Saturday, August 30, 2025
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सरदार सुखबीर सिंह बादल ने अकालियों के खिलाफ दमन और बदलाखोरी पर कहा:इमरजेंसी के काले दौर से भी बदतर हालात

इमरजेंसी के काले दौर से भी बदतर हालात: सरदार सुखबीर सिंह बादल ने अकालियों के खिलाफ दमन और बदलाखोरी पर कहा

कहा सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ मामला राजनीतिक बदलाखोरी का

सिखों को पवित्र धार्मिक स्थल पर जाने से रोकने के लिए केजरीवाल बेअदबी के दोषी

चंडीगढ़/मोहाली/02जुलाई: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा कि सांम्प्रदायिक रूप से प्रेरित सिख विरोधी नेता अरविंद केजरीवाल ने आज सुबह गुरुद्वारा श्री अंब साहिब, मोहाली में माथा टेकने जा रहे अकाली कार्यकर्ताओं सहित श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस का दुरूपयोग करके पवित्र सिख गुरूघामों की बेअदबी की है।
इससे पहले सरदार बादल ने वरिष्ठ नेता स. बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के राजनीतिक बदलाखोरी के खिलाफ विरोध जताने के लिए अनगिनत कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी। उन्होने कहा,‘‘ यह मामला केजरीवाल की पंजाबियों के प्रति नफरत और पंजाब में अपने लालच और लूट को छिपाने की कोशिश के अलावा कुछ भी नही है।’’

अकाली अध्यक्ष को पुलिस दस्तों ने गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में माथा टेकने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होने अकाली नेता सरदार बिक्रम मजीठिया के खिलाफ राजनीतिक बदलाखोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए अकाली कार्यकर्ताओं को राज्य सतर्कता ब्यूरों कार्यालय जाना था।

शांतिपूर्ण तरीके से भारी गिनती में अकाली कार्यकर्ताओं को गुरुद्वारा साहिब के पवित्र परिसर के अंदर माथा टेकने और जमा होने से रोकने के लिए तैनात भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

सरदार बादल ने कहा कि आप पार्टी अकाली दल से इतनी डर गई है कि उसने अकाली कार्यकर्ताओं पर राज्य स्तरीय कार्रवाई की और सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद करने के अलावा एहतियातन गिरफ्तारियां भी की।

माझा के अकाली नेताओं को ब्यास पुल पार करने की अनुमति नही दी गई, जबकि अकाली कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पूरे राज्य में नाके लगाए गए थे।

पुलिस वैन से पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘ पंजाब में सब कुछ सांम्प्रदायिक गैर पंजाबी अरविंद केजरीवाल द्वारा निर्देशित और चलाया जा रहा है। पुलिस के मामले तो सिर्फ बहाना है । सच्चाई तो यह है कि इस सांम्प्रदायिक नेता को पंजाबियों से नफरत है। हम सिख, पंजाबी और अकाली के तौर पर उनकी चुनौती को स्वीकार करते हैं। हम पंजाब पर दिल्ली से सांम्प्रदायिक तत्वों का शासन नही होेने देंगें।’’

अकाली अध्यक्ष ने कहा,‘‘ केजरीवाल और उनके गिरोह ने आखिकार बेशर्मी से अपना असली तानाशाही रंग दिखा दिया है और इमरजेंसी के सबसे बुरे दिनों की काली यादें वापिस ला दी हैं। उन्होने कहा कि अब आपातकाल की तरह ही असली निशाना आम तौर पर पंजाबी और खासतौर पर अकाली हैं।’’

सरदार बादल ने कहा कि केजरीवाल अपने गिरोह द्वारा पंजाब में की जा रही लूट से लोगों का ध्यान हटाने के लिए आखिरी हताश उपाय के रूप में दमन का सहारा ले रहा है।

सरदार बादल ने कहा कि दमन और राजनीतिक प्रतिशोध सभी अलोकप्रिय और जड़हीन नेताओं द्वारा अपनाया जाने वाला अंतिम उपाय है। उन्होने कहा कि शांतिपूर्ण अकालियों पर दमन को इमरजेंसी यां जैतो दा मोर्चा के दौरान की गई कार्रवाई से भी बदतर बताते हुए कहा कि उन दिनों में भी सिखों को उनके पवित्र धार्मिक स्थल पर जाने से नही रोका गया था, क्योंकि आज अकाली कार्यकर्ताओं और मुझे मोहाली में गुरुघाम गुरुद्वारा अंब साहिब में शांतिपूर्वक जाने से रोका गया है।

सरदार बादल ने कहा,‘‘ मैं व्यक्तिगत रूप से अपने खिलाफ दमन की परवाह नही करता क्योंकि दमन के खिलाफ अवज्ञा मेरे खून में दौड़ती है। लेकिन मैं सरकार को हमारे शंातिपूर्ण अकाली कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमन के खिलाफ चेतावनी देता हूं।

अकाली दल अध्यक्ष ने आज के घटनाक्रम को ‘‘ लोकतंत्र, नागरिक आजादी और मानवाधिकारों की दिन दिहाड़े हत्या’करार दिया। उन्होने पूछा कि मानवाधिकारों के चैंपियन कहां हैं?

सरदार बादल ने कहा ,‘‘ मैं गैर-पंजाबियों द्वारा संचालित इस सरकार द्वारा सभी पंजाबियों को दी गई चुनौती को स्वीकार करता हूं । हम अंत तक इसका मुकाबला करेंगें।

सरदार बादल ने कहा,‘‘ अकाली दल न केवल हमारे राज्य और लोगों के संसाधनों की लूट के खिलाफ खड़ा होगा, बल्कि आप के इस तानाशाही कुशासन के खिलाफ भी खड़ा होगा जिसने पंजाब को दिवालिया बना दिया है और राज्य में सभी विकास कार्योंं को रोक दिया है।’’

इस बात पर जोर देते हुए कि इस तरह के तानाशाही कदमों का जोरदार तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए सरदार बादल ने पंजाबियों से पंजाब को आम आदमी पार्टी के चंगुल से आजाद कराने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

सरदार बादल ने दोहराया कि आप सरकार द्वारा अपने खजाने भरने के लिए 40 हजार एकड़ जमीन हड़पने की आप सरकार की कोशिश के खिलाफ लूट, कुशासन और बदलाखोरी के खिलाफ अकाली दल लुधियाना में 15 जुलाई को विरोध प्रदर्शन के अभियान की शुरूआत करेगा।

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