हरियाणा सरकार के नायाब 2 साल: विकसित हरियाणा के संकल्प को मिली नई गति*

 

*संकल्प-पत्र के 217 में से 76 संकल्प दो वर्ष में पूरे, 141 पर काम जारी – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*विपक्ष के कार्यकाल में हरियाणा पर्ची-खर्ची, भाई-भतीजावाद, भय, भ्रष्टाचार और क्षेत्रवाद के मामले में था नंबर वन*

 

*सत्ता में रहते हुए जनता से मिलते तक नहीं थे, आज सड़कों पर घूम रहे कांग्रेस नेता*

 

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2 साल के कार्यों का ब्योरा किया प्रस्तुत*

चंडीगढ़, 17 अक्टूबर — हरियाणा में जनविश्वास की शक्ति, सुशासन के संकल्प और जनकल्याण की प्रतिबद्धता के साथ राज्य सरकार ने अपने लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ सरकार को सेवा का दायित्व सौंपा है, सरकार उसे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निभा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए है। प्रदेश के 2 करोड़ 80 लाख नागरिकों की आकांक्षाएं हमारी प्राथमिकता हैं और हरियाणा को विकास, समान अवसर तथा जनकल्याण के नए आयामों तक पहुंचाना हमारा संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में राज्य सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कार्यकाल में हरियाणा को नंबर वन बताने वाले लोगों को आज प्रदेश की वास्तविक प्रगति और बदलती तस्वीर हजम नहीं हो रही है। उनके समय में हरियाणा नंबर वन तो था, लेकिन पर्ची-खर्ची, भाई-भतीजावाद, भय, भ्रष्टाचार और क्षेत्रवाद के मामले में नंबर वन था। नौकरियों में योग्यता के बजाय सिफारिश और पर्ची—खर्ची का बोलबाला था। पाताल से लेकर आकाश तक घोटाले थे। ऐसे शासन ने प्रदेश के विकास को पीछे धकेला और प्रदेशवासियों के साथ धोखा किया। उनके सरकार के 10 सालों में प्रदेश के एक ही क्षेत्र का विकास किया गया, बाकी हरियाणा की अनदेखी की गई। उनके कार्यकाल में तीन — तीन दिन में गैस का सिलेंडर मिलता था, उस मामले में हरियाणा नंबर वन था। झूठे वादों में नंबर वन था। ये कहते थे कि 24 घंटे बिजली देंगे लेकिन हरियाणा 4 से 5 घंटे बिजली मिलने के मामले में नंबर वन था। यही कारण है कि जागरूक हरियाणावासियों ने बदलाव का निर्णय लेते हुए उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया।

*सत्ता में रहते हुए जनता से मिलते तक नहीं थे, आज सड़कों पर घूम रहे कांग्रेस नेता*

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज कुछ लोग सड़कों पर घूमकर जनता के बीच जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब उनके हाथ में सत्ता थी, तब वे आम लोगों से मिलना तक पसंद नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें जनता के पसीने की बदबू आती थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण लोगों को प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जनता ने इसका जवाब दिया है।

*‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप हरियाणा को देश का अग्रणी विकसित राज्य बनाने का संकल्प*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप हरियाणा को देश का अग्रणी विकसित राज्य बनाना सरकार का संकल्प है। इसी दिशा में ‘विकसित हरियाणा, विकसित भारत’ की भावना के साथ प्रत्येक नीति, योजना और निर्णय को किसान की खुशहाली, गरीब के आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित किया गया है।

*संकल्पों को सिद्धि में बदलने की दिशा में ठोस कदम, 217 में से 76 संकल्प दो वर्ष में पूरे*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि ‘विकसित हरियाणा विकसित भारत’ की मजबूत नींव किसान की खुशहाली, गरीब की आर्थिक सुरक्षा, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान, बेहतर शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से बने पिछले 2 वर्षों में हमारी सरकार के हर निर्णय और हर योजना के केंद्र यही सोच रही है। हम जो कहते हैं, उसे करते भी हैं। इसका प्रमाण यह है कि सरकार ने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 76 संकल्पों को दो साल में ही पूरा कर दिखाया है। इनमें मुख्य रूप से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता, सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, नकली खाद, बीज और कीटनाशक बनाने व बेचने वालों को 5 साल की सजा देने का कानून, डंकी रूट की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कानून, हर हरियाणवी अग्निवीर को सरकारी नौकरी की गारंटी, सभी जिला सरकारी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस सेवा, आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त ईलाज की सुविधा, अनुबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, हरियाणा राज्य के गठन से पहले के पट्टेदारों को भूमि का मालिकाना हक देना शामिल हैं। इसके अलावा, 141 संकल्पों पर काम प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हरियाणा कर्मभूमि रहा है। उनका हरियाणा से विशेष लगाव है। इसी के चलते उन्होंने प्रदेश के अपने 18 दौरों में 86 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी है। पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हरियाणा को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है।

*एचसीएस परिणाम ने दिखाया व्यवस्था में बदलाव, युवाओं का ध्यान अब पढ़ाई पर*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहले युवाओं को नौकरी पाने के लिए नेताओं की परिक्रमा करनी पड़ती थी। उनका समय पढ़ाई के बजाय सिफारिश के लिए चक्कर लगाने में बीतता था। आज युवा अपना पूरा ध्यान पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एचसीएस परीक्षा के परिणाम ने साबित किया है कि अब युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार अब तक 46,500 युवाओं को नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता भी जानते हैं कि उनकी खड़ी की हुई व्यवस्थाओं के बावजूद सरकार ने बिना पर्ची-खर्ची के नौकरियां दी हैं।

