पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: NEET परीक्षार्थियों को मुफ्त सफर, 1,013 लेक्चरर और 156 जूनियर इंजीनियर भर्ती को मंजूरी
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को राहत देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदेश में निवेश को आकर्षित करना है।
कैबिनेट ने 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (यूजी) पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों और उनके साथ जाने वाले एक अटेंडेंट के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को मंजूरी दी है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बसों में 20, 21 और 22 जून को यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थियों को केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा और उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मंत्रिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरार कैडर के 1,013 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी है। इनमें बैकलॉग और नए सृजित पद शामिल हैं। इसके साथ ही इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में पांच वर्ष की एकमुश्त छूट देने का भी फैसला लिया गया है।
बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग में 156 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई है। इनमें 127 पद जूनियर इंजीनियर (सिविल) और 29 पद जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के हैं। इन पदों को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरा जाएगा।
कचरा प्रबंधन और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने पटियाला और जालंधर में 100-100 टन प्रतिदिन क्षमता वाले गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं को एचपीसीएल रिन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को सौंपा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कचरे का वैज्ञानिक निपटान होगा, स्वच्छता में सुधार आएगा और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सर्विसेज नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। अब समान जन्म तिथि और योग्यता वाले उम्मीदवारों के बीच वरिष्ठता का निर्धारण उनकी शैक्षणिक मेरिट के आधार पर किया जाएगा, जिससे लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान हो सकेगा।
इसके अलावा, निवेश को प्रोत्साहित करने और कारोबार को और आसान बनाने के लिए ‘औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026’ में भी महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और पंजाब देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
पंजाब सरकार का कहना है कि ये सभी फैसले शिक्षा, रोजगार, औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा और जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं तथा राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


