योग हमारी सनातन संस्कृति का  अनमोल उपहार है  : नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री  ने श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधा रोपण

मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र कम मल्टीपर्पज हॉल का उद्घाटन और करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बहुमंजिला महिला छात्रावास का किया शिलान्यास

चंडीगढ़, 5 जून-हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग हमारी सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है, जो हमारे ऋषियों-मुनियों ने पूरी मानवता के कल्याण के लिए दिया है। भारत की हजारों वर्षों पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। एक समय था जब योग केवल आश्रमों और गुरुकुलों तक सीमित माना जाता था, लेकिन आज विश्व के लगभग हर देश में योग किया जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण और महिला छात्रावास के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधा रोपण किया। इसके साथ ही सभी गणमान्य नागरिकों, अधिकारियों व आम नागरिकों ने भी लगभग 101 पौधे रोपित किए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 9 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र कम मल्टीपर्पज हॉल का उद्घाटन किया और करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बहुमंजिला महिला छात्रावास का शिलान्यास किया।

 मुख्यमंत्री ने आयुष युनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के स्टाइफंड को जल्द बढ़ाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के गीत को लॉच किया, विश्वविद्यालय की रिसर्च जनरल, पीएचडी शोध कार्य से संबंधित शोध गंगा पोर्टल सहित दो पुस्तकों का विमोचन किया।

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आयुष विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के उपरांत अखंड गीता पीठ साश्वत सेवाश्रम ट्रस्ट में महामंडलेश्वर डा. स्वामी शाश्वत नंद गिरी महाराज द्वारा आयोजित संपूर्ण सुंदर कांड पारायण एवं प्रवचन समारोह में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। यह वह भूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन के माध्यम से मानव मात्र को कर्म, ज्ञान और योग का अमर संदेश दिया था। उन्होंने गीता में योग के बारे में कहा है कि योग: कर्मसु कौशल अर्थात् योग से कर्मों में कुशलता आती है। इसलिए योग की चर्चा जब कुरुक्षेत्र की धरती पर होती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग रखा गया है। यह थीम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि हमारे यहां वृद्धों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और प्रदेश में सरकार ने नशा मुक्त योग युक्त थीम को शामिल किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की महासभा में अपने पहले ही उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पुरजोर पैरवी की थी। उन्हीं के भगीरथ प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। उस समय 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और आज 200 से भी अधिक देशों में योग दिवस आयोजित होता है। इस प्रकार, एक बार फिर योग लोगों की जीवन शैली का हिस्सा बन गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस पर जन-जन को योग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा है जब हम योग को जीना शुरू करते हैं, तो योग दिवस हमारे स्वास्थ्य, आनंद और शांति के मंगल उत्सव का माध्यम बन जाता है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जब पूरी दुनिया योग करती है, तो वह केवल व्यायाम नहीं कर रही होती, बल्कि भारत की वसुधैव  कुटुंबकम की भावना को जी रही होती है। आज ज्ञान और भक्ति की पावन धरा से हम उसी वैश्विक चेतना को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ, खुशहाल एवं शांतिपूर्ण तरीके से जीवन जीने का एक संपूर्ण विज्ञान है। यह जीवन जीने की कला है, इसीलिए कहा गया है कि हर रोज करें योग, जीवन भर रहें निरोग।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने वेदों, उपनिषदों और गीता की भूमि हरियाणा में नई पीढ़ी को योग प्रशिक्षण व योग साधना के लिए प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है। सरकार ने पहली से 10वीं कक्षा तक योग शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया है। प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी योग सिखाया जा रहा है। प्रदेश में योग क्लब भी स्थापित किए गए हैं। योग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा योग आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस वित्त वर्ष के बजट में इस विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 135 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने राज्य के 6500 गांवों में व्यायाम शालाएं खोलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इनमें से 883 का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 859 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रदेश के 397 आयुष औषधायलों तथा 109 उप-स्वास्थ्य केन्द्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अपग्रेड किया गया है। इनमें 156 योग इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि पंचकूला में राष्ट्रीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान और जिला झज्जर के गांव देवरखाना में पोस्ट ग्रेजुएट योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एवं रिसर्च संस्थान की स्थापना की गई है। उन्होंने इस वित्त वर्ष के बजट में सभी औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के लिए प्रति दिन योग ब्रेक शुरू करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन  प्रदान करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उनके लिए साप्ताहिक स्वास्थ्य अभियान आयोजित करने का प्रावधान भी किया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिकों को संकल्प दिलवाया कि योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे तथा स्वस्थ हरियाणा, समृद्ध हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे। इसके साथ ही एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा रोपित करेंगे और उसका पालन-पोषण भी करेंगे।

