निजी वाहनों के प्रयोग में कमी के लिए हर गांव व शहर को बस सेवा से जोड़ा जाए: मुख्यमंत्री
हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत परिवहन विभाग के अगले 5 वर्षों के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की खपत को कम करने के लिए निजी वाहनों के प्रयोग में कमी लाना जरूरी है और यह तभी होगा जब अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी बसों की सुविधा पहुंचेगी। इसलिए परिवहन विभाग ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बढ़ी हुई आबादी तथा भविष्य में पैदा होने वाली मांग के अनुरूप पूरे प्रदेश का रूटमैप बनाए और रिवाइज रूट प्लान के अनुरूप ज्यादा से ज्यादा गांवों व शहरों को बस सुविधा से जोडे़।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत परिवहन विभाग के अगले 5 वर्षों के रोडमैप व कार्ययोजना के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस दौरान उन्होंने भविष्य में मांग के अनुरूप परिवहन विभाग द्वारा अपनाई जाने वाली की नई तकनीकों व योजनाओं की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवहन विभाग उचित प्रबंधन करें तो बसों की कमी भी दूर हो सकती है और अधिक से अधिक लोगों तक परिवहन सुविधाओं तक पहुंच भी सुनिश्चित की जा सकती है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समय के साथ प्रदेश में मौजूद लगभग 6500 गांवों और शहरी क्षेत्र में आबादी तो बढ़ी है लेकिन परिवहन विभाग की बसों की पहुंच इसकी तुलना में उतनी नहीं बढ़ सकी है। विभाग नई जरूरतों के अनुसार पूरे प्रदेश का रूट प्लान तैयार करे और हर गांव तक बसों की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना तैयार करे ताकि विद्यार्थियों व महिलाओं के साथ-साथ कामकाजी व्यक्ति भी बसों का अधिक से अधिक प्रयोग करें और निजी वाहनों के प्रयोग में कमी आए। गांवों का सर्कल बनाकर आपस में बसों से जोड़ा जाए। जरूरत हो तो इसके लिए पुरानी पॉलिसी में संशोधन भी किया जा सकता है। सरकार परिवहन विभाग को ऐसा बनाना चाहती है कि एक साल बाद हम कह सकें कि हमारा एक भी गांव ऐसा नहीं है जो बस सेवा से न जुड़ा हो।
शहरों के भीतर चलाई जाएं लोकल बसें:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शहरों के आंतरिक हिस्सों में लोकल बसें चलती थी जो शहर के एक हिस्से को दूसरे से जोड़ती थीं लेकिन अब ऐसी बसों की संख्या बहुंत कम हो गई है जबकि शहरी क्षेत्रों का काफी विस्तार हो गया है। इससे शहरों के बाहरी हिस्सों में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों के कामगारों को अपने वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों में प्रमुख अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थानों तक सिटी बसों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के लिए विशेष बसें चलाई जाएं और मैट्रो स्टेशनों तथा बस स्टैंडों तक मिनी बसें चलाई जाएं।
रेलवे की तरह बसों की रियल टाइम ट्रैकिंग होगी:
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सभी बसों को रेलवे की तर्ज पर ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए ताकि यात्री ऐप के माध्यम से देख सकें कि कौन सी बस इस समय कहां है और किस स्टॉप पर किस समय पहुंचेगी। प्रत्येक बस की डिपो से चलने के बाद रियल टाइम लोकेशन दिखाई देनी चाहिए। इसी प्रकार बसों में सीसीटीवी भी लगवाए जाएं जो कंट्रोल रूम से जुडें हों। बसों में पैनिक बटन भी लगवाए जाएं ताकि आपात स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
एक साल में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनेंगे:
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा भविष्य में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी जाएं। इनकी चार्जिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रदेश में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाए जाएंगे। बस स्टैंड पर सवारियों के लिए जहां इलेक्ट्रिक बस खड़ी होगी वहीं पर उनके चार्जिंग प्वाइंट लगवाए जाएं। बस में सवारियों के चढ़ने और उनकी टिकट काटने के दौरान ही बसों को चार्ज करने की व्यवस्था की जाए। हर जिले व हर शहर में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं। इसी प्रकार प्रदेश के अधिक से अधिक हिस्सों में पीपीपी मोड में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करवाए जाएं। सभी बस स्टैंडों पर रूफटोप सोलर सिस्टम भी स्थापित करवाए जाएं ताकि ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी की जा सके।
पात्र व्यक्तियों को 20 लाख नए हैप्पी कार्ड वितरित किए जाएंगे:
श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में हैप्पी कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक लगभग 20 लाख व्यक्तियों को हैप्पी कार्ड दिए जा चुके हैं तथा 20 लाख नए कार्ड जल्द वितरित किए जाएंगे। नए कार्डों के वितरण के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आईटी बेस्ड स्मार्ट ड्राइविंग टेªनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से निजी व व्यावसायिक वाहनों के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने की मैनुअल प्रक्रिया को बंद कर इसे भारत सरकार द्वारा जारी नए प्रावधानों के अनुसार ऑटोमैटिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने के लिए प्रतीक्षा में लगने वाले समय को कम किया जाए।
