Homepunjabगांव मटौर में विशाल कुश्ती दंगल में पहुंचे बलबीर सिंह सिद्धू, पहलवानों...

गांव मटौर में विशाल कुश्ती दंगल में पहुंचे बलबीर सिंह सिद्धू, पहलवानों का बढ़ाया हौसला

गांव मटौर में विशाल कुश्ती दंगल में पहुंचे बलबीर सिंह सिद्धू, पहलवानों का बढ़ाया हौसला
युवाओं को नशे से बचाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित करना जरूरी: बलबीर सिंह सिद्धू

21 अक्टूबर 2026 | मोहाली

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने गांव मटौर में आयोजित विशाल कुश्ती दंगल में शिरकत की और प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पहलवानों का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और पंजाब के पारंपरिक खेल कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि कुश्ती पंजाब की समृद्ध विरासत और पारंपरिक खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यह युवाओं में ताकत, अनुशासन, मेहनत और खेल भावना पैदा करती है। ऐसे खेल आयोजन हमारी विरासत को संजोने और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी नशे की मार झेल रही है, लेकिन सरकारें इस समस्या को जड़ से खत्म करने में नाकाम साबित हो रही हैं।

गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से हेरोइन की बड़ी खेपें पकड़े जाने के मामलों का हवाला देते हुए सिद्धू ने कहा कि गुजरात में भी भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा सत्ता में है। इसके बावजूद बंदरगाहों के माध्यम से नशे की तस्करी के मामले केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के रास्तों की पारदर्शी जांच करना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और इस गैरकानूनी धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले मानसा के परविंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए सिद्धू ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के साथ हो रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि शेरों के मोहंजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को काला झंडा दिखाकर नशे की समस्या के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनके साथ कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज भी नशे की समस्या राज्य के सामने एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। सरकार का नशा विरोधी अभियान केवल विज्ञापनों और बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। नशा तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने, नशे की लत से प्रभावित युवाओं के पुनर्वास और नशे की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

अंत में बलबीर सिंह सिद्धू ने गांव मटौर में कुश्ती दंगल आयोजित करने वाले आयोजकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पारंपरिक खेल को संरक्षित करने और युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ने के लिए आयोजकों के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देना, खेल मैदानों को बेहतर बनाना और युवाओं को आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाना समय की जरूरत है। पंजाब की विरासत और युवा पीढ़ी के भविष्य की रक्षा के लिए ऐसे प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments