एचकेआरएन कर्मचारियों को हटाने पर सांसद कुमारी सैैलजा ने जताई कड़ी आपत्ति
मुख्यमंत्री कहते है कोई नहीं हटाया जाएगा और अधिकारी कर्मचारियों को कर रहे है रिलीव
Priyanka Thakur
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन ) के कर्मचारियों को हटाए जाने के आदेशों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार विधानसभा में अध्यादेश लाकर कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा की गारंटी देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर विभागीय आदेशों से कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। एक ओर सीएम आश्वासन देते है कि कोई कर्मचारी नहीं हटाया जाएगा तो दूसरी ओर उनके अधिकारी कर्मचारियों को रिलीव करने में लगे हुए है। या तो सीएम इस प्रकार का बयान देकर लोगों को गुमराह कर रहे है या अधिकारी उनकी नहीं मान रहे है।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि रोहतक सिंचाई विभाग के एक्सईएन डब्ल्यूएस/मैकेनिकल डिवीजन की ओर 19 अगस्त को जारी पत्र क्रमांक 6370-75-एचकेआरएनएल के द्वारा विभिन्न पदों पर कार्यरत 10 कर्मचारियों को केवल इस आधार पर हटाने के आदेश दिए गए कि उनकी सेवा अवधि 05 वर्ष से कम है। यह सरकार के वादों और हकीकत के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्षों से सेवा कर रहे कर्मचारियों को पहले आए-पहले हटे जैसे प्रावधानों के तहत बेरोजगार करना न केवल नाइंसाफी है, बल्कि उनके परिवारों की रोजी-रोटी छीनने जैसा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एचकेआरएन समेत सभी संविदा और अस्थायी कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि एचएकेआरएन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को निकालने के बजाए उन्हें ही नियमित किया जा सकता था। इस आदेश से साफ हो गया हैै कि प्रदेश की भाजपा सरकार को युवाओं के भविष्य से कुछ भी लेना देना नहीं है सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। इनमें से हो सकता है कुछ ओवर एज हो गए हो, ऐसे में उनका और उनके परिवार का क्या होगा।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में कई लाख पद खाली पड़े हुए है अगर सरकार भर्ती करना चाहता है तो उन खाली पदों पर भरने पर ध्यान दें जो पहले से कार्यरत है उन्हें नौकरी से हटाने पर समाज में अव्यवस्था पैदा होगी। सांसद ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर कर्मचारियों को पक्का करने की नीति लागू की जाएगी और उन्हें ठेकेदारी व आउटसोर्सिंग के जाल से बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की कि एचकेआरएन कर्मचारियों को हटाने के सभी आदेश तुरंत रद्द किए जाएं और विधानसभा में पारित सेवा सुरक्षा गारंटी कानून को पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए।