Homepunjabमुख्यमंत्री ने 8 जून, 2026 को प्रदेश से भव्य सोमनाथ यात्रा निकालने की करी घोषणा

मुख्यमंत्री ने 8 जून, 2026 को प्रदेश से भव्य सोमनाथ यात्रा निकालने की करी घोषणा

मुख्यमंत्री ने 8 जून, 2026 को प्रदेश से भव्य सोमनाथ यात्रा निकालने की करी घोषणा

 

गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें नागरिक : नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने सचखंड श्री हुजूर साहिब नांदेड़ के दर्शन के लिए जा रही विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 

दो महान तीर्थ स्थलों के बीच सेतु का काम कर रही है विशेष ट्रेन

चंडीगढ़, 5 मई — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा करते हुए कहा कि 8 जून, 2026 को प्रदेश से भव्य सोमनाथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। सोमनाथ मंदिर हमारी अखंड आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और आत्मसम्मान के पुनर्जागरण का प्रतीक है। भारत की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक भगवान श्री सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग की पावन भूमि के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था है। भारत सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1000 वर्ष की अखंड आस्था के अंतर्गत 11 जनवरी, 2027 तक एक वर्षव्यापी राष्ट्रीय स्मरणोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर आयोजित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने सचखंड श्री हुजूर साहिब नांदेड़ के दर्शन के लिए जा रहे यात्रियों की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और यात्रियों से बातचीत कर शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने इस पवित्र यात्रा पर जा रहे यात्रियों को संकल्प दिलवाते हुए कहा कि वो गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें। यही इस यात्रा की सच्ची सफलता होगी। इस दौरान मुख्यमंंत्री को स्मृत्ति चिह्न, सरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जो ट्रेन कुरुक्षेत्र से जा रही है वह दो महान तीर्थ स्थलों के बीच सेतु का काम कर रही है। एक तरफ धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र है, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने मोहग्रस्त अर्जुन के माध्यम से संसार को गीता का उपदेश देकर जीवन का मार्ग दिखाया। यही नहीं, यह पावन धरा गुरु साहिबान के पावन चरणों से भी अनेक बार पवित्र हुई है। दूसरी तरफ, सचखंड श्री हुजूर साहिब, नांदेड़ वह पवित्र स्थान है, जहां दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ज्योति जोत समाए। इन दोनों पवित्र स्थलों को जोड़ने वाली यह विशेष ट्रेन भारत की आध्यात्मिक धारा के प्रवाह का प्रतीक बन रही है।

उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्राएं धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ समाज को जोड़ने का माध्यम होती हैं। यह लोगों को संस्कारों से और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम होती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत श्री आनंदपुर साहिब- श्री फतेहगढ़ साहिब-श्री चमकौर साहिब-फिरोजपुर अमृतसर- खटकड़ कलां कलानौर-पटियाला विरासत सर्किट के विकास को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में गत 25 नवम्बर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समागम में शामिल होकर उन्हें नमन किया था। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर को समर्पित सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले वर्ष 2019 में उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा से श्री करतारपुर साहिब गलियारे का उद्घाटन किया। तीर्थ यात्रियों के लिए अमृतसर से नांदेड़ तक विशेष हवाई सेवा शुरू की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के शहीदी दिवस को हर वर्ष वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। हर साल 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस पूरे देश में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य हमारी आस्था को सशक्त करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सचखंड हुजूर साहिब, नांदेड़ सिख इतिहास और परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां जाकर हर श्रद्धालु को दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं, उनके त्याग और उनके बलिदान की अनुभूति होती है। उन्होंने हमें सिखाया कि धर्म की रक्षा के लिए, अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और मानवता की सेवा के लिए हमें सदैव तत्पर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे पहले गत 28 मार्च को भगवान श्री राम की जन्मभूमि, अयोध्या धाम के लिए विशेष तीर्थ ट्रेन भेजी गई थी। उसके बाद आज यह दूसरी ट्रेन श्री हजूर साहिब भेजी जा रही है। आज प्रदेश के 9 जिलों से 800 से अधिक श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा पर भेजा जा रहा है। इस यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में खान-पान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यह संकल्प है कि हमारे बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के श्रद्धालु, धन के अभाव में तीर्थ यात्रा से वंचित न रहें। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अन्य तीर्थों के दर्शन के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। स्वर्ण जयन्ती सिन्धु दर्शन योजना के तहत 10 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वार्षिक वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना के तहत 50 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वार्षिक वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा (नांदेड़), श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुण्ड साहिब और श्री पटना साहिब जाने वाले प्रदेश के तीर्थ यात्रियों को 6 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वित्तीय सहायता दी जाती है।

