*राज्य में 3 लाख एकड़ ज़मीन आई बाढ़ की चपेट में*
*बाढ़ से प्रभावित फसलों का मुआवज़ा देने हेतु ज़मीनी स्तर पर किया जा रहा है मूल्यांकन*
*चंडीगढ़, 31 अगस्त:*
पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) श्री अनुराग वर्मा ने आज फिरोज़पुर और फ़ाज़िल्का ज़िलों में बाढ़ राहत कार्यों का जायज़ा लिया। मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के लिए निर्बाध राहत उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ज़िला फिरोज़पुर में सतलुज नदी से लगते गाँवों का दौरा करने उपरांत श्री अनुराग वर्मा ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राज्य में 3 लाख एकड़ ज़मीन प्रभावित हुई है और लगभग सवा लाख लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। इस अवसर पर उनके साथ डिवीज़नल कमिश्नर फिरोज़पुर अरुण सेखड़ी, डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा, एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू और एडीसी दमनजीत सिंह मान भी मौजूद रहे।
वित्तायुक्त राजस्व श्री अनुराग वर्मा ने ज़िले में प्रभावित हुए ग्राम वासियों और जिला प्रशासन के साथ नुक़सान संबंधी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बाढ़ में फँसे लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना, उन्हें राहत केंद्रों में सुरक्षित रखना और छोटे बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही विशेष गिरदावरी करवाकर फसलों के नुक़सान का मुआवज़ा देने की घोषणा कर चुकी है। ज़िला अधिकारियों को फसलों के नुक़सान संबंधी आँकड़े एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार उचित मुआवज़ा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ज़िला फिरोज़पुर में लगभग 107 गाँव प्रभावित हुए हैं और 45,000 लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। प्रभावित कुछ ग्रामीणों को ज़िला प्रशासन द्वारा स्थापित आठ राहत केंद्रों में सुरक्षित रखा गया है, जहाँ उन्हें भोजन-पानी समेत सभी आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि गाँव गट्टी राजोके में ग्रामीणों ने उनके ध्यान में लाया कि गाँव से बाढ़ के पानी की निकासी धीमी है। इस पर ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जेसीबी की मदद से जल्द से जल्द पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, सड़क पर पानी आने से कई गाँवों का संपर्क कट गया है, जिसके लिए कनेक्टिविटी बहाल करने हेतु राहत कार्यों को तेज़ी से करने के आदेश दिए गए।
उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन दिन-रात राहत कार्यों में जुटा है और तिरपाल सहित आवश्यक वस्तुएँ एनडीआरएफ व बीएसएफ की मदद से पहुँचाई जा रही हैं। अब तक 3300 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद में हर स्तर पर आगे बढ़कर काम कर रही है। वर्षा अधिक या कम होने की स्थिति में बाँध से पानी छोड़ने संबंधी सभी गणनाएँ विभागों के सहयोग से की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह मुस्तैद है और हर स्थिति का सामना करने के लिए ठोस योजना बनाई गई है।
इसके बाद श्री अनुराग वर्मा ने फ़ाज़िल्का ज़िले में बाढ़ राहत प्रबंधों की समीक्षा हेतु एसडीएम कार्यालय जलालाबाद में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने ज़िले की ताज़ा स्थिति की जानकारी लेने के बाद डिप्टी कमिश्नर व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे और हर ज़रूरतमंद तक राहत सामग्री पहुँचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने ड्रेनेज विभाग को निर्देश दिए गए कि सतलुज क्रीक के बाँध और ड्रेनों पर पूरी निगरानी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई और कटाव या ब्रीच न हो। उन्होंने हिदायत दी कि ड्रेनों में पानी का प्रवाह बाधित न हो और यदि कहीं रुकावट आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए ताकि ओवरफ्लो की स्थिति न बने।
उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में पहुँचे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और प्रभावित परिवारों की पहचान सुनिश्चित करते हुए उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) डॉ. मनदीप कौर, एसडीएम कृष्ण पाल राजपूत एवं कमरजीत सिंह मान, सहायक कमिश्नर (जनरल) अमनदीप सिंह मावी, कार्यकारी अभियंता ड्रेनेज आलोक चौधरी, डीएसपी अविनाश चंद्र भी मौजूद थे।