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त अम्बाला को इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस समिति में संबंधित विभाग के एक्सईएन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) तथा मार्केट कमेटी का एक कर्मचारी शामिल किया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री विवेक कालिया, श्री बी.बी. भारती सहित अन्य अधिकारी  मौजूद रहे।

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