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भगवंत मान सरकार द्वारा सख्त समय-सीमा और जवाबदेही के साथ ‘रंगला पंजाब विकास स्कीम’ में तेजी : हरपाल सिंह चीमा

भगवंत मान सरकार द्वारा सख्त समय-सीमा और जवाबदेही के साथ ‘रंगला पंजाब विकास स्कीम’ में तेजी : हरपाल सिंह चीमा*

– दूसरे चरण के कार्य शुरू करने के लिए 10 जून की समय-सीमा और पूरा करने के लिए 31 जुलाई निर्धारित : हरपाल सिंह चीमा

– तीसरे चरण के प्रस्ताव दो दिनों के भीतर जमा किए जाएं, बिना किसी कारण देरी होने पर विकास अनुदान रोक दिए जाएंगे : हरपाल सिंह चीमा

– मुख्य सचिव ने बिलों में देरी करने वाली कार्यकारी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने उपयोगिता प्रमाण-पत्र तुरंत जमा करवाने के निर्देश दिए

चंडीगढ़, 5 जून 2026:

पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को ‘रंगला पंजाब विकास स्कीम’ के दूसरे चरण के तहत विकास कार्य 10 जून तक शुरू करने और 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगले दो दिनों के भीतर प्रस्ताव जमा न करने वाले क्षेत्रों के लिए तीसरे चरण की फंडिंग पूरी तरह रोक दी जाएगी।

पंजाब भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्कीम की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सभी संबंधित विभागों के सचिवों को भी सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि उनके विभागों से संबंधित परिस्कीमएं निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें।

राज्य के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त न करने की बात दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने दृढ़ता से कहा, “तीसरे चरण के प्रस्तावों के लिए दो दिनों का समय अंतिम है और जवाबदेही तय की जाएगी। यदि तीसरे चरण के प्रस्ताव दो दिनों के भीतर जमा नहीं किए गए, तो संबंधित क्षेत्रों के विकास अनुदान बिना कारण हुई देरी के कारण रोक दिए जाएंगे।”

इसके अलावा, वित्त मंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे आगामी वर्षा ऋतु को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए इन कार्यों की रणनीति तैयार करें और उन्हें पूरा करवाएं, ताकि चल रही आधारभूत ढांचा प्रोजेक्टों में मौसम के कारण कोई बाधा या देरी न आए।

प्रशासनिक अनुशासन की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे पूर्ण हो चुके कार्यों से संबंधित सभी वित्तीय बिल समय पर जमा करवाना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रशासनिक देरी की पूरी जिम्मेदारी सीधे संबंधित कार्यकारी एजेंसी की होगी तथा लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वित्तीय पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ ने पहले से पूर्ण हो चुके कार्यों के सभी लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूटिलाइज़ेशन सर्टिफिकेट) तुरंत जमा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को यह भी निर्देश दिया कि वे एक स्थायी और समयबद्ध प्रणाली स्थापित करें, ताकि भविष्य में सभी उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर जमा किए जा सकें और पंजाब भर में विकास फंडों का प्रवाह निर्बाध रूप से जारी रहे।

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