Saturday, March 14, 2026
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चरित्र और निर्णय तय करते हैं जीवन की दिशा- सीजेआई सूर्य कांत

चरित्र और निर्णय तय करते हैं जीवन की दिशा- सीजेआई सूर्य कांत

 

– मुख्य न्यायाधीश ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा, शिक्षा का सही उपयोग ही है सच्ची सफलता

 

– कुलपति ने दीक्षांत समारोह में मैडल व डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं एवं बधाई दी

 

– हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित, 50 को मिले पदक व 1462 को मिली डिग्रियां

चंडीगढ़, 14 मार्च- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के प्रांगण में शनिवार को भव्य 12वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। वहीं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू व आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

इनके साथ साथ न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ, न्यायमूर्ति एन. एस. शेखावत, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल चंद्र शेखर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नारनौल नरेंद्र सूरा, उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार व पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ सहित जिला प्रशासन व विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे।

सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री केवल उस ज्ञान की पुष्टि करती है जो वर्षों की मेहनत से अर्जित किया गया है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के जीवन की असली दिशा और दशा उसके चरित्र और निर्णय लेने की क्षमता तय करती है। उन्होंने कहा कि जब औपचारिक शिक्षा का ढांचा व्यक्ति के आसपास नहीं रहता, तब वही चरित्र और विवेक उसके मार्गदर्शक बनते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सही निर्णय लेने की क्षमता को भी विकसित करना चाहिए।

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के लिए नए अवसरों के द्वार खोलती है। इससे उसकी क्षमताओं का विस्तार होता है, उसकी कमाई की संभावनाएँ बढ़ती हैं और जीवन में आगे बढ़ने के कई रास्ते उपलब्ध होते हैं। लेकिन इसके साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि उच्च शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का साधन नहीं है, बल्कि इसके साथ समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की इमारतों का निर्माण, प्रयोगशालाओं का संचालन और शिक्षकों का वेतन उन संसाधनों से संभव होता है जो जनता के कर से जुटाए जाते हैं। देश के लाखों ऐसे नागरिक हैं जो स्वयं विश्वविद्यालय तक नहीं पहुँच पाते, लेकिन उनके द्वारा दिए गए कर से ही उच्च शिक्षा की व्यवस्था संचालित होती है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि शिक्षित युवा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें और सार्वजनिक संस्थाओं जैसे न्यायपालिका, सिविल सेवाएँ, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। यही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने हरियाणा के लोकप्रिय खेल कबड्डी का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कबड्डी में एक रेडर एक ही साँस में विरोधी पाले में प्रवेश करता है और लगातार “कबड्डी-कबड्डी” का उच्चारण करता रहता है। यह केवल खेल का नियम नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मनियंत्रण का प्रतीक भी है। इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकता है, लेकिन उसे हमेशा यह समझ बनाए रखनी चाहिए कि उसकी सीमाएँ क्या हैं और कब उसे वापस लौटना है।

उन्होंने कहा कि महान रेडर वही होते हैं जो बिना अति महत्वाकांक्षा के सही समय पर निर्णय लेते हैं और सुरक्षित लौट आते हैं। वहीं डिफेंडर भी तभी सफल होते हैं जब वे एकजुट होकर टीम के रूप में काम करते हैं। इसी प्रकार जीवन में भी व्यक्ति को बड़े सपने देखने चाहिए, लेकिन साथ ही विनम्रता, अनुशासन और सामूहिकता की भावना को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सफलता के साथ-साथ समाज और संस्थाओं को मजबूत बनाने का संकल्प भी लें, क्योंकि यही किसी भी शिक्षा की वास्तविक कसौटी है।

इस अवसर पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसे विद्यार्थी जीवन भर याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हमेशा अपने संस्थान को याद रखें और एक जिम्मेदार पूर्व छात्र (एलुमनाई) के रूप में संस्थान से जुड़े रहें। उन्होंने बताया कि आईआईटी जैसे संस्थानों की सफलता में उनके एलुमनाई का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

प्रो. आहूजा ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग सही दिशा में करें, शॉर्टकट से बचें और ईमानदारी को हमेशा बनाए रखें। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के जीवन को मेहनत और ईमानदारी का प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी नई तकनीकों को अपनाकर कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करें और देश के विकास में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि स्टार्ट-अप शुरू करके रोजगार देने वाले बनना चाहिए। उन्होंने शोध और नवाचार को देश के विकास की कुंजी बताते हुए कहा कि भारत को एक शोध-प्रधान राष्ट्र बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरु-शिष्य परंपरा, माता-पिता और संस्थान के प्रति सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की रिपोर्ट एवं विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद देते हुए कुलपति प्रोफेसर टंकेशवर कुमार ने कहा कि कुलपति ने कहा कि आज हम सभी के लिए यह गौरव की बात है कि देश के करोड़ों युवाओं की प्रेरणा एवं मार्गदर्शक, भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत जी हमारे बीच में हैं वे देश के उस मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने कड़े संघर्ष व मेहनत से जीवन में एक बड़ा मुकाम व कीर्तिमान हासिल किया है। वे  देश की युवा शक्ति के लिए एक प्रेरणा हैं।

कुलपति ने कहा कि 21वीं सदी में हम विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। विकसित देशों की श्रेणी में जाने का रास्ता हमारे महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से होकर ही जाता है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की और से निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय एवं अतंरराष्ट्रीय मंचो पर हमारी रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ है। हमें वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर 44 वां स्थान हासिल हुआ है व हरियाणा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में हमारी रैंकिंग प्रथम स्थान पर रही है। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैकिंग में  फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस व इंजीनियरिंग पाठयक्रम में हमारी रैकिंग अच्छी रही है।

विश्वविद्यालय के शिक्षकों के 3000 से अधिक शोध पत्र  स्कोपस एवं वेब ऑफ साइंस डेटा बेस पर प्रकाशित किए हैं व हमारा एच इंडेक्स 82 है। वर्ष 2025 में ही अकेले हमारे शिक्षकों ने 622 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं जो एक रिकार्ड है।

विश्वविद्यालय सभी विभागों, पाठयक्रमों व संकायों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में सफल रहा है। वर्तमान में हमारे सभी पाठयक्रम एनईपी आधारित हैं। हमने अपने पाठयक्रमों में अंतरविषयक पाठयक्रमए एसडीजी मेपिंग, वेल्यू एडिड, भारतीय ज्ञान परंपरा, स्किल व वोकेशनल एजुकेशन , मल्टीपल एंट्री एवं एक्जिट  की शुरूआत की है। एनईपी के तहत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवक  मूक कोर्सिज को लाूग किया है। आज हमारे सभी पाठयक्रम वैश्विक मानको के अनुरूप हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप टीचिंग की गुणवता को सुधारने के लिए ही विभिन्न विभागों में प्रोफेसर ऑफ प्रेक्टिस को नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के 8 संकाय, 35 विभागों में 90 से अधिक पाठयक्रमों में 5000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हमने विश्वविद्यालय में अगले अकादमिक सत्र से कुछ नए विभाग व पाठयक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। मुझे आशा है कि अगले पांच वर्ष में 10 हजार से अधिक विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे होंगे।

उन्होंने से विद्यार्थियों से अपने जीवन में विकसित भारत का संकल्प लेने का आहवान किया।  कुलपति ने विद्यार्थियों से आहवान किया कि  सभी हर समय कुछ नया सीखते रहें। बदलती दुनिया के साथ हम कदमताल तभी कर पाएंगे जब हमेशा विद्यार्थी बन कर कर लाइफ लांग लर्नर बनें रहेंगे। इस मौके पर मैडल व डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र छात्राओं को बधाई दी।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने सभी का धन्यवाद करते हुए दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए आभार जताया। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेनु यादव व उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सम कुलपति प्रोफेसर पवन शर्मा, एडीसी तरुण पावरिया सहित सभी डीन, डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं जिला प्रशासन के सभी अधिकारी मौजूद थे।

क्रमांक— 2026

फरीदाबाद को बनाएंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक शहर : विपुल गोयल

 

– फरीदाबाद आएंगे मुख्यमंत्री, 4 अप्रैल को सेक्टर-12 में होगा बड़ा कार्यक्रम

चंडीगढ़, 14 मार्च- हरियाणा के  राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने शनिवार को फरीदाबाद में फ्लावर फेस्टिवल 2026 का बतौर मुख्यातिथि शुभारंभ किया। उन्होंने  नगर निगम फरीदाबाद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कई वर्षों पहले टाउन पार्क में आयोजित होने वाला फ्लावर शो पुनः शुरू करना एक सराहनीय पहल है। इस कार्यक्रम को साकार करने में नगर निगम की टीम, जनप्रतिनिधियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के लोग केवल विकास ही नहीं बल्कि शहर की सुंदरता और हरियाली को लेकर भी सजग हैं। उन्होंने पूर्व में किए गए वृक्षारोपण अभियानों, टाउन पार्क के विकास, इको-वन, नमो-वन, और पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में टाउन पार्क के लिए स्वीकृत विकास कार्यों से और बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए वाटर कैनाल और बोटिंग जैसी सुविधाएं शुरू करने की भी योजना है। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कूड़ा संग्रहण, डोर-टू-डोर कलेक्शन, मैकेनाइज्ड और मैनुअल सफाई, तथा नाइट स्वीपिंग जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है और अगले कुछ महीनों में शहर में बड़ा बदलाव दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि आगामी 4 अप्रैल को सेक्टर-12 में सुबह 11 बजे माननीय मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट में फरीदाबाद को अनेक महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं और आगे की योजनाओं के लिए उनसे आशीर्वाद लिया जाएगा, साथ ही पहले से करवाये गए विकास कार्यों के लिए उनका धन्यवाद भी किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया, ताकि शहर के विकास से जुड़े मुद्दे मजबूती से रखे जा सकें।

