पंजाब पुलिस ने किशोरियों के लिए सशक्तिकरण और जागरूकता अभियान की शुरुआत की
चंडीगढ़/लुधियाना, 18 सितंबर: पंजाब पुलिस ने 12 से 18 वर्ष की आयु की किशोरियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता एवं सशक्तिकरण अभियान शुरू किया है। इस बहुआयामी पहल के तहत विशेष रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में रहने वाली किशोरियों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जाएगा।
अभियान की तैयारियों को लेकर लुधियाना पुलिस लाइंस के कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष डीजीपी, कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (CAD), गुरप्रीत कौर दियो की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रशासनिक, चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों एवं संस्थाओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना था, जहां किशोरियों को सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और अपराध के संभावित जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। इन क्षेत्रों के लिए कार्रवाई योग्य इंटरवेंशन मॉड्यूल तैयार करने पर भी चर्चा की गई।
विशेष डीजीपी गुरप्रीत कौर दियो ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को सुरक्षित निर्णय लेने, अपने अधिकारों को समझने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनाना है।
अभियान के तहत किशोरियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, कानूनी एवं सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, भावनात्मक स्थिरता, नेतृत्व क्षमता, करियर मार्गदर्शन और संचार कौशल जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में भी सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।
पंजाब पुलिस के अनुसार, अभियान का दायरा केवल स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल छोड़ चुकी लड़कियों, आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रवासी परिवारों से संबंधित किशोरियों, दिव्यांग लड़कियों तथा बाल मजदूरी या कम उम्र में विवाह के जोखिम का सामना कर रही लड़कियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर, व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्र, इंटरैक्टिव फ्लायर, नुक्कड़ नाटक और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जानकारी पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है।
पहल को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, अभिभावकों, शिक्षकों, गैर-सरकारी संगठनों और सामुदायिक नेताओं को भी जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य किशोरियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य से जुड़े अवसरों के बारे में जानकारी देना है।
समन्वय बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जांच-कम-जिला सामुदायिक पुलिसिंग अधिकारी) लुधियाना रुपिंदर भट्टी, सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर, डीएमसी लुधियाना के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अनुराग चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि, शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल अमनदीप सिंह, ‘डू गुड फाउंडेशन’ से जैस्मीन पाहवा तथा आई.डी.आर.एफ., चंडीगढ़ के शोधकर्ता मौजूद रहे।
News written by Priyanka Thakur


