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राष्ट्रसेवा और अंत्योदय की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं सामाजिक संस्थाएं : नायब सिंह सैनी

राष्ट्रसेवा और अंत्योदय की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं सामाजिक संस्थाएं : नायब सिंह सैनी

 

लुधियाना में 346वें मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 

ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी को 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा

 

चंडीगढ़, 14 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी समाज की महानता उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि  कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों के प्रति उसके व्यवहार से मापी जाती है। जो समाज अपने वंचित और जरूरतमंद वर्ग की चिंता करता है, वही वास्तव में प्रगतिशील और संवेदनशील समाज कहलाता है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को पंजाब के लुधियाना स्थित ज्ञान स्थल मंदिर में आयोजित 346वें मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी को 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीद लाला जगत नारायण को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और मानव सेवा के लिए समर्पित किया। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि लाला जगत नारायण जी की सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित की भावना की विरासत को आज ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी तथा लाला जगत नारायण निष्काम सेवा समिति आगे बढ़ा रही हैं।

346 महीनों से निरंतर सेवा का अनूठा अभियान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1997 में स्वर्गीय जगदीश बजाज द्वारा शुरू किया गया यह सेवा अभियान आज एक विशाल जनकल्याणकारी आंदोलन का रूप ले चुका है। लगातार 346 महीनों तक जरूरतमंद विधवा माताओं और बहनों तक सहायता पहुंचाना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आज जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए रवाना किए गए 64वें राहत सामग्री ट्रक की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा अब तक 1 लाख 65 हजार से अधिक जरूरतमंद विधवा परिवारों को राशन वितरित किया जा चुका है। कोविड-19 महामारी जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी संस्था के स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा 385 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाई गई हैं, 1 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गई हैं तथा 25 हजार से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली इसकी पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही हैं।

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हरियाणा सरकार

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। प्रदेश में विधवा महिलाओं को 3,200 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है, जबकि हर घर-हर गृहिणी योजना के अंतर्गत 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लखपति दीदी अभियान, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण तथा महिला सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 81 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें 31 कॉलेज विशेष रूप से छात्राओं के लिए स्थापित किए गए हैं। राज्य सरकार बेटियों को स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रही है, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान करना और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना है। उन्होंने कहा कि लुधियाना में विधवा माताओं और बहनों को सहायता उपलब्ध कराने का यह अभियान अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास है। ऐसी सामाजिक संस्थाएं राष्ट्रसेवा, मानवता और जनकल्याण की भावना को सुदृढ़ करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

इस अवसर पर पंजाब केसरी, जालंधर के चीफ एडिटर पद्मश्री विजय चोपड़ा, पद्मश्री रजनी बैक्टर, ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।

क्रमांक 2026

सुमित चावला

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वासआत्मनिर्भरता और आत्मगौरव के साथ बढ रहा है आगे: डॉ अरविंद शर्मा

 

कैबिनेट मंत्री बोलेसेवासुशासन और गरीब कल्याण का स्वर्णिम काल

गोहाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिनाईं केंद्र और हरियाणा सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धिया

चंडीगढ़, 14 जून – हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ रहा है। अमृतकाल का यह दौर आने वाले वर्षों में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति और विश्व गुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का राष्ट्रीय संकल्प है।

रविवार को सहकारिता मंत्री गोहाना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व सरकार के 12 साल पूरे होने पर देश की उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे थे। सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने केवल विकास नहीं किया, बल्कि विश्व पटल पर अपनी नई पहचान स्थापित की है। यह कालखंड सेवा, सुशासन, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और गरीब कल्याण के स्वर्णिम युग के रूप में इतिहास में दर्ज होगा। आजादी के बाद दूसरी बार देश की जनता ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को स्पष्ट जनादेश देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं, जिनकी दशकों तक केवल चर्चा होती रही थी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए की समाप्ति, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (ब्।।) और नए आपराधिक कानूनों जैसे निर्णयों ने नए भारत की शक्ति और संकल्प को दुनिया के सामने स्थापित किया है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण को शासन का केंद्र बनाया। बीते 12 सालांे में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 11 करोड़ माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लगभग 60 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। यही नहीं जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति तथा डीबीटी ने शासन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। 58 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोलकर आर्थिक समावेशन को बढ़ावा दिया गया तथा 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई। इससे भ्रष्टाचार और बिचैलिया संस्कृति पर प्रभावी अंकुश लगा है।

