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शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों पर केस और एसडीओ ने रास्ते में खंभे और ट्रांसफार्मर लगवाए उसके खिलाफ होगी कार्रवाई : नायब सिंह सैनी

शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों पर केस और एसडीओ ने रास्ते में खंभे और ट्रांसफार्मर लगवाए उसके खिलाफ होगी कार्रवाई : नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान 338 शिकायतों को सुना

 

नागरिकों के बार-बार चक्कर लगाने वाले अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई अमल में लाएगी सरकार

 

सरकार ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर पिछले साढ़े 11 वर्षों में  खर्च किए 807 करोड़ रुपये

 

74 सीएम अनाउंसमेंट में से 38 का काम हो चुका पूरा

 

पीएम आवास योजना के तहत 364 मकानों का करवाया निर्माण

 

चंडीगढ़, 21 मई-   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस एसडीओ ने गांव बकाली में खेत के रास्ते के बीच में खंभे और ट्रांसफार्मर लगाए,  उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस मामले की एसडीएम लाडवा जांच करेंगे। इसके साथ ही पुलिस को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। इतना ही नहीं आम नागरिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का विकास हो और हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा के शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन के बीच पहुंचकर सीधा संवाद कर रहे थे। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिकों को कहा कि सभी नागरिक शिकायत पत्र पर अपना मोबाइल नंबर जरुर लिखें, ताकि विभाग उनसे संपर्क कर सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान 338 शिकायतों को सुना।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का यह मंच हमारे क्षेत्र के सतत विकास, जनकल्याण और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का प्रतीक है। लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बीते समय के दौरान जो विकास कार्य हुए हैं, वे यह सिद्ध करते हैं कि सरकार की नीति और नियत दोनों जनहित के लिए समर्पित हैं। सरकार का उद्देश्य सिर्फ एक है, इस क्षेत्र का विकास और यहां के हर नागरिक का उत्थान करना । उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को कहा कि कोई भी नागरिक जब शिकायत लेकर आता है तो उनकी सुनवाई कर शिकायत का निदान करें। उस शिकायत को लेकर किसी भी नागरिक को दोबारा से चक्कर ना लगाना पड़े।

मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायतकर्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने कई वर्ष पहले बकाली में करीब 7 एकड़ जमीन ली थी। इसकी मलकियत में ही रास्ता भी तय था लेकिन कुछ लोगों ने एसडीओ से मिलकर उनके खेत के रास्ते में बिजली का ट्रांसफार्मर व खंभे लगवा दिए। अब उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धनौरा जाटान निवासी जसबीर सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कहा कि स्कूल की फिजिबल्टी चैक करने के उपरांत 12वीं तक का किया जाएगा। इसी तरह नरेश पाल की शिकायत पर मार्केटिंग बोर्ड को निर्देश दिए कि बरसात का सीजन शुरू होने से पहले खिडक़ी विरान से रुडक़ी गांव के बीच का रास्ता तैयार किया जाए, ताकि इस रास्ते से होकर जाने वाले लगभग 6 गांवों के नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो और पीडब्ल्यूडी विभाग को गांव कनीपला की सडक़ का निर्माण बरसात के सीजन से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जल्द से जल्द ऑनलाइन नाम ठीक करने की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत आरटीई के तहत बच्चे का प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कालीरानो निवासी बलविंद्र सिंह के खेत में ट्रांसफार्मर को बदलने का कार्य तत्काल पूरा किया जाए। इसके साथ ही मुनियार पुर निवासी भगत सिंह के चोरी हुए ट्रांसफार्मर की जगह नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए।

16.20 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है एसडीएम कार्यालय का निर्माण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के 65 गांवों में 11 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से पीने के पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया है। लाडवा शहर में सहारनपुर-कुरुक्षेत्र सडक़ को चार-मार्गी करने का काम 10 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इसी तरह एसडीएम कार्यालय का निर्माण 16 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका  लाडवा को सीएम अनाउंसमेंट से विभिन्न विकास कार्यों के लिए 16 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि दी गई है। इसमें से 7 करोड़ 52 लाख रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है। शेष राशि के विकास कार्य जारी हैं। इसी तरह दिव्य नगर योजना में 2 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि से विकास कार्य किए गए हैं।

पीएम आवास योजना के तहत 364 मकानों का करवाया निर्माण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 364 मकानों का निर्माण किया गया है और 249 मकान निर्माणाधीन हैं। हर घर गृहिणी योजना में 9 हजार 240 परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। आयुष्मान चिरायु योजना में 1 लाख 59 हजार लोग पात्र पाए गए हैं, इनमें से 1 लाख 20 हजार लोगों के चिरायु कार्ड बन चुके हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए राक्षी नदी पर तीन स्थानों पर पक्के पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इनकी लागत 1 करोड़ 35 लाख 72 हजार रुपये है। इसी नदी पर 2,200 फीट लंबी आर.सी.सी. ट्रैक परियोजना 3 करोड़ 12 लाख 25 हजार रुपये की लागत से स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।

74 सीएम अनाउंसमेंट में से 38 का काम हो चुका पूरा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने लाडवा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सामाजिक समरसता, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन, खेल, पर्यावरण संरक्षण और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि लाडवा हलके के विकास के लिए 74 सीएम अनाउंसमेंट हुई , जिनमें से 38 का काम पूरा हो चुका और बाकी पर काम जारी है। सरकार ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर पिछले साढ़े 11 वर्षों में 807 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 310 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। लाडवा शहर में 26 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया व सीवरेज लाइन बिछाई गई।

ये रहे कार्यक्रम में मौजूद

इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया और अंत में भाजपा के जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी ने मेहमानों का आभार व्यक्त किया।

