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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर बिजली निगमों के प्रबंध निदेशकों ने की संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, बिजली व्यवस्था जल्द सामान्य करने पर जोर*

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर बिजली निगमों के प्रबंध निदेशकों ने की संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, बिजली व्यवस्था जल्द सामान्य करने पर जोर*

 

*एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएन, डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशकों ने संयुक्त बैठक कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के अधिकारियों को दिए निर्देश*

 

*उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता*

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर — हरियाणा में बिजली कर्मचारी यूनियनों की हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (DHBVNL) के प्रबंध निदेशकों ने संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिजली आपूर्ति बहाली की स्थिति की समीक्षा की।

हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) के प्रबंध निदेशक डॉ आदित्य दहिया और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (DHBVNL) के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह ने शुक्रवार को पंचकूला में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति को यथाशीघ्र सामान्य बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और तकनीकी टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करते हुए बिजली आपूर्ति बहाली के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

तीनों बिजली निगमों के मुख्य अभियंता तथा संबंधित अधीक्षण अभियंता एवं कार्यकारी अभियंता भी शामिल हुए। बैठक में बिजली आपूर्ति बहाली से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकतानुसार संसाधनों और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

डॉ आदित्य दहिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश स्पष्ट हैं कि प्रदेश के नागरिकों को बिजली आपूर्ति के कारण किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार बिजली उपभोक्ताओं के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं निगमों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

क्रमांक – 2026

 

*समानांतर बिजली लाइसेंस के विरोध में सरकार और कर्मचारी एकजुट: ऊर्जा मंत्री अनिल विज*

 

 

*हरियाणा सरकार ने निजी कंपनी को बिजली लाइसेंस देने के निर्णय को पहले दिन से चुनौती दी: अनिल विज*

 

 

*धारा 108 और 94 के तहत सरकार करेगी कार्रवाई, रिव्यू पिटीशन दायर करने की तैयारी: ऊर्जा मंत्री*

 

 

*बिजली कर्मचारियों की हड़ताल वापस, सरकार-यूनियनों के बीच सकारात्मक बातचीत*

 

 

*समानांतर बिजली लाइसेंस मामले पर अनिल विज बोले- सरकार ने किसी निजी कंपनी से आवेदन नहीं मांगे थे*

 

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर – हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग द्वारा निजी कंपनी को समानांतर बिजली लाइसेंस देने संबंधी निर्णय का राज्य सरकार ने पहले दिन से ही विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस संबंध में किसी निजी कंपनी से आवेदन आमंत्रित नहीं किए थे। हालांकि, विद्युत अधिनियम, 2003 में ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत संबंधित कोई भी व्यक्ति आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

श्री विज आज यहां बिजली प्रतिनिधियों की बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिस दिन से यह मामला सामने आया, उसी दिन से बिजली कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध किया और राज्य सरकार ने भी अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने विधानसभा में भी विस्तार से सरकार का रुख रखा था और अन्य राजनीतिक दलों से भी अपील की थी कि यदि वे इस मुद्दे पर सहमत हैं, तो आयोग के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही इस निर्णय को चुनौती देने और इसके विरुद्ध कानूनी विकल्प अपनाने का रुख अपनाया है। आज बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में सहमति बनी कि विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत राज्य सरकार आयोग को आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। इसी के अनुरूप अधिकारियों को कार्रवाई तत्काल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, अधिनियम की धारा 94 के तहत हम इसकी रिव्यू पिटीशन भी फाइल करने वाले हैं और इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर बिजली कर्मचारी यूनियनों के साथ खड़ी है। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने इसी भावना के तहत हड़ताल वापस लेने तथा तत्काल प्रभाव से बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों को काम पर लौटने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच आज सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की शेष मांगों पर भी बातचीत जारी रहेगी और इस संबंध में आगामी 3 नवंबर को एक बैठक चंडीगढ़ में निर्धारित की गई है।

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