पंजाब शिक्षा में बना देश का अग्रणी राज्य, कक्षा 1 से 12 तक AI लागू करने वाला पहला राज्य: हरजोत सिंह बैंस
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में देशभर में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर लाए गए निंदा प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सरकार की उपलब्धियों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वह झूठे आरोप लगाकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब अब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है और कक्षा 1 से 12 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला भारत का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधारों के सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं और सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड प्रदर्शन ने इसकी पुष्टि कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET-UG परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 437 थी। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में यह उपलब्धि 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक की घटना नहीं हुई है।
विधानसभा में बोलते हुए बैंस ने कहा कि हाल ही में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की फार्मेसी परीक्षा में सामने आया मामला पेपर लीक नहीं, बल्कि तकनीक आधारित नकल का मामला था। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने हरियाणा से संचालित एक हाई-टेक नकल गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें आधुनिक मोबाइल फोन, वायरलेस ईयरपीस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी क्योंकि राज्य शिक्षा सुधारों के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना चुका है। नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निवेश को लगातार बढ़ाया है। वर्ष 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा 3,500 करोड़ रुपये की लागत से शिक्षा क्रांति 2.0 मिशन शुरू किया गया है, जिसके तहत 118 अत्याधुनिक शिक्षण संस्थान स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि AI विषय का पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए सिंगापुर, फिनलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका की शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन किया गया। इस पहल से राज्य के 25,172 स्कूलों और लगभग 31.5 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति में सुधार के लिए छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए।