सहकारिता मंत्री ने युवाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने भारत को नवाचार और उद्यमिता का वैश्विक केंद्र बनाया है। मुद्रा योजना के तहत 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए, जिनमें अधिकांश लाभार्थी महिलाएं हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से लाखों युवाओं को पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। महिला सशक्तिकरण को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल बताते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास का मील का पत्थर है। लखपति दीदी अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, स्वयं सहायता समूहों के विस्तार और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने नारी शक्ति को नई पहचान दी है।

कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खातों में सीधे लाखों करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। मोदी सरकार के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश विकास और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। किसानों की 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद, 1.93 लाख सोलर ट्यूबवेल, 24 घंटे बिजली, गरीबों के लिए आवास, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, श्रमिक कल्याण योजनाएं तथा तीर्थ दर्शन जैसी योजनाएं आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और कनेक्टिविटी नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे विकास को नई गति मिली है।

 इस अवसर पर डॉ रीटा शर्मा, मार्किट कमेटी गोहाना के चेयरमैन कृष्ण सैनी, भाजपा जिला महामंत्री महेन्द्र चिड़ाना, मण्डल अध्यक्ष भूपेन्द्र मुदगिल, मण्डल अध्यक्ष प्रवीण खुराना, बिजेन्द्र खिच्ची उपस्थित रहे।

क्रमांक 2026

सुमित चावला

हरियाणा में राजस्व सुधारों को गति : राज्यव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम और विशेष सीमांकन अभियान शुरूपेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 जल्द होगा लागू

 

चंडीगढ़, 14 जून – हरियाणा सरकार ने राजस्व क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन और प्रशासनिक सुधारों के प्रयासों को गति देते हुए राज्यभर में राजस्व अधिकारियों के लिए व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है तथा लंबित सीमांकन मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाया है। साथ ही, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के क्रियान्वयन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह अगली पीढ़ी का डिजिटल पंजीकरण प्लेटफॉर्म है, जो नागरिक सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेगा। सुचारू परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 से 2.0 में माइग्रेशन चरणबद्ध तरीके से जिला-वार किया जाएगा, ताकि सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें और नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को एक उन्नत डिजिटल ढांचे के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य शून्य भौतिक दस्तावेजीकरण के साथ पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है। यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन आवेदन जमा करने, दस्तावेज अपलोड करने, आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-हस्ताक्षर, ऑनलाइन शुल्क भुगतान, रियल टाइम सत्यापन, सुरक्षित डेटा भंडारण तथा स्वचालित कार्यप्रवाह प्रबंधन जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली नागरिकों की सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता को काफी हद तक कम करेगी, मैनुअल हस्तक्षेप को न्यूनतम करेगी, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगी तथा सेवाओं की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करेगी। यह पहल प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने, कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने तथा नागरिक-केंद्रित और निर्बाध पंजीकरण अनुभव उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विभाग द्वारा सभी परिचालन मॉड्यूलों से संबंधित विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तथा उपयोगकर्ता पुस्तिकाएं तैयार की गई हैं। वर्तमान में राज्यभर के सभी जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जिले में मास्टर ट्रेनर्स की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है, जो अधिकारियों और कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाने में सहयोग प्रदान करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक सप्ताह के भीतर पूरा होने की संभावना है, जिससे पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 तथा अन्य डिजिटल राजस्व सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत आधार तैयार होगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि पटवारियों, कानूनगो तथा अन्य राजस्व कर्मियों की डिजिटल क्षमताओं को सुदृढ़ करना सुधारों के एकरूप क्रियान्वयन और क्षेत्रीय स्तर पर प्रक्रियागत बाधाओं को समाप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस बीच, विभाग ने लंबित सीमांकन मामलों के निपटान के लिए सभी जिलों में 10 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना, सेवा वितरण मानकों में सुधार करना तथा भूमि संबंधी विवादों और आवेदनों के लंबित मामलों को कम करना है।