*पंजाब में नशे पर किए वादों का क्या हुआ, आप पार्टी की सरकार दे जवाब*

पंजाब में नशे की समस्या पर मुख्यमंत्री ने वहां की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से तीन से छह महीने में नशा कम करने का वादा किया गया था। उन्होंने पूछा कि उस वादे पर अब तक क्या परिणाम सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने काम करने का समय गंवा दिया और आज लोग डर के कारण नशे के खिलाफ शिकायत करने से भी बचते हैं। उन्होंने कहा कि जनता से किए वादों पर पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए।

*बिना थके, बिना रुके देश के लिए काम कर रहे प्रधानमंत्री मोदी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बिना थके, बिना रुके और बिना छुट्टी लिए देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कामकाज के कारण देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में बसे भारतीयों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने स्वीडन दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी लोग ‘मोदी-मोदी’ करते हैं और भारत में काम करने तथा निवेश करने के लिए उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री की नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की नीतियों और उनके प्रभाव की समझ नहीं है।

इस मौके पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, आयुक्त एवं सचिव श्री के मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

क्रमांक – 2026

*सड़क, पेयजल, उद्योग और निवेश से हरियाणा के विकास को गति देने पर जोर- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*नई औद्योगिक नीतियों के तहत पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये निवेश और 10 लाख रोजगार अवसरों का लक्ष्य*

 

*बुनियादी ढांचे के साथ सांस्कृतिक विरासत, शहीद परिवारों और जनकल्याण से जुड़े निर्णयों का ब्यौरा*

चंडीगढ़, 17 अक्टूबर-  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, पेयजल और परिवहन से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक नीतियों के लक्ष्य बताते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए किए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाया गया है। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना के तहत 4 हजार 827 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार 410 किलोमीटर लंबी 4 हजार 227 सड़कों की मरम्मत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 हजार 70 करोड़ रुपये की लागत से रेवाड़ी बाइपास और 170 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर बाइपास का निर्माण कराया है। सरकार ने विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान अपने घोषणापत्र में प्रदेश में 10 नए IMT स्थापित करने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 102 करोड़ रुपये की लागत से 40 नहर आधारित और आठ नलकूप आधारित जलघर स्थापित किए गए। इसी प्रकार, 184 करोड़ रुपये की लागत से 537 नलकूप और 188 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किये गये। उन्होंने कहा कि घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए 1 हजार 167 करोड़ रुपये की लागत से 6 हजार 718 किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें बिछाई गई। सरकार ने गांवों के विकास में पंचायतों को मजबूत किया है। विभिन्न योजनाओं और वित्त आयोगों के तहत पंचायती राज संस्थाओं के विकास कार्यो के लिए 3 हजार 919 करोड़ रुपये दिये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 71 शहरों में 849 नए सेक्टर विकसित करने के लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ भूमि की खरीद प्रक्रिया शुरू की है।

*उद्योग, निवेश और कारोबार*

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक जून 2026 को मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026 सहित 10 सेक्टोरल नीतियां लागू की गईं। इनके तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश और 10 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। नीति लॉन्च कार्यक्रम में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के 123 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। मुंबई निवेश रोड शो में भी 66 हजार 821 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 17 समझौते किए गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने नई MSME नीति-2026 भी लागू की है। इसके तहत, सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार, हरियाणा के निर्यात को दोगुणा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, प्रदेश के 14 लाख से अधिक छोटे उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। सितंबर, 2025 से लागू केंद्रीय जी.एस.टी सुधारों से प्रदेशवासियों को 2 हजार 652 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में स्टार्टअप जी.-एस-टी सुविधा प्रकोष्ठ और पंचकूला में एम.एस. एम.ई जी.एस.टी प्रकोष्ठ शुरू किया गया है। प्रदेश के 27 कर-जिलों, 5 रेंज कार्यालयों और मुख्यालय में सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों के दुकानदारों और बूथ आवंटियों के लंबित मामलों के समाधान के लिए “विवादों का समाधान” योजना लागू की गई।

*विरासत, संस्कृति और शहीद परिवारों का सम्मान*

उन्होंने कहा कि गीता के संदेश के प्रसार व कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए हरियाणा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण गठित किया है। प्रधानमंत्री जी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण जी के पवित्र शंख ‘पांचजन्य’ के प्रतिरूप का लोकार्पण किया। उन्होंने कुरुक्षेत्र में 164 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिख संग्रहालय का शिलान्यास भी किया।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों के 121 परिजनों को नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में 1 हजार 700 बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन, 1 हजार 517 को सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ और 1 हजार 109 को गुजरात के सोमनाथ मंदिर के दर्शन कराए गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मातृभाषा सत्याग्रहियों की मासिक पेंशन 14 जनवरी 2025 को 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये की गई। 10 अक्टूबर, 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मीडियाकर्मियों को आपात स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सहायता 2 लाख 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीद परिवारों के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ी है। सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के युद्ध में शहीद कर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 28 दिसम्बर, 2024 को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की है। 26 जून, 2025 को शहीदों के बच्चों के लिए छठी से बारहवीं कक्षा तक 60 हजार, स्नातक तक 72 हजार और स्नातकोत्तर तक 96 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युद्ध में शहीद अग्निवीरों के परिवारों को एक करोड़ रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया है।

इस मौके पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, आयुक्त एवं सचिव श्री के मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

क्रमांक – 2026

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