सरकार ने गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब, सिरसा को 70 कनाल भूमि देने की घोषणा की थी, इसे गुरुद्वारा साहिब को दे दिया गया है। प्रदेश में अनेक शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थाओं, सड़कों, चौक, द्वार आदि गुरु साहिबान के नाम पर स्थापित किए गए हैं।

इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, सीएम के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रेय, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, हरियाणा सिंह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जगदीश झींडा, बीबी करतार कौर, उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, जिला परिषद चेयरपर्सन कंवलजीत कौर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

क्रमांक — 2026

हरियाणा की फायर सर्विस को 400 करोड़ रुपये खर्च करके किया जाएगा आधुनिक : डॉ. मिश्रा

 

– 14 मई को होगा बाढ़ मॉक ड्रिल

चंडीगढ़, 5 मई — हरियाणा की राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा की फायर सर्विस का 400 करोड़ रुपये खर्च करके आधुनिकीकरण किया जाएगा।

डॉ. मिश्रा आज यहां सेक्टर-26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड के 54वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत कर रही थी। उन्होंने संस्था द्वारा 150 से अधिक दिव्यांग बच्चों, जिनमें बड़ी संख्या में लड़कियां शामिल हैं, को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने समाज में सहयोगात्मक सोच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल एक नेक सेवा है बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने आगामी मानसून और गर्मी के मौसम के लिए राज्य की तैयारियों के साथ-साथ जल्द लागू होने वाले प्रमुख प्रशासनिक सुधारों की भी विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हरियाणा 14 मई को 13 संवेदनशील जिलों में राज्य स्तरीय, बहु-चरणीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित करेगा। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के समन्वय से 2026–27 के वार्षिक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश मॉक एक्सरसाइज कैलेंडर के तहत किया जाएगा। यह अभ्यास तीन चरणों में होगा—पहला चरण 6 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओरिएंटेशन एवं समन्वय बैठक, दूसरा चरण 12 मई को टेबल-टॉप एक्सरसाइज, जिसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, संचार प्रोटोकॉल और सिमुलेशन पर ध्यान दिया जाएगा, और अंतिम चरण 14 मई को जमीनी स्तर पर पूर्ण पैमाने का अभ्यास होगा, जिसमें सभी एजेंसियां, अग्रिम पंक्ति के कर्मी और आम जनता भाग लेगी।

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर जिलों को नदियों और नहरों की निकटता तथा पूर्व में बाढ़ की संवेदनशीलता के आधार पर चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना, तैयारियों का आकलन करना और मानसून से पहले लॉजिस्टिक्स एवं प्रतिक्रिया तंत्र में कमियों की पहचान करना है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि आगामी दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिलों में व्यापक स्वास्थ्य एडवाइजरी पहले से लागू है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों—अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC)—को ओआरएस, आईवी फ्लूड्स, आइस पैक और आवश्यक आपात उपकरणों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर हीटस्ट्रोक प्रबंधन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। गर्मी से संबंधित बीमारियों की दैनिक निगरानी केंद्र स्तर पर की जा रही है और एंबुलेंस सेवाओं में “पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें” प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को हीट से संबंधित मामलों की त्वरित पहचान और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले श्रमिकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नागरिकों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं नियोक्ताओं को श्रमिकों के लिए छायादार विश्राम स्थल, पेयजल और कार्य के दौरान पर्याप्त विराम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि राज्य की फायर सेवाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है ,इससे विशेष रूप से गर्मी और मानसून के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट, विद्युत निरीक्षण और मॉक ड्रिल भी आयोजित किए जा रहे हैं।

डॉ. मिश्रा ने राजस्व क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए कई डिजिटल पहल शुरू की जा रही हैं। मई 2026 में उन्नत पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 2.0 प्रणाली लॉन्च की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। इसके अलावा, स्वचालित म्यूटेशन सिस्टम के माध्यम से संपत्ति पंजीकरण के पांच दिनों के भीतर राजस्व रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा, जिससे लंबित मामलों का समाधान होगा।

भूमि विवादों और बंटवारे से संबंधित मामलों के लिए डिजिटल रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिससे मामलों का निपटारा अधिक तेज और पारदर्शी होगा। साथ ही, फेसलेस रेवेन्यू सेवाओं का पायलट प्रोजेक्ट भी चल रहा है, जिससे नागरिकों की सीधी भागीदारी कम होगी और प्रक्रियागत देरी घटेगी। इसे जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

क्रमांक- 2026

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