पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी तोहफा, DA में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी
चंडीगढ़, 18 सितंबर: पंजाब के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। सरकार के अनुसार बढ़ा हुआ DA सितंबर महीने के वेतन से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ बताते हुए कहा कि सरकार उनके कल्याण और जायज मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को बातचीत के जरिए हल करने के लिए कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ नियमित मासिक बैठकें की जाएंगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक बैठक में पुरानी पेंशन योजना (OPS), परखकाल के दौरान वेतन, आशा वर्करों और मिड-डे-मील वर्करों से जुड़े मुद्दों समेत कई लंबित मामलों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन मामलों के स्थायी समाधान के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक की जाएगी।
भगवंत मान ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों पर लागू नियमों, वित्तीय प्रभाव और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए विचार करेगी। इनमें 2.59 पेंशन मल्टीप्लीकेशन फैक्टर, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, विभिन्न भत्तों की बहाली, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP), परखकाल से जुड़े मुद्दे और अदालती फैसलों को लागू करने जैसे मामले शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी केवल सरकारी व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि आम लोगों तक सरकारी सेवाएं और कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, जब कर्मचारी सम्मान और संतुष्टि के साथ काम करते हैं तो प्रशासनिक व्यवस्था भी बेहतर तरीके से काम करती है।
महिला कर्मचारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी व्यावसायिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए तैनाती को उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में रखने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों को काम और परिवार के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करना है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से करीब 70 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर की गई, ताकि युवाओं को बिना सिफारिश और भ्रष्टाचार के रोजगार के अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के कल्याण और राज्य की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाकर फैसले लेने पड़ते हैं। उन्होंने कर्मचारियों से पूरी लगन और समर्पण के साथ काम जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी आम नागरिकों के सामने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बैठक के दौरान सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबे समय से लंबित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान तलाशने की कोशिश जारी रहेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सचिव आम राज प्रबंध के.के. यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
News written by Priyanka Thakur