अभियान के तहत जिला प्रशासनों को लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने तथा प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के तहत विभाग ने यह भी तय किया है कि जिन सीमांकन आवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, लेकिन निर्धारित शुल्क 15 दिनों के भीतर जमा नहीं कराया गया है, उन्हें स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से निष्क्रिय मामलों को प्रणाली से हटाने, कार्यकुशलता बढ़ाने तथा प्रशासनिक संसाधनों को वास्तविक और सक्रिय आवेदनों पर केंद्रित करने में सहायता मिलेगी।

क्रमांक 2026

15 जून से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान : मुख्य निर्वाचन अधिकारी

 

राज्य के 20,629 बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापनएन्यूमरेशन फॉर्म भर कर देना  होगा अनिवार्य

 

चंडीगढ़, 14 जून-  हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम की शुरुआत 15 जून से की जा रही है। इस अभियान के तहत 15 जून से 14 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे तथा एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाता पंजीकृत हैं तथा 20,629 मतदान केंद्र स्थापित हैं। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ नियुक्त किया गए है, जो प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर मतदाताओं का विवरण सत्यापित करेंगे। मतदाताओं को दिए जाने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म को भरकर हस्ताक्षर सहित बीएलओ को वापस देना आवश्यक होगा। आयोग के निर्देशानुसार जिन मतदाताओं के भरे हुए फॉर्म प्राप्त नहीं होंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बीएलओ प्रत्येक घर पर कम से कम तीन बार संपर्क करने का प्रयास करेंगे। यदि किसी कारणवश परिवार के सदस्य उपलब्ध नहीं होते हैं तो बीएलओ एन्यूमरेशन फॉर्म घर के दरवाजे के नीचे डालेंगे तथा एक नोटिस छोड़गे  जिसमें उनका नाम और मोबाइल नंबर अंकित होगा, ताकि संबंधित व्यक्ति उनसे संपर्क कर सके।

11 प्रकार के दस्तावेज होंगे मान्यपात्र युवा भी करा सकेंगे पंजीकरण

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं के सत्यापन के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 11 प्रकार के दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के नियमित कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ), भारत में सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी अथवा सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 1 जुलाई 1987 से पूर्व जारी पहचान पत्र, प्रमाण-पत्र अथवा अन्य दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन या अन्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी, एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो वहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में दर्ज विवरण, राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन प्रमाण-पत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर स्वतः सत्यापन संभव नहीं होगा, वहां मतदाता इन दस्तावेजों के माध्यम से अपनी पात्रता और विवरण का सत्यापन करा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐसे नागरिक निर्धारित प्रपत्र-6 एवं आवश्यक घोषणा-पत्र के साथ आवेदन कर सकेंगे।

21 जुलाई को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूचीराजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

 

श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 18 सितंबर तक उनका निपटान किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2002 में राज्य में व्यापक स्तर पर मतदाता सूची का घर-घर सत्यापन का कार्य किया गया था। उसके बाद पहली बार निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत पुनः राज्यव्यापी स्तर पर यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अब तक औसतन 64.7% मैपिंग  का कार्य किया जा चुका है । इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के रिकॉर्ड को ठीक करना तथा मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने की अपील की, ताकि लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यों में सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तों (म्यूनिसिपल कमिश्नरों) को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेवारी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की नियुक्ति से शहरी क्षेत्रों में पुनरीक्षण कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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