55.35 करोड़ रुपये के फर्जी GST बिलिंग घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 8.35 करोड़ के फर्जी ITC का खुलासा: हरपाल सिंह चीमा
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़, 9 जुलाई 2026। पंजाब सरकार ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 55.35 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी बिलिंग घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब राज्य कर विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए करीब 8.35 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दुरुपयोग का भी खुलासा किया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर राज्य जीएसटी विभाग ने पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत जालंधर स्थित मैसर्स रैमसन्स कॉर्पोरेशन के मालिक भूपिंदर शर्मा को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्म बिना वास्तविक वस्तु आपूर्ति के जीएसटी चालान जारी कर फर्जी बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का नेटवर्क चला रही थी।
हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, जांच में पता चला कि फर्म ने लगभग 55.35 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की। इसके जरिए करीब 8.35 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार कर अन्य फर्मों को स्थानांतरित किया गया। इस फर्जी आईटीसी का उपयोग कुछ विनिर्माण इकाइयों द्वारा निर्यात पर भुगतान किए गए आईजीएसटी (IGST) के रिफंड का गलत दावा करने के लिए किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर 9 जुलाई 2026 को विशेष टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। मंत्री के अनुसार, इस मामले में दर्ज अपराध पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की संबंधित धाराओं के तहत गैर-जमानती श्रेणी में आते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। विभाग फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के वास्तविक प्रवाह का पता लगाने, कर चोरी की कुल राशि का आकलन करने और पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हरपाल सिंह चीमा ने कर चोरी के खिलाफ पंजाब सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फर्जी इनवॉयसिंग, बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट और कर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग को खुफिया सूचना आधारित कार्रवाई, आधुनिक डेटा विश्लेषण और समन्वित जांच के माध्यम से कर चोरी के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं।


