डबल इंजन सरकार तिगुनी गति से करवा रही हरियाणा का विकास: मुख्यमंत्री
बवानी खेड़ा में ‘विकास संकल्प जनसभा’ में मुख्यमंत्री ने खोला विकास का पिटारा
मुख्यमंत्री ने 78 करोड़ रुपये की लागत की 7 विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास
बवानी खेड़ा के विकास के लिए रखी गई लगभग सभी मांगों को पूरा करने सहित हलके के गांवों के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये अलग से देने की घोषणा की
कहा, हरियाणा के विकास को नई गति देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
चंडीगढ़, 6 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को बवानी खेड़ा की अनाज मंडी में आयोजित विकास संकल्प जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। जनसभा में मुख्यमंत्री को सुनने अपार भीड़ उमड़ी। इस ऐतिहासिक जनसभा में मुख्यमंत्री ने लगभग 78 करोड़ रुपये की 7 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व हरियाणा में भाजपा की डबल इंजन सरकार आज तिगुनी गति से विकास कार्य करवा रही हैं। इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी, जनसभा के आयोजक विधायक श्री कपूर सिंह वाल्मीकि, सांसद चौ. धर्मबीर सिंह, पूर्व मंत्री श्रीमती किरण चौधरी, भिवानी विधायक श्री घनश्याम सर्राफ, नलवा विधायक श्री रणधीर सिंह पनिहार व पूर्व मंत्री श्री जेपी दलाल भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस जनसभा में जनता की अपार उपस्थिति हरियाणा की डबल इंजन सरकार की नीतियों पर अटूट विश्वास की मोहर है। उन्होंने बवानी खेड़ा के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कदम-कदम पर विकास की नई इबारत लिखी जाएगी और यह क्षेत्र तरक्की के नए शिखर छूएगा। उन्होंने बताया कि विगत 12 वर्षों में इस विधानसभा क्षेत्र में 1446 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत के विकास कार्य कराए गए हैं, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों में यह आंकड़ा मात्र 609 करोड़ 58 लाख रुपये था।
उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने इस इलाके के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एनएच-148बी का भिवानी-हांसी खंड 1322 करोड़ रुपये से पूर्ण हो चुका है, एनएच-709ए का निर्माण 749 करोड़ रुपये से किया गया है, भिवानी-खरक एनएच 709 ई को 169 करोड़ रुपये से चारमार्गीय बनाया गया है, मानहेरू-बवानी खेड़ा रेलवे लाइन दोहरीकरण 413 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन है जिसमें 12 किलोमीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि खरक कलां में जल घर 29 करोड़ 47 लाख रुपये और सुंदर डिस्ट्रीब्यूटरी लाइनिंग 21 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। फसल खरीद पर अब तक 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये सीधे भिजवाए जा चुके हैं। पिछले 12 वर्षों में फसल खराबे पर किसानों को 16 हजार 160 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख बहन-बेटियों को 2,100 रुपये प्रतिमाह की दर से 2,042 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं, ‘हर घर-हर गृहिणी’ योजना के अंतर्गत 15 लाख परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख की गई है तथा पंचायतों और नगर निकायों में आरक्षण दिया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में युवाओं के लिए बिना खर्ची-बिना पर्ची की नौकरी नीति के तहत 2 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। नई हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई नीति-2026 के माध्यम से 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने तथा 5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए हरियाणा ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति अभियान के तहत हरियाणा उदय कार्यक्रम का जिक्र करते हुए सभी जिलों में मैराथन, साइक्लोथॉन, सेमिनार आयोजित करने और नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संत गुरु रविदास जी महाराज के 650 वें प्रकाश पर्व को राज्य स्तर पर भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आमजन से 5 अक्टूबर को हरियाणा पहुंचने वाली समरसता यात्रा में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में भी जनकल्याण, सुशासन और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
78 करोड़ की योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए:
मुख्यमंत्री ने आज 3.51 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुजरानी, 2.62 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलिंगा के भवन, गांव खेड़ा में 16.98 करोड़ से तैयार हुए कैनाल रेस्ट हाउस के कार्यालय परिसर और स्टाफ आवासीय भवन तथा बवानी खेड़ा में 28.89 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दो जलघरों के नवीनीकरण और जलापूर्ति वितरण नेटवर्क का उद्घाटन किया।