क्रमांक-2026

स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के उत्पादों को बाजार देने के लिए हर महीने लगेंगे विशेष मेले – रजनी कांथन

वित्त विभाग के आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की समीक्षा बैठक

चण्डीगढ, 21 मई- हरियाणा के वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा नाबार्ड के निदेशक मंडल के सदस्य सी.जी. रजनी कांथन ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर किसी उपयुक्त स्थान पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के उत्पादों की सीधी बिक्री के लिए हर महीने विशेष वन-डे स्पेशल सेल ड्राइव और मेलों का आयोजन किया जाएगा।

आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनी कांथन वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  आयोजित बैठक में इस कार्य योजना की समीक्षा कर रहे थे। जिले में इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक तैयारियों का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण और विशेषकर महिलाओं की आजीविका को एक स्थायी और सुदृढ़ मॉडल में बदलने के लिए यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि नाबार्ड पिछले चार दशकों से हरियाणा के विकास में एक मजबूत भागीदार रहा है, जिसने ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत बीते पांच वर्षों में ही राज्य को करीब 7,840 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, विपणन, प्रदर्शनियों और भौगोलिक संकेतक (जीआई) सपोर्ट के लिए 14.64 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान सहायता दी गई है।

उन्होंने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के सदस्यों के सामने आने वाली सबसे चुनौतियों को दूर करना है। जिला प्रशासन इस जनहितैषी योजना को धरातल पर लागू करने के लिए मुस्तैदी से पूरी तैयारी करे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ऐसे उपयुक्त एवं मुख्य स्थानों का चयन किया जाए, जहां आम जनता की आवाजाही सबसे अधिक हो, ताकि इन मेलों में आने वाले ग्रामीण कारीगरों और किसानों को अधिकतम ग्राहक मिल सकें।

उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक को प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो हर आयोजन के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी लॉजिस्टिकल व्यवस्थाएं संभालेंगे। नागरिक इन मासिक मेलों में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद कर और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगें।

क्रमांक 2026


“बरसात से पहले सड़कें चकाचक होनी चाहिए, काम को लेकर बहाने नहीं चलेंगे” : रणबीर गंगवा

 

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने दिखाई सख्ती

 

गुणवत्ता से समझौता नहीं, देरी करने वाली एजेंसियों पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़, 21 मई– हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश की सड़कों पर सरकार की कार्यशैली दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी बरसात के मौसम से पहले सड़क मरम्मत, गड्ढा भराई एवं लंबित कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं ताकि जनता को राहत मिल सके और सड़कों पर आवागमन सुरक्षित बना रहे।

श्री रणबीर गंगवा आज लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के वर्क प्रोग्राम, सड़क एवं पुल परियोजनाओं, गुणवत्ता नियंत्रण, “म्हारी सड़क” एप तथा विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री हितेश कुमार मीणा, इंजीनियर इन चीफ श्री योगेश मेहरा और इंजीनियर्स मौजूद थे। इसके अलावा सभी जिलों के सुपरीटेंडेंट इंजिनियर और एसडीओ तथा जेई वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। मंत्री श्री गंगवा ने जिलावार सभी से रिपोर्ट ली।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन कार्यों की गति धीमी है, उनमें तुरंत तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि विकास कार्यों में देरी से न केवल परियोजनाएं प्रभावित होती हैं बल्कि सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी बढ़ता है।

लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर सड़क के बीच अथवा किनारों पर लगे बिजली एवं अन्य विभागों के खंभे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे खंभों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने अथवा शिफ्ट करवाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने “म्हारी सड़क” एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सड़क एवं पुल परियोजनाओं की विशेष समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि बड़े प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। हरसेक परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभाग की लैबों में निर्माण सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि बिटुमेन सहित सभी सामग्री का उपयोग गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही किया जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह सड़कों एवं प्लांट्स का निरीक्षण किया जाए और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। साथ ही कार्यों में देरी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फील्ड में लापरवाही, अनुपस्थिति या कार्य में कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों और निर्देशों को गंभीरता से लिया जाए, क्योंकि वे जनता से सीधे जुड़े होते हैं और जमीनी स्तर की समस्याओं से भलीभांति परिचित रहते हैं।

क्रमांक – 2026

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा डॉ. जय भगवान शर्मा की हरियाणवी कृति “सकुंतला” का लोकार्पण

चण्डीगढ़, 21 मई — हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा संस्कृत हिंदी एवं हरियाणवी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जय भगवान शर्मा की हरियाणवी कृति “सकुंतला” का लोकार्पण अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री ,सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक नीरज कुमार एवं अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह द्वारा अकादमी भवन पंचकूला में किया गया।

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि यह कृति संस्कृत साहित्य को हरियाणवी भाषा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने हरियाणवी भाषा में किए गए भाव अनुवाद की गुणवत्ता की विशेष सराहना की।

डॉ. जय भगवान शर्मा ने बताया कि संस्कृत के अभिज्ञान शाकुंतलम नाटक की भाषा को दैनिक बोलचाल की हरियाणवी भाषा में प्रयुक्त होने वाले ऐसे शब्द जो अब प्रचलन से बाहर हो गए हैं उन्हें इस अनुवाद में पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त,  इस भावानुवाद में हरियाणवी परिवेश और बोलचाल की भाषा का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि नाटक को समझना और उसका मंचन करना आसान हो सके। पुस्तक में हरियाणवी भाषा के कई पुराने और क्षेत्रीय शब्दों को भी शामिल किया गया है, जो अब धीरे-धीरे बोलचाल से कम होते जा रहे हैं।

इस अवसर डॉ. बिजेंदर, नरेश कुमार व रमन हारित सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

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