लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही जरूरी : कुमारी सैलजा
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का पारदर्शी ढंग से समाधान हो, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी
मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग, जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखने पर दिया जोर
चंडीगढ़/सिरसा, 30 अक्टूबर।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान की सर्वोच्चता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता तथा प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन लगातार इन्हीं मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में उठने वाले गंभीर सवालों का समाधान संवाद, पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेतृत्व ने सड़क से संसद तक चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े विषय उठाए हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा उठाई जा रही चिंताओं पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।
सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आ रहे आरोपों और सवालों का तथ्यात्मक तथा पारदर्शी जवाब दिया जाना चाहिए। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर किसी प्रकार का संदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। यदि जवाबदेही से जुड़े गंभीर प्रश्नों का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तो संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्हें पद से हटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए। इस विषय पर जनता के समक्ष तथ्य रखने और संवैधानिक जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक संवाद की भी आवश्यकता है।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि किसी भी संवैधानिक संस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए उसकी स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही भी आवश्यक है। सरकार को विपक्ष की चिंताओं को राजनीतिक टकराव के बजाय लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा मानना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान का उद्देश्य मताधिकार की सुरक्षा, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संविधान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। लोकतंत्र की मजबूती सभी राजनीतिक दलों, संस्थाओं और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
फोटो कुमारी सैलजा


