मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी जीवनरक्षक, पटियाला की महिला ने जीती कैंसर से जंग
चंडीगढ़/पटियाला, 18 अप्रैल | प्रियंका ठाकुर
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सही समय पर मिली सहायता किसी की जिंदगी बदल सकती है। पटियाला के निवासी गुरपिंदर जीत सिंह की 65 वर्षीय मां बलजीत कौर ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हराकर नई जिंदगी पाई है।
करीब पांच महीने पहले शुरू हुआ यह संघर्ष बेहद कठिन था। शुरुआत में मामूली बीमारी समझकर इलाज करवाया गया, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें बच्चेदानी का कैंसर है, जो आगे बढ़कर लीवर और फेफड़ों तक फैल चुका था। परिवार के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।
सीमित आय वाले एक ड्राइवर के लिए इलाज का खर्च उठाना लगभग असंभव था। शुरुआत में ही इलाज पर हजारों रुपये खर्च हो चुके थे और आगे का खर्च लाखों में था। इसी बीच गुरपिंदर को मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाया।
योजना के तहत स्मार्ट कार्ड मिलने के बाद इलाज का पूरा खर्च सरकार ने वहन किया। महंगे टेस्ट, कीमोथेरेपी, दवाइयां, ऑपरेशन, आईसीयू और अस्पताल में रहने का खर्च—all योजना के तहत कवर हुआ। डॉक्टरों के अनुसार इस पूरे इलाज पर करीब 8 से 10 लाख रुपये खर्च हुए।
इलाज के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत और परिवार के हौसले से आखिरकार ऑपरेशन सफल रहा। करीब आठ घंटे चली सर्जरी के बाद मरीज की हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी।
आज गुरपिंदर के लिए यह राहत किसी चमत्कार से कम नहीं है। वह कहते हैं कि अगर यह योजना न होती तो शायद उनकी मां का इलाज संभव नहीं हो पाता।
यह कहानी न केवल एक परिवार के संघर्ष की है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रभावी सरकारी योजनाएं किस तरह लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।


