संत महापुरुषों ने सदैव समाज को सही दिशा देने और सामाजिक समरसता का संदेश देने का कार्य किया है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*नामदेव जयंती समारोह का निमंत्रण देने मुख्यमंत्री से मिले नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल ने तैयारियों की जानकारी दी*
चंडीगढ़, 13 अक्तूबर। संत महापुरुषों ने अपने विचारों, शिक्षाओं और आदर्शों के माध्यम से सदैव समाज को सही दिशा देने तथा आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।
18 अक्तूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 स्थित नामदेव भवन में आयोजित होने वाले गुरु संत नामदेव प्रकाश दिवस जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल ने संत कबीर कुटीर, चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान सभा के पूर्व चेयरमैन एवं सभा के हरियाणा अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा, सचिव श्री नरेश मरजारा, चरणजीत सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा के बेटे एवं बीजेपी नेता श्री संजीव गंगवा, श्री मांगीलाल सहित सभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को समारोह की तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। सभा के अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा ने बताया कि गुरु संत नामदेव प्रकाश दिवस जयंती समारोह को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। समारोह में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभा के सदस्य लगातार संपर्क कर रहे हैं। इसी कड़ी में पंजाब के अलग-अलग जिलों में जाकर भी लोगों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। श्री वर्मा ने कहा कि समारोह का उद्देश्य संत गुरु नामदेव जी की शिक्षाओं और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में भाईचारे, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए आयोजन की तैयारियों से अवगत कराया।
क्रमांक 2026
*पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं : श्याम सिंह राणा*
*हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केंद्र सरकार ने की सराहना*
*फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के मुद्दे पर मंत्री-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक” आयोजित*
चंडीगढ़ , 13 अक्टूबर – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को धान की पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और सभी जिलों में “पराली सुरक्षा बल” का भी गठन किया गया है।
हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने भी सराहना की है।
श्री राणा ने यह जानकारी आज केंद्र सरकार द्वारा आयोजित “फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के मुद्दे पर मंत्री-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक” में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंडीगढ़ से हरियाणा का पक्ष रखते हुए दी। इस अवसर पर विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री , अतिरिक्त निदेशक श्री प्रदीप मील भी उपस्थित थे।
दिल्ली में हुई इस बैठक में उक्त दोनों केंद्रीय मंत्रियों के अलावा हरियाणा , पंजाब , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , राजस्थान तथा दिल्ली के कृषि मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने राज्य से जुड़े हुए थे।
श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीकों और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खेतों में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कुल 66,050 आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, राज्य के 37 लाख एकड़ धान क्षेत्र के प्रबंधन हेतु कुल 440 करोड़ रुपये की अनुमानित प्रोत्साहन राशि तय की गई है, जिसके तहत किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि पर्यावरण संरक्षण और जल बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धान की सीधी बिजाई (DSR) अपनाने वाले किसानों को 4,500 रुपये प्रति एकड़ तथा धान की फसल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बिजाई (फसल विविधीकरण) करने वाले किसानों को 8,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये प्रति एकड़ तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
क्षेत्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि खेतों में निगरानी के लिए वर्तमान में 20 ड्रोन तैनात किए जा चुके हैं और शीघ्र ही 30 अतिरिक्त ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे। राज्य में कड़े नियमों और जागरूकता अभियानों के कारण अब तक केवल 7 फसल अवशेष जलाने (AFL) की घटनाएं ही रिपोर्ट हुई हैं। इसमें भी हांसी जिले में दर्ज की गई 1 घटना दुर्घटनावश हुई थी, जिसके संबंध में नियमानुसार 5,000 रुपये का चालान जारी किया गया। बाकी की घटनाएं गैर -कृषि क्षेत्र में हुई हैं।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए पूरे राज्य में 79 “पीएम 2.5” सेंसर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर कुल 8,535 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं तथा सभी जिलों में विशेष ‘पराली सुरक्षा बल’ का गठन किया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी मांग कि पराली प्रबंधन के तहत हरियाणा सरकार द्वारा जो किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है , उसमें से 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए ताकि राज्य सरकार पर अधिक वित्तीय भार न पड़े और ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ सकें।
कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे पराली में आग लगाने के बजाय सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहन राशि और कृषि उपकरणों का अधिकतम लाभ उठाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने और भूमि की उर्वरता शक्ति को सुरक्षित रखने में योगदान दें।
क्रमांक – 2026
जंगबीर सिंह
*लंबित बिलिंग मामलों पर सख्ती, इस माह अधिकतम निपटारे के निर्देश: विक्रम सिंह*
*सीएम की समीक्षा बैठक के बाद बिजली निगमों ने कसी कमर, सभी सर्कलों से मांगी कार्ययोजना; खराब मीटर बदलने और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान पर जोर*
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर — उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों में लंबित प्रोविजनल बिलिंग मामलों के निपटारे, खराब बिजली मीटरों को बदलने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। दोनों निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने अधिकारियों को चालू माह के दौरान अधिकतम प्रगति सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों के निपटारे के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में लंबित प्रोविजनल बिलिंग मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लिए जाने के बाद निगम प्रबंधन ने इन मामलों के शीघ्र समाधान को प्राथमिकता दी है।
