लोगों को बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवज़ा मिलेगा – के. ए. पी. सिन्हा
मुख्य सचिव पंजाब ने अमृतसर और पठानकोट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया
कहा – पंजाब सरकार बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है
पानी में घिरे गाँवों तक पहुँचकर ली ज़मीनी स्थिति की जानकारी
चंडीगढ़, 31 अगस्त:
पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, विशेष गिरदावरी करवा कर हुए नुकसान का पूरा मुआवज़ा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी राहत कार्यों की निगरानी कर रही है। इसी कड़ी में अमृतसर ज़िले में तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि राहत गतिविधियों का प्रभावी संचालन हो सके।
मुख्य सचिव सिन्हा ने आज अमृतसर ज़िले के बाढ़ प्रभावित अजनाला, रमदास और पठानकोट के बमियाल व नरोट जैमल सिंह ब्लॉक का दौरा किया। उन्होंने रावी नदी के धुसी बांध की स्थिति का जायज़ा लिया और गाँव चमियारी में बनाए गए राहत केंद्र में किए गए प्रबंधों की समीक्षा की।
उन्होंने पानी से घिरे गाँवों में पहुँचकर सीधे लोगों से मुलाकात की और ज़िला प्रशासन द्वारा पहुँचाई गई सहायता का फीडबैक लिया। कई गाँवों में उन्होंने स्वयं राहत सामग्री वितरित की और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर आने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सेना और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने सेना, एन. डी. आर. एफ., पुलिस और सिविल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।
मुख्य सचिव ने कहा कि रावी नदी में अधिक पानी आने से धुसी बांध को नुकसान हुआ, जिससे पठानकोट ज़िले के कई गाँव प्रभावित हुए हैं। हालांकि अब नदी का जलस्तर घट रहा है और पानी प्रभावित क्षेत्रों से उतर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों को और तेज़ किया जाए ताकि अधिक से अधिक परिवारों तक मदद पहुँच सके।
इस दौरान जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार, पंजाब सरकार की ओर से नियुक्त प्रशासनिक सचिव स्तर के अधिकारी कमल किशोर यादव, वरुण रूज़म और बसंत गर्ग, डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी, ज़िला पुलिस प्रमुख मनिंदर सिंह, एन. डी. आर. एफ. के डिप्टी कमांडर अनिल तालकुत्रा, कर्नल रॉबिन एंथनी, पठानकोट के डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल, एस. एस. पी. दलजिंदर सिंह ढिल्लों और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) हरदीप सिंह मौजूद रहे।