स्वामी ब्रह्मानन्द को मुख्यमंत्री ने बताया युग-पुरुष, मानव सेवा और संस्कृति रक्षा के सच्चे अग्रदूत
News Written by Priyanka Thakur | www.24ghantenews.com
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानन्द एक युग-पुरुष और समाज को दिशा देने वाले प्रकाश स्तंभ रहे हैं। संत कबीर कुटीर में चूहर माजरा से आए अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी जी का जीवन मानव सेवा, धर्म, त्याग और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं का जीवन पूरे समाज को नैतिक मूल्यों, त्याग, प्रेम और सेवा की सीख देता है। स्वामी ब्रह्मानन्द ने कम उम्र में घर त्यागकर आध्यात्मिक साधना का मार्ग अपनाया और गुरुकुल कुरुक्षेत्र से वैदिक शिक्षा प्राप्त कर आर्य समाज के सिद्धांतों को जीवनभर अपनाया। वे एकेश्वरवाद और निराकार ईश्वर की उपासना का संदेश देते हुए मानव सेवा को सर्वोच्च मानते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महिलाओं की शिक्षा, गौ सेवा और समाज सुधार को उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया। 1947 में स्थापित गुरुकुल ओंकारपुरा की आदर्श गौशाला उनके विचारों की जीवंत मिसाल है।
उन्होंने कहा कि समाज में नैतिकता और सद्भाव को मजबूत करना हर व्यक्ति का दायित्व है। सरकार भी संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के माध्यम से उनके संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचा रही है।
समारोह में विभिन्न प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।


