पंजाब में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, 5% से अधिक बढ़ोतरी पर रोक; अतिरिक्त वसूली लौटानी होगी
चंडीगढ़, 13 जुलाई 2026:
पंजाब सरकार ने राज्य के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर सख्त नियंत्रण लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2026’ लागू कर दिया है। इस नए कानून के तहत अब कोई भी निजी स्कूल बिना अनुमति के सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि यदि किसी निजी स्कूल ने पिछले तीन वर्षों के दौरान कुल मिलाकर 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो उसे अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। यह फैसला राज्य के लगभग 7,800 निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत देगा।
सरकार ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले 10 दिनों के भीतर निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर पिछले चार वर्षों के दौरान वसूली गई फीस का पूरा विवरण अपलोड करें। निर्धारित समय के बाद जांच में यदि किसी स्कूल द्वारा अतिरिक्त फीस वसूलने का मामला सामने आता है तो उसे अभिभावकों को पूरी अतिरिक्त राशि लौटानी होगी।
ऑर्डिनेंस के अनुसार विद्यार्थियों से लिए जाने वाले ट्रांसपोर्ट शुल्क, बिल्डिंग फंड और अन्य सभी प्रकार के शुल्क को भी ट्यूशन फीस का हिस्सा माना जाएगा। इससे स्कूल अलग-अलग मदों के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूलकर नियमों से बच नहीं सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, इसे व्यापार नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित रेगुलेटरी कमेटी निजी स्कूलों द्वारा प्रस्तावित फीस वृद्धि की जांच करेगी। यदि कोई स्कूल पहली बार नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा, जबकि तीसरी बार नियम तोड़ने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। साथ ही निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि पर प्रभावी रोक लगाकर विद्यार्थियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जाएगा।
News Written By: Priyanka Thakur