क्रमांक— 2026

खेल मंत्री गौरव गौतम के प्रयासों से पलवल नगर परिषद को मिली बड़ी सौगात

 

मुख्यमंत्री हरियाणा ने पार्किंग स्थल व ऑफिसर-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु जमीन ट्रांसफर को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 14 मार्च— हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा कैबिनेट की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस प्रस्ताव के तहत प्रांतीय सरकार की भूमि को नगर परिषद पलवल को पार्किंग स्थल तथा नगर परिषद के ऑफिसर-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए वर्तमान कलेक्टर रेट की दरों पर ट्रांसफर किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पलवल शहर की लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या एवं नगर परिषद के लिए उपयुक्त प्रशासनिक परिसर की आवश्यकता को लगातार सरकार के समक्ष उठाया था, जिसके फलस्वरूप यह प्रस्ताव कैबिनेट से पारित हुआ। खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पलवल के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में शहर को और अधिक विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी।

क्रमांक— 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की माताजी के निधन पर जताया शोक

चंडीगढ़, 14 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा के  अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण की माताजी, श्रीमती प्रेम कौर कल्याण के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमती प्रेम कौर कल्याण के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत माताजी की पुण्य स्मृति को सादर नमन करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

क्रमांक-2026

हरियाणा में ‘भू-मित्र’ व्हाट्सऐप चैटबॉट लॉन्च, भूमि व राजस्व सेवाएँ होंगी 24×7 उपलब्ध

 

भूमि व राजस्व सेवाएँ अब हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध

चंडीगढ़, 14 मार्च– हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने ‘भू-मित्र’ नामक व्हाट्सऐप आधारित चैटबॉट लॉन्च किया है, जो भूमि और राजस्व से संबंधित सेवाएँ लेने वाले नागरिकों को 24×7 सहायता प्रदान करेगा। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध यह चैटबॉट राज्य के हर नागरिक के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि भू-मित्र एक स्मार्ट, संवादात्मक (कन्वर्सेशनल) चैटबॉट है, जिसे सीधे व्हाट्सऐप के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म पहले से ही हरियाणा के नागरिकों के बीच व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या जटिल पोर्टलों का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने स्मार्टफोन पर कुछ ही क्लिक के माध्यम से घर बैठे दिन के किसी भी समय आवश्यक राजस्व सेवाएँ प्राप्त कर सकेंगे।

डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि भू-मित्र चैटबॉट के माध्यम से नागरिक फिलहाल चार प्रमुख राजस्व सेवाओं का लाभ ले सकते हैं भूमि स्वामित्व और खेती संबंधी रिकॉर्ड के लिए जमाबंदी की प्रति, भूमि स्वामित्व में परिवर्तन से संबंधित इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रति, संबंधित मामलों के लिए मुआवजा पंजीकरण तथा दस्तावेज़ पंजीकरण (डीड रजिस्ट्रेशन) से संबंधित सहायता। इसके अतिरिक्त चैटबॉट के माध्यम से डीड टोकन जनरेशन, भूमि सीमांकन के लिए आवेदन, भूमि एवं राजस्व से जुड़ी शिकायत दर्ज करना, तथा शिकायत की स्थिति की रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ भी एक सरल संवादात्मक इंटरफेस के जरिए व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होंगी।

नागरिक व्हाट्सऐप नंबर 95933 00009 को सेव करके और उस पर मैसेज भेजकर भू-मित्र सेवा का उपयोग कर सकते हैं। यह चैटबॉट साल के 365 दिन, चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा और हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में सहज संवाद की सुविधा प्रदान करेगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि व्हाट्सऐप जैसे परिचित और व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्लेटफॉर्म पर महत्वपूर्ण राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराकर विभाग का उद्देश्य प्रशासनिक देरी को कम करना, कार्यालयों के अनावश्यक दौरे घटाना और नागरिकों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना है। द्विभाषी इंटरफेस यह सुनिश्चित करेगा कि यह सेवा समाज के सभी वर्गों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों तक भी आसानी से पहुंचे।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले सप्ताह से डीड रजिस्ट्रेशन सेवाओं से संबंधित सभी एसएमएस भी भू-मित्र प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे जाएंगे, जिससे नागरिकों को समय-समय पर अपडेट और जानकारी सीधे चैटबॉट के जरिए मिल सकेगी।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि आने वाले हफ्तों में भू-मित्र प्लेटफॉर्म में और भी सेवाएँ जोड़ी जाएंगी, जिससे डिजिटल शासन को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को अधिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह पहल हरियाणा में पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

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