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न्यायपालिका की नियुक्ति पर भगवंत मान-केजरीवाल की झुनडली रच रही ‘पहले बदनाम करो’ ऑपरेशन का षड्यंत्र: तरुण चुग

न्यायपालिका की नियुक्ति पर भगवंत मान-केजरीवाल की झुनडली रच रही ‘पहले बदनाम करो’ ऑपरेशन का षड्यंत्र: तरुण चुग

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर मान सरकार के आरोप संवैधानिक मर्यादाओं पर सीधा हमला: चुग

चंडीगढ़, 7 सितंबर:

भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुग ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को लेकर भगवंत मान सरकार के रुख पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की जोड़ी न्यायपालिका के मामले में भी ‘पहले बदनाम करो’ ऑपरेशन चला रही है और न्यायपालिका के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है।

चुग ने कहा, “पंजाब में इस समय लोकतंत्र नहीं, बल्कि केजरीवाल के तानाशाही और नादरशाही फरमान चल रहे हैं। पौने पांच साल में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं ने पंजाब को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए AAP सरकार संवैधानिक संस्थाओं को भी राजनीतिक टकराव में घसीट रही है।”

उन्होंने कहा कि केजरीवाल और भगवंत मान हर संस्था पर राजनीतिक नियंत्रण चाहते हैं, लेकिन “हाई कोर्ट कोई मोहल्ला कमेटी नहीं है, जिसे आम आदमी पार्टी बैठकर तय करेगी कि उसका मुख्य न्यायाधीश कौन होगा। संविधान ने हर संस्था की सीमा और गरिमा तय की है और AAP बार-बार उन्हीं संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन कर रही है।”

चुग ने कहा कि न्यायपालिका को पहले बदनाम करना और फिर उसकी नियुक्ति प्रक्रिया पर राजनीतिक सवाल खड़े करना AAP की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। “जब मुख्यमंत्री और कैबिनेट ही मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को अपनी राजनीतिक मर्जी से तय करने लगेंगे, तो न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्ष न्याय का क्या अर्थ रह जाएगा?”

उन्होंने AAP नेता और पंजाब के पूर्व प्रभारी मनीष सिसोदिया के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “मनीष सिसोदिया ने चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद, सच, झूठ, लड़ाई, झगड़ा और षड्यंत्र तक करने की बात कही थी। अब लगता है कि उसी सोच को अमली जामा पहनाने के लिए AAP ने न्यायपालिका को भी बदनाम करने का अभियान शुरू कर दिया है।”

चुग ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पंजाब सरकार के इस रुख पर गंभीर आपत्ति जताई है और इसे कार्यपालिका के अतिक्रमण तथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक बताया है।

उन्होंने कहा, “देश और पंजाब की जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है। AAP की राजनीतिक साजिशें अब न्यायपालिका तक पहुंच गई हैं। न्यायपालिका की स्वतंत्रता से खिलवाड़ और संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक दबाव में लाने की कोई भी कोशिश भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।”

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