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डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, सरकार ने अनुसूचित जाति के 4,817 लाभार्थियों के लिए 24.57 करोड़ रुपये जारी किए हैं।*

*डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, सरकार ने अनुसूचित जाति के 4,817 लाभार्थियों के लिए 24.57 करोड़ रुपये जारी किए हैं।*

* आशीर्वाद योजना के अंतर्गत 15 जिलों में लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई *

निम्न आय वर्ग की बेटियों की शादी के लिए डीबीटी के माध्यम से ₹51,000 की प्रत्यक्ष सहायता।

चंडीगढ़, 5 मार्च:

सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को समझते हुए, सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हाशिए पर पड़े और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुनियोजित कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रही है।

इस संबंध में मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति की बेटियों के विवाह के लिए 4,817 पात्र लाभार्थियों को 24.57 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है।

मंत्रिमंडल मंत्री ने आगे बताया कि श्री अमृतसर साहिब, बरनाला, फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, एस.ए.एस. – नगर, संगरूर, मलेरकोटला और तरनतारन – इन 15 जिलों से आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से कुल 4,817 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से सभी के लिए राशि जारी कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि इस राशि के माध्यम से अमृतसर साहिब के 739, बरनाला के 172, फरीदकोट के 190, श्री फतेहगढ़ साहिब के 124, गुरदासपुर के 437, होशियारपुर के 471 और जालंधर के 135 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसी प्रकार लुधियाना (272), मोगा (260), श्री मुक्तसर साहिब (410), पटियाला (519), नगर (124), संगरूर (305), मलेरकोटला (98) और तरनतारन (561) के एस.ए.एस. लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ दिया गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत कम आय वाले परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना, गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में होना और अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना अनिवार्य है। जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹32,790 से कम है, वे अधिकतम दो बेटियों के लिए इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

मंत्रिमंडल मंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है।

उन्होंने यह कहकर अपनी बात समाप्त की कि पंजाब सरकार सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने और समावेशी विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि प्रत्येक पात्र परिवार सम्मान और पारदर्शिता के साथ कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके।

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