पंजाब यूनिवर्सिटी ने एआई-सक्रिय सौर सिचांई प्रणाली पर इंडो-यूके वर्कशॉप आयोजित
– यूके प्रतिनिधिमंडल ने किया पी.यू. की कई लैंब का दौरा
चंडीगढ़, 13 मई, 2026 :
पंजाब यूनिवर्सिटी (पी.यू.) और बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी ने बुधवार को पी.यू. कैंपस में हुई पार्टनरशिप डेवलपमेंट वर्कशॉप के दौरान एआई -सक्रिय सौर सिंचाई और टिकाऊऊर्जा प्रणाली में चल रहे इंडो-एआई रिसर्च सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की। ‘ग्रिड से जुड़े एआई- इंटरफेस वाले सौर सिंचाई पंपिंग प्रणीला’ पर आधारित अंतरराष्टीय वर्कशॉप रजिस्ट्रार प्रोफेसर वाईपी वर्मा, डॉ. दीपक कुमार और प्रोफेसर गौरव वर्मा की गाइडेंस में आयोजित की गई।
वर्कशॉप का केंद्र शैक्षणिक सहयोग को मज़बूत करना, मिलजुलकर रिसर्च को पहल के तौर पर बढ़ावा देना और सस्टेनेबल एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) एप्लीकेशन और स्मार्ट एग्रीकल्चर(कृषि)) के क्षेत्र में भारत और यूनाइटेड किंगडम के संस्थानों के बीच अविष्कारों को बढ़ावा देना था। वर्कशॉप के दौरान भविष्य में रिसर्च सोहयाग और मौजूदा संयुक्त प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए संभावित क्षेत्रों की भी पहचान की गई।
कॉन्फ्रेंस के दौरान जीसीआरएफ कोलेबोरेशन(सहयोग) एग्रीमेंट और डीएसटी युकेरी पर आधारित एक्टिविटीज़ जैसी पहलों के तहत पी.यू. और बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी के बीच लंबे समय से चल रहे सहयोग पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन की अल्बा स्मारिगिलो ने बतौर मुख्यातिथी के तौर पर वर्कशॉप में हिस्सा लिया। उन्होंने शुद्ध एनर्जी, अविष्कार और शैक्षणिक भागीदारी के क्षेत्र में और उत्तरी भारत के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने की अहमियत पर ज़ोर दिया।
अर्थशास्त्र ,जलवायु एंव विकास पर काम करने वाली सीनियर एडवाइजर मधु मिश्रा ने भी वर्कशॉप में भाग लिया । उन्होंने जलवायु के हिसाब से विकास और निरंतर विकास पर अपनी राय दी।
प्रोफेसर चाम अठवाल, प्रोफेसर फ्लोरिमोंड, प्रोफेसर शिशांक और प्रोफेसर नवजोत कौर समेत बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी के प्रतिमिनिमंडल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा संचालित स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण और टिकाऊ कृषि नवाचारमें हिस्सा लिया।
सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. सतीश कुमार और उनकी टीम, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के एक्सपर्ट्स, सीजीसी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी मेंबर्स और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, एनवायरनमेंट साइंस, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑ$फ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेज और यूनिवर्सिटी बिज़नेस स्कूल (पी.यू.)के फैकल्टी ने भी वर्कशॉप में हिस्सा लिया। वहीं यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑ$फ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के (युआईईटी) के रिसर्च स्कॉलर्स ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी और चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से जुड़े चल रहे संयुक्त रिसर्च ग्रांट प्रोजेक्ट पर भी ज़ोर दिया।
युनाईटिड किंगडम (यूके) से आए प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग इनक्यूबेशन और अविष्कार करने से संबंधित


