Homepunjabपंजाब की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं: सतनाम सिंह संधू

पंजाब की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं: सतनाम सिंह संधू

पंजाब की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं: सतनाम सिंह संधू

डेराबस्सी: भाजपा के राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने डेराबस्सी में अपने एमपीएलएडी फंड से कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में 324 लाख से अधिक ‘लखपति दीदियां’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

डेराबस्सी में भाजपा नेता और पंजाब कृषि उद्योग के पूर्व उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बन्नी संधू द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न गांवों की 1200 से अधिक महिलाओं से बातचीत करते हुए राज्यसभा सदस्य ने आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बन्नी संधू से केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि की खोज करने को कहा और आश्वासन दिया कि वे केंद्र सरकार से धन के लिए संपर्क करेंगे और अपने एमपीएलएडी फंड से भी योगदान देंगे।

इस अवसर पर भाजपा के जिला प्रभारी जगदीप सिंह औजाला भी उपस्थित थे।

केंद्र सरकार की ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों के महिला सशक्तिकरण में योगदान की सराहना करते हुए संधू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और स्वतंत्रता के बाद देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महिलाओं की भूमिका के बारे में बात की।

उन्होंने कहा कि देशभर की 2.9 करोड़ लखपति दीदियों में से 3,24,811 पंजाब से हैं। इसी तरहए पंजाब में 57 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) हैं, जिनमें इतनी ही महिला सदस्य ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित हैंए जो प्रौद्योगिकी आधारित आजीविका पहलों में राज्य के योगदान को दर्शाती हैं।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की लखपति दीदी योजना एसएचजी में महिलाओं को ₹1 लाख या उससे अधिक की स्थायी वार्षिक घरेलू आय अर्जित करने के लिए सशक्त बनाती है। 6 करोड़ लखपति दीदियों के सृजन के उद्देश्य से चलाई जा रही यह योजना कौशल प्रशिक्षणए वित्तीय साक्षरता और ऋण सहायता प्रदान करती है ताकि उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके और महिलाएं अपने परिवारों को गरीबी से बाहर निकाल सकें।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 1,261 करोड़ रुपये के व्यय से 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित करके उन्हें सशक्त बनाना हैए ताकि वे स्थानीय किसानों को उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव जैसी कृषि सेवाएं प्रदान कर सकें।

संधू ने कहा कि इन दोनों पहलों ने पंजाब में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में बदलाव लाया है, जिससे उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ है।

इस अवसर पर, डेरा बस्सी और लालड़ू  में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्थानीय परंपराओं और हस्तकला से जुड़े पंजाब के विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिनमें फुलकारी, सूट, जूतियां, शहद, अचार, कद्दू, सिरका, तेल, मसाले, पापड़, साबुन और मोमबत्तियां शामिल थीं।

सतनाम सिंह संधू और बन्नी संधू दोनों ने स्टॉलों का दौरा किया और उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की। सतनाम सिंह संधू ने कहा, डेरा बस्सी और लालड़ू  पंजाब में महिला सशक्तिकरण के संबंध में केंद्र सरकार के प्रयासों के लिए मुख्य केंद्र के रूप में काम करेंगे।

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