चंडीगढ़, 28 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है।
यह फैसला कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री ने की। इस एक दिवसीय विशेष सत्र को राज्य के मेहनतकश मजदूरों और कारीगरों को समर्पित किया जाएगा, जिन्होंने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक पहल के तहत श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को विधानसभा में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सत्र मजदूर वर्ग के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं पर गंभीर चर्चा का मंच भी बनेगा।
सत्र के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों और इसे G-Ram-G योजना में परिवर्तित किए जाने के प्रभावों पर विशेष चर्चा की जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक वर्ग के सामने आ रही नई चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह सत्र न केवल श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि राज्य के विकास और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक विधायी कार्य भी इसमें किए जाएंगे। विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा तय एजेंडे के अनुसार अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
सरकार का मानना है कि यह विशेष सत्र देश के करोड़ों श्रमिकों को सम्मान देने और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।


