Homepunjabमुख्यमंत्री ने किया विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ का विमोचन

मुख्यमंत्री ने किया विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ का विमोचन

मुख्यमंत्री ने किया विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ का विमोचन

 

‘जल संजीवनी’ पत्रिका को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यों को आमजन तक पहुंचाने तथा जल सुरक्षा व स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया

चंडीगढ़, 15 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा निवास में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ के प्रथम संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा, उद्योग एवं वाणिज्य तथा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘जल संजीवनी’ पत्रिका विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह प्रकाशन न केवल नागरिकों को विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों से अवगत कराएगा, बल्कि जल संरक्षण, जल सुरक्षा तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पत्रिका विभाग की जनहितकारी पहलों को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विभाग के इस प्रयास की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज जल प्रबंधन एवं ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार के सतत प्रयासों तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप प्रदेश ‘शुद्ध जल, पर्याप्त जल’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप हर व्यक्ति तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा ने बताया कि ‘जल संजीवनी’ पत्रिका में विभाग द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों तथा विकासात्मक पहलों का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया गया है। पत्रिका में जल जीवन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए किए गए कार्यों, जलापूर्ति कवरेज, बजट के प्रभावी उपयोग तथा आधारभूत संरचना विकास से संबंधित प्रमुख उपलब्धियों को शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस पत्रिका में जल गुणवत्ता प्रबंधन, आधुनिक जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की सुविधाओं तथा नागरिकों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है। प्रदेश के उत्कृष्ट जल शोधन संयंत्रों एवं सीवेज उपचार संयंत्रों की कार्यप्रणाली, विभाग द्वारा अपनाई गई श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों, तकनीकी नवाचारों तथा जल संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों को भी पत्रिका में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

श्री गंगवा ने बताया कि पत्रिका में विभाग द्वारा समुदाय के सहयोग से संचालित गतिविधियों, विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रमों, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पहलों तथा हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से कार्यों में लाई गई पारदर्शिता एवं दक्षता को भी दर्शाया गया है। नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग द्वारा शिकायत निवारण तंत्र को भी सुदृढ़ किया गया है। केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं का विभागीय सेवाओं पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

श्री गंगवा ने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने, जल स्रोतों के संरक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के माध्यम से हरियाणा ने जल सुरक्षा एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। ‘जल संजीवनी’ पत्रिका विभाग के इन्हीं प्रयासों, नवाचारों एवं उपलब्धियों का प्रतिबिंब है, जो हरियाणा को जल प्रबंधन एवं स्वच्छता के क्षेत्र में एक सशक्त, प्रगतिशील एवं प्रेरणादायी राज्य के रूप में प्रस्तुत करती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उप-प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री देवेंद्र दहिया तथा जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन के निदेशक डॉ. जसवंत सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

क्रमांक-2026

 

हरियाणा सरकार रोहतक आगजनी से पीड़ित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुकानों के हुए नुकसान का किया अवलोकन

 

मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा प्रभावित व्यापारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा

 

घटना में जान गंवाने वालों के निवास स्थान पहुंचकर परिजनों को बंधाया ढांढस

 

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की

चंडीगढ़, 15 जून-   हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में गत 9 जून को हुई भीषण आगजनी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित बाजार का दौरा कर दुकानदारों से संवाद किया तथा दुकानों को हुए नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आगजनी में मृतक अमन कुमार पुत्र जगदीश, रोहित खुराना तथा कपिल कुमार के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आग से भारी नुकसान झेलने वाले प्रतिष्ठानों को भी मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल सहायता दी जाएगी।

दौरे के उपरांत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ए सी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और अनेक प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस दुखद घटना में अमन कुमार, रोहित खुराना तथा कपिल कुमार की मृत्यु हुई है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए परमपिता परमात्मा से अपने चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

सरकार पीड़ित परिवारों व व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार भीषण आगजनी के पीड़ित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, फिर भी राज्य सरकार पीड़ित परिवारों और प्रभावित व्यापारियों की हर संभव सहायता करेगी। श्री सैनी ने घोषणा की कि आगजनी में मृतक अमन कुमार पुत्र जगदीश, रोहित खुराना तथा कपिल कुमार के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आग से भारी नुकसान झेलने वाले प्रतिष्ठानों को भी मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल सहायता दी जाएगी। सरकार द्वारा इस घटना में हुए नुकसान की पूरी भरपाई की कोशिश की जायेगी।

दुकानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल दी जायेगी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस घटना में प्रभावित दिल्ली शूज के संचालक अमरजीत सिंह पुत्र रामप्रकाश को 5 लाख रुपये, रोहतक शूज कंपनी के संचालक सतीश कुमार पुत्र भूप सिंह को 5 लाख रुपये, शूज प्लाजा से गीता रानी पत्नी जय किशन को 5 लाख रुपये, रीगल शूज से इंदु जुनेजा पत्नी राजेश जुनेजा को 5 लाख रुपये, शिव जनरल स्टोर के नवनीत जुनेजा पुत्र हरीश कुमार को 5 लाख रुपये, बिंदु जनरल स्टोर के संचालक देशबंधु जैन पुत्र प्रकाशचंद जैन को 5 लाख रुपये, फुटलुक फुटवेयर के संचालक अशोक कुमार जैन को 5 लाख रुपये तथा कैलाश बूट हाउस के संचालक प्रियांशु कालड़ा पुत्र कैलाशचंद को 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

घटना में प्रभावित रेहड़ी-फड़ी वालों की भी की जायेगी पूरी मदद

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आनंद फ्रूट जूस की संचालिका मीना कुमारी पत्नी टेकचंद तथा सहगल फ्रूट जूस के संचालक मुकेश पुत्र अशोक कुमार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेहड़ी एवं छोटे कारोबारियों को भी राहत प्रदान की जाएगी। अन्नपूर्णा भोजनालय (रेहड़ी रोटी परांठा) को 50 हजार रुपये, किचन ऑन व्हील्स के संचालक गौरव पुत्र सतीश कुमार को 50 हजार रुपये तथा क्लॉथ खोखा एवं नारियल पानी के संचालक नीरज पुत्र दर्शन सिंह को 50 हजार रुपये की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) द्वारा आगजनी से हुए नुकसान का विस्तृत आकंलन किया जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार अतिरिक्त सहायता और मुआवजे के संबंध में भी आवश्यक निर्णय लेगी, ताकि प्रभावित व्यापारियों को अधिकतम राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना बाजार है और ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

जिला के प्रशासनिक अधिकारी व फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए किया सराहनीय कार्य

मुख्यमंत्री ने फायर ब्रिगेड विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि आग लगने के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लगभग छह से सात घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। जब तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हुई, तब तक प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर डटी रहीं।

मुख्यमंत्री ने आगजनी की घटना में जान गंवाने वालों के घर जाकर किया शोक व्यक्त और शोक संतप्त परिजनों को बंधाया ढांढस

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्थानीय डी पार्क पर गत 9 जून को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले तीनों व्यक्तियों अमन, रोहित खुराना व कपिल कुमार के निवास स्थान पर पहुंचकर गहरा दुख प्रकट किया और  शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, विधायक महंत बालक नाथ, उपायुक्त सचिन गुप्ता, पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

हरियाणा ने विश्व पर्यावरण दिवस पर दिया हरित विकास का संदेश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिला व्यापक जनसमर्थन

चंडीगढ़, 15 जून- हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदेशवासियों से 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कम से कम दो पौधे लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पौधे भावी पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार हैं और प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि पेड़ मानव जीवन के लिए फेफड़ों की तरह कार्य करते हैं क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य और पेड़ों का रिश्ता जन्म से मृत्यु तक बना रहता है। जीवनभर पेड़ हमें ऑक्सीजन, भोजन और छाया देते हैं तथा मृत्यु के बाद भी विभिन्न रूपों में मानव के काम आते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय सहयोग देना चाहिए। मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे हरियाणा में हरित विकास की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी और लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम-2’ अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि इस वर्ष 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 12 वर्ष एक ही माह में पड़ रहे हैं। इसे यादगार बनाने के लिए लोगों को 12 नए स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जुलाई माह में हर वर्ष वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लोगों को मानसून के दौरान पौधारोपण कर इसे कम से कम 5 वर्ष तक की रक्षा करनी चाहिए, जब तक की ये जड़ पकड़कर पेड़ का रुप ना लें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड का बजटीय प्रावधान भी किया है। यह फंड शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से वायु एवं जल प्रदूषण जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा अब केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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