नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी ने पंजाब से जुड़े सात राज्यसभा सांसदों की सदस्यता समाप्त करने के लिए राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति को औपचारिक याचिका भेज दी है। यह जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
संजय सिंह ने कहा कि जो सांसद आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्होंने न केवल पार्टी बल्कि पंजाब की जनता, लोकतंत्र और संविधान के साथ भी धोखा किया है। उन्होंने दावा किया कि संविधान विशेषज्ञों का भी मानना है कि इन सांसदों की सदस्यता समाप्त होना तय है।
उन्होंने बताया कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत यह स्पष्ट प्रावधान है कि दल बदल करने वाले सांसदों की सदस्यता समाप्त की जा सकती है। इसी आधार पर उपराष्ट्रपति को भेजी गई याचिका में इन सातों सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को पहले जांच एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई के माध्यम से दबाव में लाती है और बाद में उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से संविधान के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को अपनी पार्टी से वैचारिक मतभेद है, तो उसे पहले इस्तीफा देना चाहिए और फिर किसी अन्य दल में शामिल होना चाहिए। लेकिन बिना इस्तीफा दिए पार्टी बदलना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है।
संजय सिंह ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले पहले आ चुके हैं, जिनमें उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के मामलों का जिक्र किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यसभा सभापति इस मामले में जल्द निर्णय लेंगे।
पंजाब की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग इन सांसदों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी पूरी मजबूती से इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ेगी।