इनके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रेम नगर में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले दीनदयाल उपाध्याय 25 बिस्तरों के आयुर्वेदिक अस्पताल, नाथुवास से गुजरानी होते हुए बामला तक 10.59 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई लिंक रोड और 4.72 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बलियाली के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का शिलान्यास भी किया।
सरकार ने पेयजल व सिंचाई व्यवस्था को किया मजबूर: श्रुति चौधरी
हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में प्रदेश की भलाई और 36 बिरादरियों सहित हर वर्ग के हित के लिए निरंतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से हरियाणा की सिंचाई व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन होने जा रहा है। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से हरियाणा में 6000 करोड़ रुपये की राशि से सभी प्रमुख नहरों, चैनलों आदि के नवनिर्माण से प्रदेश की सभी टेलों पर पानी पहुंचेगा। इसके अलावा बुटाना ब्रांच और सुंदर ब्रांच के कार्य भी क्रमशः 211 करोड़ रुपये और 190 करोड़ रुपये की लागत से मंजूर किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों और क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो तथा सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
केबिनेट मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि पूर्व में हमारे इस क्षेत्र के सुधार में स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल और स्वर्गीय चौधरी सुरेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने इस सूखे इलाके को हरा-भरा बनाने के लिए बहुत काम किए। सिंचाई विभाग के माध्यम से उन्होंने लिफ्ट इरिगेशन स्कीम लागू की, जो अपने आप में एक मिसाल है। उनके बाद अब श्री नायब सिंह सैनी की वर्तमान सरकार इस क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार बारिश की कमी के चलते नहरों में पानी की कमी है लेकिन जल्द ही नहरी पानी की 16 दिन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जनसभा के संयोजक विधायक श्री कपूर सिंह वाल्मीकि ने बवानी खेड़ा पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया और हलके के विकास के लिए मांग पत्र सौंपा।
क्रमांक-2026
हलका बवानी खेड़ा के विकास के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल खोल कर की धन वर्षा
कहा, डिलिमिटेशन का काम पूरा होते ही बवानी खेड़ा को मिलेगा उपमंडल का दर्जा
चंडीगढ़, 6 सितंबर- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को बवानी खेड़ा की अनाज मंडी में आयोजित ‘विकास संकल्प जनसभा’ में कार्यक्रम के आयोजक बवानी खेड़ा के विधायक कपूर वाल्मिकी द्वारा मंच के माध्यम से रखी गई मांगों से भी आगे बढ़कर दिल खोलकर धनवर्षा करते हुए करोड़ों रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बवानी खेड़ा को उपमंडल का दर्जा देने की वर्षों पुरानी मांग पर कहा कि डिलिमिटेशन का काम पूरा होते ही वर्ष 2028 में बवानी खेड़ा को उपमंडल का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस घोषणा पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों और जयकारो के साथ मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि बवानी खेड़ा कस्बे के 50 बिस्तरों के नागरिक अस्पताल का विस्तार करते हुए इस पर 50 करोड़ की राशि खर्च कर नए भवन का निर्माण व सभी प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। गांव रेवाड़ी खेड़ा में साढ़े 16 करोड़ की लागत से 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। गांव खरक कलां में महिला कॉलेज के भवन का निर्माण कराया जाएगा। बवानी खेड़ा कस्बे में जमीन उपलब्ध होने के बाद नई सब्जी मंडी का निर्माण करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव बलियाली व जमालपुर में 90-90 लाख की लागत से ग्राम सचिवालयों का निर्माण कराया जाएगा। गांव बड़सी गुजरान व गांव सैय में क्रमशः 90-90 लाख की लागत से बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गांव कलिंगा में 85 लाख की राशि से महाराणा प्रताप कम्युनिटी सेंटर व गांव मढ़ाणा में 1.75 करोड़ की लागत से और गांव मुंढाल कलां में 80 लाख की लागत से कम्युनिटी सेंटर का निर्माण करवाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने गांव सिरसा घोघड़ा में 19 लाख की लागत से पार्क का निर्माण, गांव कलिंगा में 24 करोड़ 47 लाख की लागत से जल घर का पुनर्निर्माण व विस्तार, गांव जाटू लोहारी में भूमि उपलब्धता के आधार पर स्टेडियम और गांव तिगड़ाना व धनाना में 50-50 लाख की लागत से खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बवानी खेड़ा में एक करोड़ की लागत से ई-लाइब्रेरी और दो करोड़ की लागत से महर्षि वाल्मीकि भवन का निर्माण करवाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बवानी खेड़ा में 50 लाख की लागत से महात्मा ज्योति फूले के नाम से भवन का निर्माण करवाने और कस्बे में 5 करोड़ की लागत से बवानी खेड़ा नगर पालिका कार्यालय के नए भवन का निर्माण व 15 करोड़ की लागत से