Sunday, August 31, 2025
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पंजाब पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों पर संभावित हमले को नाकाम किया; दो बी.के.आई. कार्यकर्ता हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल सहित गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों पर संभावित हमले को नाकाम किया; दो बी.के.आई. कार्यकर्ता हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल सहित गिरफ्तार

— बी.के.आई. समर्थित विदेशी कार्यकर्ता गिरफ्तार व्यक्तियों को राज्य में आतंकी गतिविधियां करने के लिए निर्देशित कर रहे थे: डीजीपी गौरव यादव

— मॉड्यूल के बाकी साथियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी: ए.आई.जी. सी.आई. सुखमिंदर मान

चंडीगढ़/अमृतसर, 31 अगस्त

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान, गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) पठानकोट, सीआई लुधियाना और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) अमृतसर ने संयुक्त रूप से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) समर्थित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया और दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर राज्य में होने वाली आतंकी गतिविधियों को नाकाम कर दिया। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान सरवण कुमार, निवासी गांव मल्लियां (गुरदासपुर) और बलविंदर सिंह, निवासी जकड़िया (गुरदासपुर) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस टीमों ने इनके कब्जे से आर्गेस हैंड ग्रेनेड और तीन जिंदा कारतूस सहित .30 बोर स्टार मार्क पिस्तौल बरामद किया है।

यह कार्रवाई उस समय की गई जब सीआई पठानकोट ने एक सप्ताह से भी कम समय पहले दो नाबालिगों सहित चार सदस्यों वाले इसी नेटवर्क के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश कर टारगेट किलिंग को टाला था और उनके कब्जे से दो .30 बोर स्टार मार्क पिस्तौलें बरामद की थीं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे, जिन्हें बब्बर खालसा इंटरनेशनल का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को एक बिचौलिए के जरिए इन हैंडलरों से मिलवाया गया था।

डीजीपी ने कहा कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

ए.आई.जी. सीआई पठानकोट सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की रेकी करने और हमले को अंजाम देने के लिए विस्फोटक और फंड उपलब्ध कराए गए थे। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी एन्क्रिप्टेड ऐप्स और वर्चुअल फोन नंबरों का इस्तेमाल कर अपने हैंडलरों से संपर्क कर रहे थे।

ए.आई.जी. ने कहा कि इस बीकेआई समर्थित पूरे नेटवर्क का पता लगाने और गिरफ्तार व्यक्तियों द्वारा किए गए पिछले अपराधों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस संबंध में केस पुलिस स्टेशन एसएसओसी अमृतसर में आर्म्स एक्ट की धारा 25, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत एफआईआर नंबर 48, दिनांक 30.08.2025 को दर्ज किया गया है।

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