चंडीगढ़, 3 मई | रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर
पंजाब में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। आम आदमी पार्टी के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब पुलिस अब पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपराधियों की पहचान की जा रही है।
पन्नू के अनुसार, पंजाब पुलिस ने एक अत्याधुनिक वॉइस रिकगनाइजेशन सिस्टम विकसित किया है, जिसके तहत 84,000 से अधिक दोषियों और संदिग्धों के वॉइस सैंपल इकट्ठा कर ‘वॉइस बैंक’ तैयार किया गया है। यह सिस्टम अपराधियों की आवाज के आधार पर उनकी पहचान करने में सक्षम है और इससे जांच प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और सटीक हो गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस के पास अब दुनिया भर में सक्रिय लगभग 3 लाख 90 हजार अपराधियों का विशाल डेटाबेस मौजूद है। इस डेटाबेस और वॉइस तकनीक की मदद से पुलिस कुछ ही मिनटों में अपराधियों का पता लगाने और उनके ठिकानों तक पहुंचने में सक्षम हो गई है।
हाल ही में शम्भू धमाके के मॉड्यूल का खुलासा भी इसी तकनीक के जरिए संभव हुआ, जिसमें शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के दौरान आरोपियों ने पुराने मामलों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिससे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
पन्नू ने कहा कि राज्य में ‘गैंगस्टरों पर वार’ और ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ अभियान पूरी मजबूती से चलाए जा रहे हैं। पिछले 427 दिनों से जारी इस मुहिम के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए जा रहे हैं और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नई तकनीकों के इस्तेमाल से अब अपराधियों के बच निकलने की संभावना बेहद कम हो गई है और पुलिस हर अपराधी को ढूंढ निकालने में सक्षम है।


