चंडीगढ़: पंजाब सरकार राज्य में स्टोरेज स्पेस की बढ़ती समस्या को हल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लगातार इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठा रहे हैं ताकि खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कई बार केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ बैठक कर पंजाब में भंडारण स्थान की कमी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों के हितों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
लाल चंद कटारूचक्क ने जानकारी दी कि वर्तमान में पंजाब के पास कुल 181 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जबकि राज्य में संग्रहित अनाज की मात्रा 190 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। यानी उपलब्ध स्टोरेज क्षमता का 105 प्रतिशत हिस्सा पहले ही भर चुका है।
उन्होंने बताया that पंजाब में इस समय चावल का पिछला स्टॉक 37.76 लाख मीट्रिक टन और गेहूं का स्टॉक लगभग 40 लाख मीट्रिक टन है। ऐसे में स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए हर महीने कम से कम 10 लाख मीट्रिक टन चावल और 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग बेहद जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि आने वाले चार महीने इस मामले में बेहद अहम होंगे। यदि समय पर अनाज की ढुलाई नहीं हुई तो राज्य में स्टोरेज की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और कृषि से जुड़े हर मुद्दे को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में प्रमुख सचिव राहुल तिवारी, अतिरिक्त सचिव कमल कुमार गर्ग, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर, अजयवीर सिंह सराओ और जीएम (वित्त) सरवेश कुमार भी मौजूद रहे।