निगम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रबंध निदेशक ने सभी सर्कलों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का विस्तृत विश्लेषण कर उन्हें नियमित बिलिंग व्यवस्था में लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें खराब मीटरों को बदलने, लंबित मामलों के कारणों की पहचान करने और प्रत्येक मामले के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार गेट के सामने तथा सार्वजनिक आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले स्थानों पर लगे बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि आमजन को होने वाली असुविधा दूर की जा सके।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में बिजली आपूर्ति शिकायतों का होगा विश्लेषण
प्रवक्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने गुरुग्राम और फरीदाबाद में बिजली आपूर्ति बाधित होने से संबंधित बड़ी संख्या में मिल रही शिकायतों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कॉल सेंटर पर उपभोक्ताओं की टेलीफोन कॉल अटेंड नहीं होने के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सहायता मिल सके और शिकायतों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित हो।
उन्होंने बताया कि निगम प्रबंधन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्राप्त हो रही शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत का समय पर संज्ञान लेकर त्वरित जवाब दिया जाए तथा जहां आवश्यक हो, संबंधित समस्या का समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रवक्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित कार्य योजना के अनुसार ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दोनों बिजली वितरण निगमों का उद्देश्य बिलिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना, बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान करना और उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी एवं जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है।
क्रमांक— 2026
*पंचकूला के पैट एनिमल मेडिकल सेंटर का होगा आधुनिकीकरण*
*आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद होगी, उन्नत जांच सुविधाएं होंगी उपलब्ध*
*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की बैठक*
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंचकूला स्थित पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत सेंटर में उन्नत जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद तथा अस्पताल भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा।
ये निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की आठवीं बैठक में लिए गए। बैठक में विशेष पशु चिकित्सा उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
शासी परिषद ने इस चिकित्सा केंद्र में पशुओं के हृदय की कार्यप्रणाली की जांच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम मशीन तथा कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की त्वरित जांच की सुविधाएं शुरू करने को मंजूरी दी है। त्वरित जांच किट की खरीद के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।
परिषद ने वर्ष 2009 से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे इस पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण को भी मंजूरी दी है। अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक पहुंच आसान बनाने, विशेषकर बड़े, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं के लिए 10 व्यक्तियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहली मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा एवं जांच इकाइयों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 25 लाख रुपये की लागत से एक नई पशु एम्बुलेंस खरीदने को भी मंजूरी दी गई। इस एम्बुलेंस में वातानुकूलित केबिन, आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं, विभिन्न शारीरिक मानकों की निगरानी करने वाले उपकरण, स्ट्रेचर तथा नसों के माध्यम से तरल पदार्थ देने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
बढ़ी हुई सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए परिषद ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इनमें दो एनिमल अटैंडेंट अथवा बहुउद्देशीय कर्मचारी, एक अकाउंटेंट-कम-स्टोरकीपर, तीन सुरक्षा कर्मी तथा एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन कर्मचारियों से विशेष उपचार इकाइयों के संचालन, वित्तीय एवं भंडार संबंधी रिकाॅर्ड के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
सेंटर के कामकाज की समीक्षा करते हुए शासी परिषद ने कहा कि पंचकूला स्थित यह केंद्र हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पशु चिकित्सा रेफरल केंद्र के रूप में उभरा है।
पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि केंद्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 24,401 बाह्य रोगी मामलों का उपचार किया गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह संख्या 23,056 और वर्ष 2023-24 में 21,129 थी। प्रयोगशाला जांच की संख्या वर्ष 2023-24 में 3,267 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,407 हो गई। इसी अवधि में एक्स-रे जांच की संख्या भी 1,625 से बढ़कर 1,901 हो गई।
चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त, 2026 तक के पहले पांच महीनों के दौरान केंद्र में गली कुत्तों सहित कुल 11,106 बाह्य रोगी मामले दर्ज किए गए। इस अवधि में 101 सर्जरी की गईं तथा 1,807 प्रयोगशाला जांच, 870 एक्स-रे जांच और 105 अल्ट्रासाउंड जांच की गईं।
बैठक में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने, कर्मचारियों की तैनाती एवं ड्यूटी व्यवस्था को बेहतर बनाने और अस्पताल के संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के पर भी विचार-विमर्श किया गया।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, किफायती दवाओं, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षित सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता से पंचकूला का यह केंद्र आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुलभ एवं गुणवत्तापरक पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्रमांक— 2026