महर्षि वाल्मीकि के नाम से स्टेडियम और दस करोड़ की लागत से बवानी खेड़ा में लोक निर्माण विभाग के नए रेस्ट हाउस का निर्माण करवाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र की मार्केटिंग बोर्ड की 13 सड़कें जो डीएलपी के अधीन हैं, इन 40.7 किलोमीटर की सड़कों का रखरखाव संबंधित एजेंसी द्वारा कराए जाने, बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र की पीडब्ल्यूडी की 68 सड़कों जो डीएलपी के अधीन हैं, इन 184.10 किलोमीटर की सड़कों का रखरखाव एजेंसी द्वारा कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 94.5 किलोमीटर लंबाई की 47 सड़कों की 55 करोड़ 45 लाख की लागत से स्पेशल रिपेयर करवाई जाएगी। उन्होंने खेत खलिहान के 25 किलोमीटर के कच्चे रास्तों का निर्माण करवाने और विधानसभा के सभी गांवों के विकास के लिए 5 करोड़ की राशि जारी किए जाने की घोषणा की।
क्रमांक-2026
हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों को दीर्घकालिक जॉब सिक्योरिटी, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने की व्यापक पहल की
सफाई कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
चंडीगढ़, 6 सितंबर- हरियाणा सरकार ने नगर निकायों में पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी, नियमित वेतनवृद्धि और अन्य सुविधाओं के माध्यम से बेहतर सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इन कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है, ताकि उन्हें नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ उपलब्ध करवाए जा सकें।
वर्तमान में प्रदेश के नगर निकायों में 13,093 पालिका रोल पर सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को वर्तमान में 20,590 रुपये मासिक राशि दी जा रही है। सरकार द्वारा अधिनियम के दायरे में लाने के फैसले से इन कर्मचारियों के भविष्य को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार की पहल से पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों की 60 वर्ष की आयु तक सेवा की सुरक्षा (जॉब सिक्योरिटी) सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही उन्हें 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता भी मिलेगा। सफाई कर्मचारियों के कार्य की प्रकृति और उनके द्वारा प्रतिदिन किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्य को देखते हुए यह कदम उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
सरकार ने अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों से आगे भी बढ़ाया कदम:
सरकार ने कर्मचारियों के हित में एक और सैद्धांतिक निर्णय लेते हुए अधिनियम के तहत मिलने वाली पात्रता के अतिरिक्त मासिक वेतन में 15 प्रतिशत अधिक राशि देने पर भी सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की है। इससे पालिका रोल पर लंबे समय से सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। पालिका रोल पर 10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों की मासिक देय राशि बढ़कर 25,560 रुपये हो जाएगी। इसके अलावा सरकार हर छह महीने बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत है।
सामाजिक सुरक्षा के साथ सम्मानजनक भविष्य की गारंटी:
हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम, 2024 के तहत पात्र कर्मचारियों को वार्षिक महंगाई भत्ता, डेथ-कम-ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) के तहत एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता तथा नियुक्ति से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार ने कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। इस प्रकार सरकार की यह पहल केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सफाई कर्मचारियों को दीर्घकालिक नौकरी की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने की व्यापक पहल है।
सफाई कर्मचारियों के योगदान को सम्मान:
सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उनके हितों की रक्षा की जाए और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा, बेहतर वेतन और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने का यह सैद्धांतिक निर्णय इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
क्रमांक-2026
युवा शक्ति के संकल्प से नशामुक्त बनेगा हरियाणा: श्री नायब सिंह सैनी
रेवाड़ी मैराथन में ‘नशा मुक्त हरियाणा-खेल युक्त हरियाणा’ थीम पर दौड़े 50 हजार से अधिक नागरिक, मैराथन को मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
नशे की समस्या को राजनीतिक नहीं, युवाओं और परिवारों के भविष्य से जोड़कर देख रही हरियाणा सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में युवाओं से मांगा सहयोग, मुख्यमंत्री ने पुष्प वर्षा कर 50 हजार से अधिक धावकों का बढ़ाया उत्साह
फ्लैग ऑफ मंच तथा मैराथन ट्रैक पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया युवाओं का जोश
मुख्यमंत्री ने विजेताओं को नगद पुरस्कार से किया सम्मानित