हरियाणा में सर्वाधिक 26 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए हरियाणा में 26 सेंटर कार्यरत हैं जो देश में किसी भी अन्य राज्य से ज्यादा हैं। इनके माध्यम से वाहन स्क्रैप करवाने पर केंद्र सरकार 15 हजार रुपये प्रति वाहन इन्सेंटिव दे रही है। केंद्र सरकार हरियाणा को देश में सबसे अधिक 160 करोड़ रुपये का इन्सेंटिव देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा की बचत के लिए पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए सीमावर्ती जिलों में व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर बनाए जाएं ताकि अन्य राज्यों के वाहन चालकों को भी इसका लाभ मिल सके।
बिना पीयूसी वाहनों की पहचान के लिए लगेंगे नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे, नहीं मिलेगा ईंधन:
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदूषण फैलाने और पीयूसी (पोल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट के बिना चलने वाले वाहनों पर अंकुश लगाया जाए। इसके लिए प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे लगवाए जाएं जो वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करके यह पहचान सकें कि किस वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं है। ऐसे वाहनों को पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्य प्रगति पर है और प्रथम चरण में सभी एनसीआर जिलों में 30 सितंबर तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
बसों की मॉनिटरिंग के लिए बनेगा यूनिफाइड कमांड कंट्रोल सेंटर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इसी साल प्रदेश स्तरीय यूनिफाइड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाए जहां से सभी सरकारी व निजी बसों की मॉनिटरिंग की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सभी बस स्टैंड को भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपग्रेड किया जाए और जहां बस स्टैंड नहीं हैं अथवा नए बनाने की जरूरत है वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड बनाए जाएं जिनमें एसटीपी व ईटीपी आदि का भी प्रावधान हो।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा परिवहन आयुक्त श्री अतुल कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्रमांक-2026
उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (ज़ोन-II) की कार्यवाही 27 मई, 2026 को राजीव गांधी विद्युत भवन, पॉवर हाउस रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक
मंच 1 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की करेगा सुनवाई।
चंडीगढ़ 26 मई, 2026 – उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।
उक्त जानकारी देते हुए बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों (करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर और रोहतक) के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण रोहतक जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 27 मई 2026 को राजीव गांधी विद्युत भवन, पावर हाउस रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरूप्योग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तिय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष पेंडिंग (लंबित) नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे अपनी बिजली से संबंधित समस्याओं का समाधान कार्यवाही 27 मई, 2026 को राजीव गांधी विद्युत भवन, पॉवर हाउस रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक होने वाली कार्यवाही में सम्मिलित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएं।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को निरंतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है।
क्रमांक-2026
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति: अस्पताल परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने, सख्त निगरानी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार का बड़ा फोकस
अस्पताल परियोजनाओं के लिए तय की गई सख्त समय-सीमा, थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच और जवाबदेही व्यवस्था लागू
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, 815 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान
चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा सरकार ने प्रदेश में अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को तेज़ी से पूरा करने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। सरकार अब केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित न रहकर जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली के तहत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े बड़े निर्माण कार्यों हेतु 815 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में निर्धारित 210 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 288 प्रतिशत अधिक है। सरकार की कार्य निष्पादन आधारित सोच को दर्शाते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही 203.75 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को जारी कर दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने स्वास्थ्य परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को संशोधित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला नागरिक अस्पतालों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य भवनों, क्रिटिकल केयर ब्लॉकों, टीबी केंद्रों तथा विशेष आश्रय सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