*नामदेव जयंती समारोह का निमंत्रण देने मुख्यमंत्री से मिले नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल ने तैयारियों की जानकारी दी*
चंडीगढ़, 13 अक्तूबर। संत महापुरुषों ने अपने विचारों, शिक्षाओं और आदर्शों के माध्यम से सदैव समाज को सही दिशा देने तथा आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।
18 अक्तूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 स्थित नामदेव भवन में आयोजित होने वाले गुरु संत नामदेव प्रकाश दिवस जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल ने संत कबीर कुटीर, चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान सभा के पूर्व चेयरमैन एवं सभा के हरियाणा अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा, सचिव श्री नरेश मरजारा, चरणजीत सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा के बेटे एवं बीजेपी नेता श्री संजीव गंगवा, श्री मांगीलाल सहित सभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को समारोह की तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। सभा के अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा ने बताया कि गुरु संत नामदेव प्रकाश दिवस जयंती समारोह को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। समारोह में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभा के सदस्य लगातार संपर्क कर रहे हैं। इसी कड़ी में पंजाब के अलग-अलग जिलों में जाकर भी लोगों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। श्री वर्मा ने कहा कि समारोह का उद्देश्य संत गुरु नामदेव जी की शिक्षाओं और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में भाईचारे, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए आयोजन की तैयारियों से अवगत कराया।
क्रमांक 2026
*पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं : श्याम सिंह राणा*
*हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केंद्र सरकार ने की सराहना*
*फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के मुद्दे पर मंत्री-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक” आयोजित*
चंडीगढ़ , 13 अक्टूबर – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को धान की पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और सभी जिलों में “पराली सुरक्षा बल” का भी गठन किया गया है।
हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने भी सराहना की है।
श्री राणा ने यह जानकारी आज केंद्र सरकार द्वारा आयोजित “फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के मुद्दे पर मंत्री-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक” में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंडीगढ़ से हरियाणा का पक्ष रखते हुए दी। इस अवसर पर विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री , अतिरिक्त निदेशक श्री प्रदीप मील भी उपस्थित थे।
दिल्ली में हुई इस बैठक में उक्त दोनों केंद्रीय मंत्रियों के अलावा हरियाणा , पंजाब , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , राजस्थान तथा दिल्ली के कृषि मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने राज्य से जुड़े हुए थे।
श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीकों और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खेतों में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कुल 66,050 आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, राज्य के 37 लाख एकड़ धान क्षेत्र के प्रबंधन हेतु कुल 440 करोड़ रुपये की अनुमानित प्रोत्साहन राशि तय की गई है, जिसके तहत किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि पर्यावरण संरक्षण और जल बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धान की सीधी बिजाई (DSR) अपनाने वाले किसानों को 4,500 रुपये प्रति एकड़ तथा धान की फसल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बिजाई (फसल विविधीकरण) करने वाले किसानों को 8,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये प्रति एकड़ तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
क्षेत्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि खेतों में निगरानी के लिए वर्तमान में 20 ड्रोन तैनात किए जा चुके हैं और शीघ्र ही 30 अतिरिक्त ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे। राज्य में कड़े नियमों और जागरूकता अभियानों के कारण अब तक केवल 7 फसल अवशेष जलाने (AFL) की घटनाएं ही रिपोर्ट हुई हैं। इसमें भी हांसी जिले में दर्ज की गई 1 घटना दुर्घटनावश हुई थी, जिसके संबंध में नियमानुसार 5,000 रुपये का चालान जारी किया गया। बाकी की घटनाएं गैर -कृषि क्षेत्र में हुई हैं।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए पूरे राज्य में 79 “पीएम 2.5” सेंसर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर कुल 8,535 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं तथा सभी जिलों में विशेष ‘पराली सुरक्षा बल’ का गठन किया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी मांग कि पराली प्रबंधन के तहत हरियाणा सरकार द्वारा जो किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है , उसमें से 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए ताकि राज्य सरकार पर अधिक वित्तीय भार न पड़े और ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ सकें।
कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे पराली में आग लगाने के बजाय सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहन राशि और कृषि उपकरणों का अधिकतम लाभ उठाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने और भूमि की उर्वरता शक्ति को सुरक्षित रखने में योगदान दें।
क्रमांक – 2026
जंगबीर सिंह
*लंबित बिलिंग मामलों पर सख्ती, इस माह अधिकतम निपटारे के निर्देश: विक्रम सिंह*
*सीएम की समीक्षा बैठक के बाद बिजली निगमों ने कसी कमर, सभी सर्कलों से मांगी कार्ययोजना; खराब मीटर बदलने और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान पर जोर*
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर — उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों में लंबित प्रोविजनल बिलिंग मामलों के निपटारे, खराब बिजली मीटरों को बदलने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। दोनों निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने अधिकारियों को चालू माह के दौरान अधिकतम प्रगति सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों के निपटारे के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में लंबित प्रोविजनल बिलिंग मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लिए जाने के बाद निगम प्रबंधन ने इन मामलों के शीघ्र समाधान को प्राथमिकता दी है।