इस मौके पर आयुष विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा ने भी संबोधित किया।श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलगुरु प्रो. करतार सिंह धीमान ने विश्वविद्यालय की विस्तार से जानकारी दी ।

इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, उप चेयरमैन धूमन सिंह किरमच, चेयरमैन सुभाष कलसाना, चेयरमैन गुरनाम सिंह सैनी, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

क्रमांक -2026

भालौट व झज्जर सब ब्रांच के पुनर्निर्माण कार्य को मिली नई गतिकिसानों और नहर विभाग के बीच बनी सहमति : श्रुति चौधरी

चंडीगढ़, 5 जून -हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी के प्रयासों से भालौट सब ब्रांच एवं झज्जर सब ब्रांच के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। किसानों, ग्रामीणों और नहर विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार संवाद एवं सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप सभी पक्षों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी है, जिससे अब दोनों नहरों के पुनर्निर्माण कार्य को दोबारा गति मिलेगी।

श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा करते हुए सिंचाई ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की सफलता तभी संभव है जब उसमें स्थानीय लोगों की भावनाओं, सुझावों और आवश्यकताओं का सम्मान किया जाए। इसी सोच के तहत किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुना गया और सभी पक्षों को साथ लेकर समाधान का रास्ता निकाला गया।

गौरतलब है कि भालौट एवं झज्जर सब ब्रांच से जुड़े अनेक गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने नहर के तल को पूरी तरह सीमेंट-कंक्रीट से पक्का किए जाने पर आपत्ति जताई थी। किसानों का कहना था कि ऐसा होने से भूजल पुनर्भरण (रिचार्ज) प्रभावित हो सकता है तथा क्षेत्र के जल संतुलन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों की इन आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए नहर विभाग ने विभिन्न तकनीकी विकल्पों पर विचार-विमर्श किया और लगातार संवाद की प्रक्रिया जारी रखी।

आज की बैठक में जौली-लाठ, तेवड़ी, रीठाल, चीड़ी, धामड़, किलोई, बोहर, मकड़ौली, मायना सहित आसपास के गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने भाग लिया। विस्तृत चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि नहर के तल को 10 फुट तक कंक्रीट लाइनिंग के माध्यम से विकसित किया जाएगा, जबकि शेष हिस्से में ब्लॉक लाइनिंग की जाएगी। साथ ही किसानों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक दो पुलों के बीच सीढ़ियों का निर्माण तथा प्रत्येक पुल के साथ घाट विकसित किए जाएंगे।

श्रुति चौधरी ने इस सहमति को क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय का सकारात्मक उदाहरण बताते हुए सभी पक्षों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विकास और जनभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे एक ओर जहां नहरों की जल वहन क्षमता और सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंताओं का भी सम्मान सुनिश्चित होगा।

सिंचाई मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए तथा निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिल सके और कृषि उत्पादन को नई मजबूती प्राप्त हो।

क्रमांक -2026

हालसा मानसून सीज़न में राज्य में 10 लाख पौधे रोपित करेगा

 

विश्व पर्यावरण दिवस’ पर किया राज्यव्यापी  वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ

चंडीगढ़, 5 जून- पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा भर में एक राज्यव्यापी वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत वन विभाग के सहयोग आगामी मानसून सीज़न के दौरान राज्य भर में लगभग 10 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।

राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ करते हुए न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों-एवं-अध्यक्षों तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट्स-एवं-सचिवों से बातचीत करते हुए उन्हें पौधारोपण अभियान के संबंध में व्यापक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित गतिविधियों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए एक हरित एवं पर्यावरण अनुकूल भविष्य को बढ़ावा देने और भावी पीढ़ियों के लिए जीवंत एवं स्वस्थ पर्यावरण की विरासत सुनिश्चित करने में सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यायालय परिसरों, एडीआर केंद्रों, न्यायिक आवासीय परिसरों तथा अन्य उपलब्ध सार्वजनिक स्थानों पर उपयुक्त स्थानों की पहचान करके जिलों में व्यापक वृक्षारोपण गतिविधियों को शुरू करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वृक्षों का संरक्षण और पोषण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उनका रोपण। उन्होंने वृक्षों के संरक्षण, पोषण एवं स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने के लिए पौधों की उचित देखभाल, रखरखाव और निगरानी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

माननीय न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि वृक्षारोपण अभियान को व्यवस्थित और परिणाम प्रेरित तरीके से चलाया जाए, जिसमें स्कूली बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिक परिस्थितियों के अनुकूल स्वदेशी, औषधीय, फलदायी और छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए जाएं। इस पहल का उद्देश्य केवल हरित आवरण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि जैव-विविधता को मजबूत करना और पूरे राज्य में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाना भी है। उन्होंने हरियाणा के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे प्रभावी निगरानी और यथार्थवादी परिणामों के लिए इस पहल की प्रगति के संबंध में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।

हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री जगदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल एक प्रतीकात्मक अभ्यास बनकर न रह जाए, बल्कि एक सतत पर्यावरण आंदोलन में परिवर्तित होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों से अनुरोध किया कि वे रोपित पौधों की कम से कम पांच वर्षों तक उचित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि वे स्वस्थ रूप से विकसित होकर परिपक्व वृक्ष बन सकें। उन्होंने सभी हितधारकों और आम जनता से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और एक हरित एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक हरियाणा के निर्माण में योगदान देने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभाव उत्पन्न करने, पारिस्थितिक संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और पूरे हरियाणा राज्य में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वृक्षारोपण महाअभियान को हरियाणा के सभी सत्र मंडलों में मिशन मोड के रूप में कार्यान्वित किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-एवं-सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जगदीप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पंचकुला संजय संधीर, संयुक्त सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मानविका यादव तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकुला अजय कुमार भी उपस्थित थे।

क्रमांक-2026

चंडीगढ़, 5 जून- हरियाणा के  मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को हलका साढौरा के  गांव व्यासपुर पहुंचे और उन्होंने पूर्व कांग्रेसी नेता एवं इंजीनियर ऋषि पाल व उनके समर्थकों का भाजपा में शामिल होने पर स्वागत किया । इंजीनियर ऋषि पाल साढ़ौरा की विधायक रेणु बाला के पति हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियर ऋषिपाल ने पार्टी में शामिल होकर भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों में विश्वास व्यक्त किया है, जिसका पार्टी स्वागत करती है। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भाजपा के नेताओं, पदाधिकारियों व आयोजको द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि  प्रदेश में आज बिना रूके भाजपा सरकार निरंतर विकास कार्य करवा रही है। उन्होंने कहा कि  पिछली विपक्षी दलों की सरकारों ने केवल प्रदेश हित में नहीं बल्कि अपने हित में कार्य किए लेकिन भाजपा ने चुनावों से पूर्व हरियाणा की जनता की सेवा के जो संकल्प लिए थे, उनमें से काफी संख्या में पूरे कर दिये है और बाकी संकल्पों को जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। इसलिए भाजपा ने जो वादे किए है उन पर कार्य किया है और लगातार कार्य करते हुए आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां पर किसानों की सबसे अधिक फसलें एमएसपी पर खरीद की जा रही है। सरकार ने हमेशा किसानहित को ध्यान में रखकर किसान कल्याणकारी योजनाएं बनाई है। इन योजनाओं का लाभ किसानों को मिल रहा है। सरकार ने किसानों की फसलें खराब होने पर उचित मुआवजे का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और उन्हीं के मार्गदर्शन में हरियाणा प्रदेश भी उन्नति के मार्ग पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने  स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए  कहा कि सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे लाखों मरीजों को लाभ मिला है। शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए प्रत्येक 20 किलोमीटर के दायरे में राजकीय महाविद्यालय स्थापित करने तथा विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियर ऋषिपाल द्वारा साढौरा क्षेत्र के विकास से संबंधित जो मांग-पत्र प्रस्तुत किया है, उस पर सकारात्मक विचार करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने साढौरा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की विशेष धनराशि देने की घोषणा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में जन कल्याणकारी एवं योजनाओं का कुशलतापूर्वक संचालन कर रही है। हमारी सरकार किसानों और जरूरतमंद को हरेक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य जन-जन को लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राजकीय सीनियर सैकेण्डरी स्कूल व्यासपुर में पौधारोपण कर लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई दी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में वन विभाग द्वारा कुल 1.50 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा, जिनमें से 50 लाख पौधे नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि आप सब एक पेड़ मां के नाम मुहिम को आगे बढ़ाएं। इससे पूर्व  मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक बलवंत सिंह के निवास स्थान पर शिष्टाचार मुलाकात की और उपस्थित कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से बातचीत की एवं सभी को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, यमुनानगर मेयर सुमन बहमनी सहित कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

क्रमांक-2026

हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का अब नेतृत्व करेगा हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने 2,738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का किया शुभारंभहरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की रखी आधारशिला

 

हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगेबागवानी के किसान होंगे मालामाल

 

जापान के कोची विश्वविद्यालय से हरियाणा के किसानों को मिलेगी अनुसंधान की विश्वस्तरीय तकनीक

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

 

चंडीगढ़, 5 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। दोनों ने इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि श्री टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेकेरट्री फूड एंड एग्रीकल्चर श्री टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे। तीनों ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में उठाये गये कदमों की तारीफ की।

उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा एक बार फिर देश को नई राह दिखाएगा और हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का नेतृत्व भी करेगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

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