पंजाब में अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को बड़ी राहत, राज्य स्तरीय नीति लाने की तैयारी
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्यभर की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही ऐसी कॉलोनियों से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान के लिए एक व्यापक राज्य स्तरीय नीति तैयार करेगी। इस नीति का उद्देश्य उन लोगों के हितों की रक्षा करना है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई इन कॉलोनियों में निवेश की, लेकिन बाद में कानूनी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे पंजाब में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो अनधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने के बाद परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कई लोगों को न तो अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की सुविधा मिली और न ही वे जमीन की खरीद-फरोख्त कर सके। इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया।
भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि सरकार भोले-भाले खरीदारों और धोखाधड़ी करने वाले कॉलोनाइज़रों के बीच अंतर करती है। उन्होंने कहा कि कई कॉलोनाइज़र लोगों को आकर्षक विज्ञापनों और झूठे वादों के जरिए भ्रमित कर प्लॉट बेचते रहे। बाद में यह सामने आया कि इन परियोजनाओं को संबंधित प्राधिकरणों की मंजूरी ही प्राप्त नहीं थी, जिसके कारण खरीदारों को वर्षों तक परेशान होना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए एक समान नीति लागू करेगी, जो केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं होगी बल्कि पूरे राज्य में लागू होगी। उन्होंने कहा कि नीति का लाभ सभी पात्र नागरिकों को मिलेगा और उनके सामने आने वाली कानूनी एवं प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसे कॉलोनाइज़रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने लोगों को गुमराह कर उनकी मेहनत की कमाई से खिलवाड़ किया। सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी।
उन्होंने बताया कि जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर नागरिकों से प्राप्त सुझावों और लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर एक व्यावहारिक और स्थायी समाधान तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि भविष्य में किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और यह सुनिश्चित करें कि संबंधित परियोजना को सक्षम प्राधिकरणों से मंजूरी प्राप्त है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।