सरकार ने लंबित परियोजनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को देरी के मामलों में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कई प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के आदेश जारी किए गए।
अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में 100 से 200 बिस्तरों के विस्तार ब्लॉक के शेष कार्य को दोबारा आवंटित कर दिया गया है और इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं अस्पताल कर्मचारियों के आवासीय कार्यों को 30 मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भिवानी जिले के सिवानी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा शेष कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर उपमंडल अस्पताल के लंबित कार्यों को एक माह के भीतर पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार सेक्टर-10 गुरुग्राम स्थित नागरिक अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरों तक अपग्रेड करने का कार्य मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा।
हिसार जिले के नारनौंद में 100 बिस्तरीय अस्पताल के ग्राउंड एवं प्रथम तल का कार्य 15 जून 2026 तक पूरा कर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पूरी परियोजना सितंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। महेंद्रगढ़ जिले में 50 बिस्तरीय अस्पताल को 100 बिस्तरीय अस्पताल में विस्तारित करने की परियोजना की भी समीक्षा की गई तथा लंबित वित्तीय स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया।
पलवल जिले में सीएचसी हसनपुर और मंडकोला परियोजनाओं की नई समय-सीमा तय की गई है। वहीं रेवाड़ी जिले में पीएचसी अकेड़ा परियोजना में लागत वृद्धि और ठेकेदारों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है।
सरकार ने एक बड़े सुधारात्मक कदम के तहत सभी नई स्वास्थ्य परियोजनाओं में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच व्यवस्था लागू की है। अब स्वतंत्र ऑडिट और नियमित रिपोर्टिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य परियोजनाओं की बेहतर निगरानी और समन्वय के लिए सरकार ने एक समर्पित नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है।
बैठक में जिला अस्पतालों में मरीजों की सुविधाओं और सेवा गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी सीएमओ और पीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक 15 दिन में पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट भेजें।
अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, कार्यशील शौचालय, निर्बाध पेयजल आपूर्ति, एयर कंडीशनिंग सिस्टम तथा डीजी पावर बैकअप जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में शामिल किया गया है। अस्पतालों में बार-बार महंगे बाथरूम फिटिंग चोरी होने की घटनाओं को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक टैप लगाने का निर्णय लिया गया है।
करनाल जिले में लंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा देरी के कारणों और सुधारात्मक कदमों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, वहां आवासीय क्वार्टरों के लिए अनुमान शीघ्र स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नारनौल नागरिक अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरों तक अपग्रेड करने की परियोजना में ठेकेदार विवादों के कारण रुके कार्यों पर भी सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। अधिकारियों को 15 से 20 दिनों के भीतर परिसर में पड़ी ठेकेदार की मशीनरी एवं सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा के दीर्घकालिक स्वास्थ्य विजन के तहत डॉ. सुमिता मिश्रा ने अस्पताल नियोजन, सिविल इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं के डिजाइन में विशेषज्ञ निजी सलाहकारों को आगामी परियोजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य मिशन के तहत बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए। इससे आधुनिक, तकनीक आधारित और मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए जा सकेंगे।
इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल परिसरों में हरियाली बढ़ाने और गर्मी कम करने के उद्देश्य से बागवानी एवं ग्रीन लैंडस्केपिंग कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के 10 जिला अस्पतालों में लंबित नवीनीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा गया है।
सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) परियोजनाओं को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है। पंचकूला में लंबित कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा कर भवन हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पानीपत स्थित नवनिर्मित एमसीएच भवन को एक माह के भीतर पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपने को कहा गया है।


