मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर्ड परचेज कमेटी और हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक आयोजित
विभिन्न विभागों के खरीद एवं विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को मिली मंजूरी
चंडीगढ़, 19 अक्टूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) तथा हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के खरीद एवं विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। इन निर्णयों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने और जनसेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में परिवहन मंत्री श्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बिजली, जलापूर्ति, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को मंजूरी
बैठक में परिवहन, बिजली, शिक्षा, पर्यावरण, सहकारिता, शहरी विकास, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, लोक निर्माण तथा सिंचाई एवं जल संसाधन सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें बिजली वितरण व्यवस्था के आधुनिकीकरण, स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं, जलापूर्ति एवं सीवरेज सुविधाओं, वर्षा जल निकासी व्यवस्था, सड़कों के सुधार, शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण तथा भंडारण क्षमता बढ़ाने से संबंधित कार्य शामिल हैं।
बिजली वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 11 केवी फीडरों के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण, नए सब-स्टेशनों के निर्माण तथा SCADA और DMS/OMS जैसी आधुनिक तकनीकों के कार्यान्वयन से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन कार्यों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधारिकरण होगा ।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हरियाणा के एनसीआर जिलों में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही, कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खरीद और निर्माण कार्यों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए तथा वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जाए। सरकारी धन का उपयोग जनहित को प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करे तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें।
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