निगम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रबंध निदेशक ने सभी सर्कलों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का विस्तृत विश्लेषण कर उन्हें नियमित बिलिंग व्यवस्था में लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें खराब मीटरों को बदलने, लंबित मामलों के कारणों की पहचान करने और प्रत्येक मामले के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार गेट के सामने तथा सार्वजनिक आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले स्थानों पर लगे बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि आमजन को होने वाली असुविधा दूर की जा सके।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में बिजली आपूर्ति शिकायतों का होगा विश्लेषण
प्रवक्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने गुरुग्राम और फरीदाबाद में बिजली आपूर्ति बाधित होने से संबंधित बड़ी संख्या में मिल रही शिकायतों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कॉल सेंटर पर उपभोक्ताओं की टेलीफोन कॉल अटेंड नहीं होने के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सहायता मिल सके और शिकायतों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित हो।
उन्होंने बताया कि निगम प्रबंधन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्राप्त हो रही शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत का समय पर संज्ञान लेकर त्वरित जवाब दिया जाए तथा जहां आवश्यक हो, संबंधित समस्या का समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रवक्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित कार्य योजना के अनुसार ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दोनों बिजली वितरण निगमों का उद्देश्य बिलिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना, बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान करना और उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी एवं जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है।
क्रमांक— 2026
*पंचकूला के पैट एनिमल मेडिकल सेंटर का होगा आधुनिकीकरण*
*आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद होगी, उन्नत जांच सुविधाएं होंगी उपलब्ध*
*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की बैठक*
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंचकूला स्थित पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत सेंटर में उन्नत जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद तथा अस्पताल भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा।
ये निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की आठवीं बैठक में लिए गए। बैठक में विशेष पशु चिकित्सा उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
शासी परिषद ने इस चिकित्सा केंद्र में पशुओं के हृदय की कार्यप्रणाली की जांच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम मशीन तथा कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की त्वरित जांच की सुविधाएं शुरू करने को मंजूरी दी है। त्वरित जांच किट की खरीद के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।
परिषद ने वर्ष 2009 से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे इस पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण को भी मंजूरी दी है। अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक पहुंच आसान बनाने, विशेषकर बड़े, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं के लिए 10 व्यक्तियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहली मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा एवं जांच इकाइयों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 25 लाख रुपये की लागत से एक नई पशु एम्बुलेंस खरीदने को भी मंजूरी दी गई। इस एम्बुलेंस में वातानुकूलित केबिन, आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं, विभिन्न शारीरिक मानकों की निगरानी करने वाले उपकरण, स्ट्रेचर तथा नसों के माध्यम से तरल पदार्थ देने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
बढ़ी हुई सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए परिषद ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इनमें दो एनिमल अटैंडेंट अथवा बहुउद्देशीय कर्मचारी, एक अकाउंटेंट-कम-स्टोरकीपर, तीन सुरक्षा कर्मी तथा एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन कर्मचारियों से विशेष उपचार इकाइयों के संचालन, वित्तीय एवं भंडार संबंधी रिकाॅर्ड के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
सेंटर के कामकाज की समीक्षा करते हुए शासी परिषद ने कहा कि पंचकूला स्थित यह केंद्र हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पशु चिकित्सा रेफरल केंद्र के रूप में उभरा है।
पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि केंद्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 24,401 बाह्य रोगी मामलों का उपचार किया गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह संख्या 23,056 और वर्ष 2023-24 में 21,129 थी। प्रयोगशाला जांच की संख्या वर्ष 2023-24 में 3,267 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,407 हो गई। इसी अवधि में एक्स-रे जांच की संख्या भी 1,625 से बढ़कर 1,901 हो गई।
चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त, 2026 तक के पहले पांच महीनों के दौरान केंद्र में गली कुत्तों सहित कुल 11,106 बाह्य रोगी मामले दर्ज किए गए। इस अवधि में 101 सर्जरी की गईं तथा 1,807 प्रयोगशाला जांच, 870 एक्स-रे जांच और 105 अल्ट्रासाउंड जांच की गईं।
बैठक में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने, कर्मचारियों की तैनाती एवं ड्यूटी व्यवस्था को बेहतर बनाने और अस्पताल के संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के पर भी विचार-विमर्श किया गया।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, किफायती दवाओं, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षित सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता से पंचकूला का यह केंद्र आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुलभ एवं गुणवत्तापरक पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्रमांक— 2026


