Saturday, August 30, 2025
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आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में भी मजबूत कदम साबित होंगे,सवा सौ करोड़ से बनेंगे 500 आधुनिक पंचायत घर

आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में भी मजबूत कदम साबित होंगे सवा सौ करोड़ से बनेंगे 500 आधुनिक पंचायत घर

गांवों के विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सवा सौ करोड़ रुपये की लागत से 500 आधुनिक पंचायत घरों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना का मकसद ग्रामीण जनता को न केवल बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, बल्कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और कार्यकुशलता को भी बढ़ावा देना है।

इन पंचायत घरों को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रत्येक भवन में बैठक कक्ष, रिकॉर्ड रूम, डिजिटल सुविधाएं और नागरिकों के लिए प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। साथ ही, इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर जैसे उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि पंचायतें ऑनलाइन सेवाओं को प्रभावी ढंग से चला सकें। ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी अब गांव स्तर पर ही मिलेगी।

सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत घरों की कमी और पुराने भवनों की जर्जर स्थिति अक्सर विकास कार्यों में बाधा बनती है। ऐसे में यह पहल गांवों को मजबूत आधारभूत संरचना देने में अहम भूमिका निभाएगी। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन भवनों का निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होगा और तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

इस योजना से गांवों के युवाओं और महिलाओं को भी बड़ी सुविधा होगी। पंचायत घरों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूहों की बैठकें और सरकारी योजनाओं पर कार्यशालाएं अब और भी बेहतर वातावरण में की जा सकेंगी। डिजिटल सुविधा से ग्रामीण छात्र भी लाभान्वित होंगे और ई-गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत घरों का निर्माण केवल ईंट और सीमेंट तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इनमें सस्टेनेबल और पर्यावरण अनुकूल तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। ऊर्जा की बचत के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे और वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे यह भवन आने वाले वर्षों में भी टिकाऊ और उपयोगी साबित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। गांवों में प्रशासनिक कार्य पहले जहां मुश्किल और लंबा समय लेने वाले होते थे, वहीं अब इन्हें आधुनिक पंचायत घरों के जरिए सरल और तेज बनाया जा सकेगा।

ग्रामीण जनता ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पंचायत घर केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के विकास का केंद्र बनते हैं। यहां होने वाले निर्णय सीधे गांव की तरक्की से जुड़े होते हैं। जब सुविधाएं आधुनिक होंगी तो कामकाज की गति भी दोगुनी होगी।

इस तरह, सवा सौ करोड़ रुपये से बनने वाले 500 पंचायत घर न केवल ग्रामीण विकास का नया अध्याय लिखेंगे, बल्कि आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में भी मजबूत कदम साबित होंगे।

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