चंडीगढ़, 6 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की युवा शक्ति ने नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है और युवाओं का यही जोश प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अभियान को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने नशे की चुनौती से निपटने के लिए कार्रवाई, जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर मजबूत व्यवस्था तैयार की है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को रेवाड़ी में ‘नशा मुक्त हरियाणा-खेल युक्त हरियाणा’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को खेलों से जोड़कर नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित हाफ मैराथन को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। ‘नशे से जंग-रेवाड़ी के संग’ थीम पर आयोजित इस भव्य मैराथन में रेवाड़ी के विधायक श्री लक्ष्मण यादव, बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, कोसली के विधायक श्री अनिल यादव तथा नलवा के विधायक श्री रणधीर पनिहार, श्री पंकज नैन, मैराथन की ब्रांड एंबेसडर राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
नशे की समस्या को राजनीतिक नहीं, युवाओं और परिवारों के भविष्य से जोड़कर देख रही हरियाणा सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को फ्लैग ऑफ करने से पूर्व अपने संबोधन में कहा कि रेवाड़ी जैसी वीरता, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की धरती पर नशे जैसी सामाजिक बुराई के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि लंबे समय से चली आ रही चुनौती है, जिस पर पहले गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। पिछले 12 वर्षों में हरियाणा सरकार ने इस समस्या को राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि हरियाणा के परिवारों और युवाओं के भविष्य से जोड़कर देखा है। सरकार नशे के खिलाफ प्रभावी एवं ठोस कदम उठाते हुए युवाओं को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त युवा ही खुशहाल परिवार की आधारशिला है, हुनरमंद युवा ही समृद्ध हरियाणा का निर्माण करेगा और संकल्पवान युवा ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनेगा।
मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में युवाओं से मांगा सहयोग:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की बिक्री या ड्रग पैडलिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त है, तो वे चुप न रहें। उनकी एक सूचना किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक युवा कम से कम 10 अन्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी ले, तो यह संकल्प शीघ्र ही एक विराट जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि नशा पीड़ितों की सहायता तथा ड्रग पैडलिंग की गतिविधियों की सूचना देने के लिए टोल-फ्री एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9050891508 शुरू किया गया है। इसके अलावा नशीले पदार्थों से संबंधित शिकायतें ‘मानस’ पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1933 के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, इसलिए नागरिक बिना किसी भय के नशे के खिलाफ इस अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित जन को नशे के खिलाफ जारी अभियान में सहभागिता की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने पुष्प वर्षा कर 50 हजार से अधिक धावकों का बढ़ाया उत्साह:
हाफ मैराथन के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने फ्लैग ऑफ मचान से 50 हजार से अधिक धावकों व अन्य प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं, मैराथन ट्रैक पर ड्रोन के माध्यम से भी 50 हजार से अधिक धावकों पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस आत्मीय स्वागत से धावकों में जोश और उमंग का माहौल बना रहा। आसमान से बरसते फूलों और जोश के साथ दौड़ का दृश्य आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। पुष्प वर्षा के बीच धावकों ने भी उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और पूरे जोश के साथ मैराथन में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने मैराथन ट्रैक पर पहुंचकर धावकों का किया उत्साहवर्धन:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी फन रन में शामिल हजारों धावकों को फ्लैग ऑफ करने के बाद स्वयं मैराथन ट्रैक पर पहुंचे और धावकों के साथ दौड़ लगाते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच दौड़ता देखकर धावकों में खासा जोश और उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मैराथन में भाग ले रहे प्रतिभागियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मैराथन ट्रैक के साथ ग्रीनबेल्ट में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया युवाओं का जोश:
मैराथन के दौरान फ्लैग ऑफ मंच से लेकर मैराथन ट्रैक तक विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। फ्लैग ऑफ मंच पर गायक नवीन पुनिया एवं सत्यन लांबा की प्रस्तुतियों ने माहौल में जोश और उमंग भरा। वहीं, मैराथन ट्रैक पर बनाए गए विभिन्न कल्चरल पॉइंट्स पर जिला के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से धावकों में जोश भरने का कार्य किया। इसके साथ सैंड आर्ट और नशामुक्त हरियाणा का संदेश देते हुई प्रदर्शनियों ने जागरूकता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने विजेताओं को नगद पुरस्कार से किया सम्मानित:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रिकार्ड भागेदारी के साथ संपन्न हुई रेवाड़ी मैराथन के विजेता प्रतियोगियों को राव तुलाराम स्टेडियम के सामने बने मंच पर नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सुबह 6 बजे आरंभ हुई 10 किलोमीटर की हाफ मैराथन के पुरुष वर्ग में मोनू कुमार ने पहला स्थान हासिल कर दौड़ अपने नाम की। रेस में दूसरे नंबर पर धर्मेंद्र रहे तथा तीसरा पुरस्कार रामसंगरुप ने जीता। इसी मैराथन के महिला वर्ग में सरिता पाल पहले स्थान पर रही। दूसरा पुरस्कार सोनिका व तृतीय पुरस्कार नीता रानी ने मुख्यमंत्री के हाथों प्राप्त किया।
सुबह 7 बजे शुरू हुई 5 किलोमीटर की मैराथन में यश को पुरुष वर्ग में प्रथम पुरस्कार मिला। इसी दौड़ में पंकज ने द्वितीय तथा शंकरदयाल ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। महिला वर्ग में पूजा सबसे आगे रही। दूसरे स्थान पर सोनिया व तीसरे स्थान पर नीलम ने बाजी मारी। मुख्यमंत्री ने 10 किलोमीटर के प्रथम तीन विजेताओं को क्रमशः एक लाख, 50 हजार व 21 हजार रुपए का चेक व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया। इसी प्रकार 5 किलोमीटर के पहले तीन स्थान हासिल करने वाले धावकों को 5100, 3100 व 2100 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ को भी सम्मानित किया गया ।
क्रमांक 2026
*जेलों की सुरक्षा से समझौता नहीं, आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी पहरेदारी :
डॉ. अरविंद शर्मा*
अंबाला में कामयाब हुई ‘फोनबंदी’ तकनीक, अब प्रदेश की जेलों में हाईटेक पहरेदारी
जैमर के बजाय टावर आधारित प्रणाली से अवैध मोबाइल पर शिकंजा
पायलट प्रोजेक्ट के सकारात्मक नतीजों के बाद अन्य जेलों में विस्तार की तैयारी
चंडीगढ़, 6 सितंबर- हरियाणा के सहकारिता, पर्यटन, कारागार एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जेलों को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जा रहा है। अंबाला जेल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई टावर हार्मोनिक्स कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली ने अवैध मोबाइल फोन के जरिए कॉल और इंटरनेट के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता हासिल की है। इसके सकारात्मक परिणामों के बाद अब प्रदेश की अन्य जेलों में भी इस तकनीक को लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जेलों के भीतर अवैध मोबाइल फोन का इस्तेमाल रोकना विभाग की प्राथमिकता है। मोबाइल फोन बरामद करने के साथ-साथ उसके इस्तेमाल की संभावना को ही समाप्त करना अधिक प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और जेलों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
जैमर के बजाय टावर आधारित प्रणाली
इस तकनीक की खासियत यह है कि इसके लिए पारंपरिक मोबाइल जैमर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जेल परिसर में विशेष टावर लगाए जाते हैं, जिनके माध्यम से वहां मौजूद मोबाइल फोन को लक्षित तरीके से नियंत्रित किया जाता है। इससे जेल परिसर में मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह बाधित किए बिना अवैध फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है।
अंबाला में सफल प्रयोग के बाद अन्य जेलों में विस्तार
जेल विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अंबाला जेल को इस तकनीक के पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना था। यहां प्रणाली की कार्यप्रणाली, नेटवर्क कवरेज और अवैध मोबाइल के इस्तेमाल को रोकने की क्षमता का परीक्षण किया गया। पायलट प्रोजेक्ट के संतोषजनक परिणामों के बाद अब प्रदेश की अन्य जेलों में भी इसे लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
टावर आधारित प्रणाली के माध्यम से जेल परिसर में मौजूद अवैध मोबाइल फोन की कॉल और इंटरनेट सेवाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे जेल से बाहर होने वाले अनधिकृत संपर्क पर अंकुश लगाने में जेल प्रशासन को मदद मिलेगी। खास तौर पर उन परिस्थितियों में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जहां बंदी जेल के भीतर से बाहरी लोगों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं।
हरियाणा जेल विभाग पारंपरिक तलाशी और निगरानी व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़कर जेलों की सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। अंबाला में सफल प्रयोग के बाद अन्य जेलों में इस प्रणाली की आवश्यकता और तकनीकी परिस्थितियों का आकलन कर इसके विस्तार की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


