Sunday, August 31, 2025
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शिव भक्ति का अद्भुत केंद्र -उज्जैन का राजा महाकालेश्वर मंदिर

महाकाल का अर्थ है “महान काल” या “समय का देवता”।

महाकालेश्वर मंदिर – शिव भक्ति का अद्भुत केंद्र

उज्जैन का राजा:महाकालेश्वर मंदिर भारत के प्रमुख बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और उन्हें यहाँ महाकाल के रूप में पूजा जाता है, जिसका अर्थ है – “कालों के काल”, यानी समय और मृत्यु के भी अधिपति।

 महत्व

महाकालेश्वर मंदिर का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में मिलता है। स्कंद पुराण, शिव पुराण और महाभारत में इस मंदिर की महिमा का वर्णन किया गया है। माना जाता है कि यह मंदिर सदियों पुराना है और इसकी स्थापना स्वयं भगवान ब्रह्मा और विष्णु ने की थी।

महाकालेश्वर मंदिर की वास्तुकला अद्वितीय है। यह पाँच मंजिला मंदिर है, जिसमें से तीन मंजिलों पर शिव जी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है – महाकाल, नागचंद्रेश्वर और ओंकारेश्वर। मंदिर का मुख्य शिवलिंग ‘स्वयंभू’ माना जाता है, जो पृथ्वी से प्रकट हुआ है, और यही इसे अन्य ज्योतिर्लिंगों से अलग बनाता है।

भस्म आरती

महाकालेश्वर मंदिर की सबसे प्रसिद्ध और विशेष पूजा है भस्म आरती, जो प्रतिदिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में की जाती है। इस आरती में शिवलिंग पर चिता की भस्म अर्पित की जाती है, जो कि जीवन की क्षणभंगुरता और मृत्यु के सत्य को दर्शाती है। इस आरती को देखने के लिए देश-विदेश से भक्त उज्जैन आते हैं।

उज्जैन को भारत के सात पवित्र नगरों (सप्तपुरी) में गिना जाता है। महाकालेश्वर मंदिर केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर कुम्भ मेले का भी एक मुख्य केंद्र होता है, जो हर बारह वर्षों में उज्जैन में आयोजित होता है।

महाकालेश्वर मंदिर केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि शिव भक्ति, आत्मिक शांति और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यहां आकर व्यक्ति केवल दर्शन ही नहीं करता, बल्कि काल और मृत्यु के भय से भी मुक्त हो जाता है। यह मंदिर श्रद्धा, भक्ति और दिव्यता का ऐसा संगम है, जिसे एक बार अवश्य अनुभव करना चाहिए।

महाकाल के कई मंत्र हैं, जिनमें से कुछ प्रसिद्ध हैं:

  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
  • ॐ नमः शिवाय। 
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