चंडीगढ़, 2 अप्रैल 2026:
पंजाब सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। स्थानीय निकाय, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और तेज सेवाएं प्रदान करना है।
मंत्री ने जानकारी दी कि सुधार ट्रस्टों के लिए एकमुश्त निपटारा (ओटीएस) योजना को 30 अप्रैल 2026 तक फिर से लागू किया गया है। इस योजना के तहत नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस पर लगभग 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जिससे संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में हाउस टैक्स संग्रह 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष 500 करोड़ रुपये था। यह बढ़ोतरी शहरी निकायों की पारदर्शिता और कार्यकुशलता को दर्शाती है।
शहरी विकास को गति देने के लिए नगर निगमों और काउंसिलों में 1300 करोड़ रुपये की लागत से 2120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं को मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
व्यापार को आसान बनाने के लिए बिल्डिंग प्लान मंजूरी प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब फाइलें केवल एक बार कमिश्नर के पास जमा होंगी। इसके अलावा, सिंगल-विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे विभिन्न मंजूरियां एक ही स्थान पर तेजी से मिल सकेंगी।
फायर सर्विसेज के आधुनिकीकरण के लिए 131 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें नए फायर टेंडर और 13 फायर स्टेशनों की स्थापना शामिल है। वहीं, सीवरेज सिस्टम की सफाई और सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जल प्रबंधन के तहत सतही जल परियोजनाओं और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे साफ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मंत्री ने कहा कि ये सभी कदम पंजाब को शहरी विकास के नए दौर में ले जाएंगे और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे।
✍️ रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर


