मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सुपर-100 अभिनंदन कार्यक्रम में की दो बड़ी घोषणाएं
बुनियाद योजना के तहत संचालित 103 केंद्रों में 25 नए केंद्र जुड़ेंगे, कुरुक्षेत्र सुपर-100 सेंटर को मिलेंगे 100 नए कंप्यूटर
प्रधानमंत्री के ‘युवा ही भारत का भाग्य बदलते हैं‘ के मंत्र को हरियाणा के विद्यार्थियों ने किया साकार
संसाधनों की कमी कभी भी किसी मेधावी विद्यार्थी के सपनों के आड़े नहीं आने दी जाएगी-मुख्यमंत्री
हरियाणा सुपर-100 बना प्रतिभाओं की उड़ान का सशक्त मंच, 534 विद्यार्थियों ने IIT-NEET जैसी परीक्षाओं में हासिल की सफलता- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
चंडीगढ़ जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार देर सायं चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा सुपर-100 अभिनंदन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने हरियाणा सुपर-100 योजना के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों पर बधाई देते हुए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियाद योजना के तहत वर्तमान में संचालित 103 केंद्रों में 25 नए केंद्र जोड़े जाएंगे, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 सेंटर को 100 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की इस मौके पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, श्री मनोहर लाल भी मौजूद रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अपने सामने नए भारत का एक चमकता हुआ भविष्य देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा सुपर-100 के बच्चों ने अपनी कड़ी मेहनत, संकल्प और पुरुषार्थ से यह सिद्ध कर दिया है कि वे देश का भाग्य बदलने की क्षमता रखते हैं।उन्होंने कहा कि देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) परीक्षा उत्तीर्ण कर इन मेधावी विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसला बुलंद हो तो हर बाधा को पार कर सुपर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों, उनके माता-पिता तथा गुरुजनों को इस उल्लेखनीय सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि हरियाणा सुपर-100 योजना की शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि धन और संसाधनों की कमी कभी भी किसी मेधावी विद्यार्थी की प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को भी उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो, आज सुपर 100 इसे सार्थक कर रहा है
मुख्यमंत्री ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की सूची में प्रदेश की बेटियां अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी बेटियां पूरे प्रदेश की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनकी उपलब्धियां समाज के लिए गर्व का विषय हैं।
उन्होंने इस अवसर पर हरियाणा सुपर-100 के शिक्षकों की भी विशेष सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इन बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि उनके भीतर छिपे आत्मविश्वास और विश्वास को भी जागृत किया, जिसके परिणामस्वरूप आज ये विद्यार्थी नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने। उन्होंने कहा कि इस विकसित भारत की भव्य इमारत का निर्माण आप जैसे होनहार, प्रतिभाशाली और तकनीकी रूप से सक्षम युवा करेंगे। आपकी बुद्धिमत्ता, नवाचार और खोज मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा सुपर-100 के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर प्रदेश और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
हरियाणा सुपर-100 बना प्रतिभाओं की उड़ान का सशक्त मंच, 534 विद्यार्थियों ने IIT-NEET जैसी परीक्षाओं में हासिल की सफलता- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
हरियाणा सुपर-100 अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2015 में उनकी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से मेरिट को मिशन बनाया। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य था कि प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी को उसकी योग्यता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना खर्ची, बिना पर्ची के सिद्धांत पर सरकारी नौकरियां देने की व्यवस्था लागू की तथा योग्यता के आधार पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रतिभा और मेहनत को ही सफलता का आधार बनाया।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार और श्री नवीन मिश्रा के संयुक्त प्रयासों से सुपर-100 योजना की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में उनकी सरकार ने योग्यता के आधार पर 18,218 सरकारी नौकरियां प्रदान कीं, जो पारदर्शी एवं मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था का प्रमाण है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि सुपर-100 कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 534 विद्यार्थियों ने IIT एवं NEET जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर हरियाणा का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा सरकार की दूरदर्शी पहल का परिणाम बताया।केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उनके अभिभावकों को भी इस सफलता पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुपर-100 योजना आगे भी हरियाणा के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देती रहेगी। उन्होंने कहा की सरकार ने गांव गांव मे लाइब्रेरी खोलने का संकल्प लिया है।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय दहिया, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव,महानिदेशक जितेंद्र दहिया, महानिदेशक सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग के एम पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय, विकल्प फाउंडेशन के संस्थापक नवीन मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
क्रमांक -2026
प्रदर्शनकारी बिजली कर्मचारियों के बीच खुद ज्ञापन लेने पहुंचे ऊर्जा मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़, 02 जुलाई –* हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज आज प्रदेशभर से अम्बाला में जुटे हजारों प्रदर्शनकारी बिजली कर्मचारियों के बीच पहुंच गए जिसके बाद पूरा माहौल ही बदल गया। ऊर्जा मंत्री अनिल विज खुद ज्ञापन कर्मचारियों के बीच ज्ञापन लेने पहुंच गए और उन्होंने न सिर्फ कर्मचारियों से बातचीत की बल्कि मंच से उनके नारों में अपना नाम भी जोड़ा।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज अपने आवास के समक्ष प्रदर्शन कर रहे एचएसईबी वर्कर्स यूनियन कर्मचारियों से देर शाम अपनी गाड़ी से उतर सीधा ज्ञापन लेने पहुंचे।
अंबाला मे हरियाणा भर से इकट्ठा हुए सैकड़ों कर्मचारियों के बीच पहुंच कर ज्ञापन लेने के बाद विज ने मंच से बिजली कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी जो मांगे हैं उसपर कार्रवाई के लिए आगामी दिनों में यूनियन पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों के एलाउंस की मांग पर कहा कि उन्होंने अपने दफ्तर के अधिकारियों को उक्त फाइल बनाने के लिए कह भी दिया है जिस पर कार्रवाई होगी।
क्रमांक -2026
जमीन से जुड़े सभी काम हों आसान, पारदर्शी और समय पर, यही सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 और ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
चंडीगढ़, 2 जुलाई-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा राजस्व तंत्र विकसित करना है, जहां जमीन की खरीद-बेच, रजिस्ट्री और इंतकाल (म्यूटेशन) से जुड़े सभी काम सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और तय समय में पूरे हों। आमजन और किसानों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं घर बैठे मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने आज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 तथा ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्तीय आयुक्त एवं राजस्व, आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल सहित अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में नागरिकों और अन्य हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान बनाया गया है, ताकि आम लोगों को रजिस्ट्री कराने में किसी तरह की परेशानी न हो। नई व्यवस्था में आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमैट्रिक सत्यापन को अनिवार्य किया गया है, जिससे दस्तावेजों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी। प्रत्येक दस्तावेज पर क्यूआर कोड होना भी सुनिश्चित किया गया है, ताकि डॉक्यूमेंट ओरिजनल बारे भी तस्दीक हो सके। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था भी की गई है कि प्राप्त आवदेन में से 20 एसडीएम और 20 रजिस्ट्री आवेदन डीआरओ को भी जाएंगे, ताकि पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो।
अधिकारियों ने बताया कि अब डीटीपी से एनओसी जैसे दस्तावेज अलग से जमा कराने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित विभागों से इनका सत्यापन ऑनलाइन हो जाएगा। नागरिक ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दस्तावेज तथा ई-स्टाम्प भी ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। सामान्य अपॉइंटमेंट को जरूरत पड़ने पर तत्काल श्रेणी में बदलने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने इस दौरान तत्काल रजिस्ट्री प्रक्रिया के शुरू होने के बाद बढ़े रेवेन्यू बारे भी मुख्यमंत्री को अपडेट दिया।
खाता काश्त पर करे फोक्स, विदेश से भी हो पाएं रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस बीच अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाता काश्त में मालिकाना हक संबंधित कार्य भी जल्द पूरा किया जाएं। जिस पर अधिकारियों ने कहा कि इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान विदेश में गए हरियाणा के व्यक्ति के पास क्या कोई रजिस्ट्री आनलाइन करवाने का विकल्प है, इस बारे भी चर्चा की। जिस पर उन्होंने इस दिशा में विडियो कॉल इत्यादि या अन्य आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल कर इस दिशा में कार्य करने को भी कहां।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा किए गए इन सुधारों से रजिस्ट्री और म्यूटेशन की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान, तेज और पारदर्शी बनेगी। लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे, तहसीलों के अनावश्यक चक्कर कम होंगे और फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई व्यवस्था का लाभ प्रदेश के हर नागरिक तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे और इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लंबित सभी पुराने इंतकालों को अगले एक माह के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इस कार्य की नियमित एवं साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में अगर कोई अधिकारी या तहसील कर्मचारी जानबूझ कर लापरवाही करता है, या फिर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर जानबूझ कर आब्जेक्शन लगाता है तो उस की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने इसे मॉनिटर करने के निर्देश भी दिए।
क्रमांक -2026
हरियाणा को ‘समग्र शिक्षा‘ कार्यक्रम के तहत मिलेंगे 1,639.02 करोड़
– भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दी मंजूरी
चंडीगढ़ , 2 जुलाई – भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘समग्र शिक्षा’ कार्यक्रम के तहत हरियाणा के लिए 1,639.02 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना और बजट (AWP&B) को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में आयोजित पीएबी की बैठक में मिली इस मंजूरी के तहत बजट को केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में साझा किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहाँ जानकारी देते हुए बताया कि उक्त बैठक के दौरान मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा को मजबूत करने और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए हरियाणा के निरंतर प्रयासों की सराहना की। यूडीआईएसई+ (UDISE+) 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बिजली और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था, और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लगभग शत-प्रतिशत स्कूलों में पहुंच चुकी हैं।
इसके अलावा, हरियाणा ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) का भी लगभग सार्वभौमिक कवरेज हासिल कर लिया है और राज्य में छात्रों की अगली कक्षा में जाने की दर (ट्रांजिशन रेट) राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, जबकि स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वीकृत वार्षिक कार्य योजना में नवाचार, प्रौद्योगिकी और छात्र-केंद्रित शिक्षण सुधारों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना की एक मुख्य विशेषता राज्य द्वारा प्रस्तावित दो अनूठी पहल – ‘स्प्रिंट’ (स्पोर्ट्स प्रिपयर्डनेस एंड रेजिलिएंस थ्रू इंटेंसिव नचरिंग एंड ट्रेनिंग) और स्कूलों में ‘बैंड सेट’ का प्रावधान शामिल होना है।
पीएबी ने 377.61 लाख रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ राज्य के सभी जिलों में ‘स्प्रिंट’ कार्यक्रम को लागू करने की मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को पहचानना, छात्रों की शारीरिक फिटनेस को मजबूत करना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, पिछले दो वर्षों में शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित जोनल स्तरीय स्कूल बैंड प्रतियोगिताओं में हरियाणा के सरकारी स्कूलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए, राज्य के प्रत्येक जिले के एक चयनित चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश’ (CMEEE) स्कूल के लिए बैंड सेट प्रदान करने हेतु 44 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि वार्षिक कार्य योजना निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) हासिल करने के लिए हरियाणा की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, जिसके लिए वर्ष 2026-27 के दौरान 53.02 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस राशि का उपयोग शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षण सामग्री (TLM), छात्र मूल्यांकन और शैक्षणिक सहायता के लिए किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि तीसरी कक्षा तक का हर बच्चा अपनी उम्र के अनुकूल बुनियादी साक्षरता और गणित कौशल हासिल कर सके।
इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत स्कूल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के लिए समावेशी शिक्षा, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने, व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार और एससीईआरटी (SCERT) व 21 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) के माध्यम से शैक्षणिक सहायता को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा हरियाणा इन सभी स्वीकृत गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार कर रहा है ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इन फंडों का शत-प्रतिशत और सही उपयोग सुनिश्चित करके बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल किए जा सकें।
क्रमांक -2026
हरियाणा प्रदेश वीबी जीरामजी के तहत पूरे देश में सबसे ज्यादा 409 रुपए प्रतिदिन देगा मजदूरी : कृष्ण लाल पंवार
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कुरुक्षेत्र में शहजादपुर गांव के तालाब की खुदाई के कार्य से वीबी जीरामजी योजना का ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया शुभारंभ
वीबी जीरामजी स्कीम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 590.17 करोड़ व मुख्यमंत्री ने 370 करोड़ रुपए भेजे
2 लाख का बीमा, रिक्त पदों पर भर्ती व सड़क देखरेख को योजना में जोड़ने का सुझाव केंद्रीय मंत्री के सामने रखा
चंडीगढ, 2 जुलाई- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि वीबी जीरामजी के तहत पूरे देश में हरियाणा प्रदेश सबसे ज्यादा मजदूरी 409 रुपए प्रतिदिन देगा, जो अब 15 दिन की बजाए 7 दिन के अंदर मिला करेगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है तो उस पर अब 10 हजार रुपए की पेनल्टी भी लगेगी, जो पहले मात्र एक हजार रुपए हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि हेरा-फेरी को रोकने के लिए श्रमिकों की कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत होते ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की तरफ से इस स्कीम में 590.19 करोड़ रुपये और हरियाणा प्रदेश की तरफ से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सै
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