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मुख्यमंत्री ने सिरसा के किन्नू को जीआई टैग मिलने पर दी बधाई  

मुख्यमंत्री ने सिरसा के किन्नू को जीआई टैग मिलने पर दी बधाई

 

चंडीगढ़, 23 जुलाई- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को सिरसा में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की और लोगों की समस्याओं को सुना। इसके उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का किन्नू ऐसा पहला फल है जिसे जीआई टैग मिला है। इस जीआई टैग से सिरसा के किन्नू की पहचान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे किन्नू के उत्पादन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए इस पहचान को बरकरार रखें। जीआई टैग से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों को जीआई टैग मिलने पर बधाई  भी दी।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिरसा के किन्नू को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों, अधिकारियों एवं विशेषज्ञों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बड़ागुढ़ा के प्रगतिशील किसान निखिल मेहता, ऐलनाबाद के प्रगतिशील किसान मनोज कुमार, डबवाली के प्रगतिशील किसान कृष्ण कुमार तथा एचडीओ सीमा कंबोज को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की।

जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सिरसा का किन्नू हरियाणा राज्य का पहला स्वतंत्र जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पाद बन गया है। इससे पहले बासमती और फुलकारी को संयुक्त रूप से जीआई टैग प्राप्त था, लेकिन सिरसा किन्नू ने हरियाणा की विशिष्ट कृषि उपज के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। दीन मोहम्मद ने बताया कि अब तक स्वतंत्र जीआई टैग नहीं होने के कारण सिरसा का किन्नू अन्य राज्यों के किन्नू के साथ मिश्रित होकर बिकता था, जिससे किसानों को उनकी गुणवत्तापूर्ण उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब स्वतंत्र जीआई टैग मिलने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी और सिरसा किन्नू की ब्रांड वैल्यू भी मजबूत होगी।

 

युवाओं के साथ मिलकर काम कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री

 

एक अन्य प्रश्र के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सीईटी और नीट की परीक्षा के दौरान कोई परेशानी नहीं आई और यातायात की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। विपक्ष ने युवाओं को भडक़ाने व बरगलाने का काम किया है, लेकिन सरकार गंभीरता से युवाओं के साथ काम कर रही है। विपक्ष को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उनके समय में युवाओं के साथ किस प्रकार का बर्ताव होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ही विजन है कि युवाओं को सशक्त और मजबूत करना।

इस अवसर पर उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन शांति स्वरूप, चेयरमैन रोहताश जांगड़ा, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक

 बैठक में 18 परिवादों का किया गया समाधान

मुख्यमंत्री  ने जिला स्तरीय वन महोत्सव पौधारोपण अभियान का भी किया शुभारंभ

डबवाली वीटा दुग्ध चिलिंग सेंटर और इंटीग्रेटेड ड्रग रिकवरी सेंटर का किया लोकार्पण

चंडीगढ़, 23 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को सिरसा में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों से संबंधित जन शिकायतों की सुनवाई की। बैठक में रखी गई 19 शिकायतों में से 18 का मौके पर समाधान व निपटान किया गया, जबकि एक शिकायत को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। बैठक में ओडिशा के पूर्व गवर्नर प्रो. गणेशी लाल भी उपस्थित रहे।

गांव गंगा निवासी परमजीत सिंह की शिकायत थी कि गांव झुट्टीखेड़ा निवासी सुल्तान सिंह की 11 जून 2000 को मृत्यु हो चुकी है और उनकी कोई शादी नहीं हुई थी, उनकी 40 कनाल एक मरला जमीन को फर्जी वसीयत से नाम करवा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में विजिलेंस से जांच करवाने के निर्देश दिए हैं, इससे पहले इस मामले की जांच जिला राजस्व अधिकारी द्वारा की गई थी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोलर पैनल लगाने वाली एमएस सोम कॉर्पोरेशन हिसार द्वारा स्थापित सोलर पैनलों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह मामला सिरसा में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव गुड़िया खेड़ा के विनोद कुमार की ओर से रखा गया, जिसमें बताया कि 18 दिसंबर 2024 को आवेदन किया था। इस कंपनी ने अदायगी के बाद भी उसके सोलर पैनल नहीं लगाए और न ही राशि वापस लौटाई। बैठक में इसी कंपनी के खिलाफ गलत सोलर पैनल संबंधी अन्य शिकायतें भी आई ।

मुख्यमंत्री ने मारपीट के मामले में थाना रानियां के ढाणी सतनाम निवासी कमलेश कौर की शिकायत पर दोषी पुलिस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कमलेश कौर ने बताया कि उनके ऊपर हमला हुआ था और इस मामले में दूसरे पक्ष से पंचायत ने समझौता दिखाया गया और इस समझौते में उनके नाबालिग बच्चे के हस्ताक्षर करवाए गए। मुख्यमंत्री ने नाबालिग बच्चे से समझौते पर हस्ताक्षर करवाने को गंभीर माना और कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बैंक द्वारा राशि काट लेने के बावजूद मुआवजा न देने के मामले में बैंक के खिलाफ कार्रवाई और ब्याज सहित राशि देने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में रूपावास निवासी सुशील कुमार ने शिकायत दी थी कि वर्ष 2022 रबी फसल के लिए बीमा राशि काट ली गई लेकिन बीमा क्लेम दिया गया। जिला भिवानी के गांव बड़सी निवासी अनूप सिंह की शिकायत थी कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग से बीएलईओ शमशेर सिंह 31 मार्च 2019 को सेवानिवृत्त हुए और 27 नवंबर 2024 को कैंसर से उनका देहांत हो गया तथा वे अविवाहित थे और उनकी मां विद्या देवी उन्हीं की पेंशन पर आश्रित है। महालेखाकार को पेंशन संबंधी दस्तावेज भेजने थे, परंतु एसडीओ ने स्थानीय स्तर पर ही केस रिजेक्ट कर दिया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सेक्टर 21 में फ्लैट अलॉट होने के मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए है। शिकायत विजय कुमार निवासी आनंद विहार की ओर से रखी गई कि उसे फ्लैट अलॉट हुआ था, पहले 55 हजार रुपये भरवाए गए और फिर एक लाख 30 हजार रुपये भरवाए गए, इसके बाद अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिया गया और उसे भौतिक कब्जा नहीं मिला और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के लंबित सभी मामलों का निपटान किया जाए। इस शिकायत को अगली बैठक में पुन: रखने के निर्देश दिए।

दिव्यांगों को नए नोटिफिकेशन से मिलेगी पेंशन

गांव पोहडक़ां निवासी रामपाल की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के दिव्यांगों के लिए दिव्यांगता श्रेणी के प्रमाणपत्र में परिवार की आय के मामले में नया नोटिफिकेशन हो गया है, जिसके अनुरूप बढी हुई आय के अनुसार पेंशन का लाभ मिलेगा।

कल्याण नगर निवासी रूप चंद ने शिकायत की कि उसने 2021 में रामजी लाल से जमीन खरीदी थी, जिस पर ट्यूबवेल लगा हुआ है, जबकि ट्यूबवेल कनेक्शन किसी ओर के नाम पर है, यह ट्यूबवेल कनेक्शन उसके नाम किया जाए। जबकि जिसके नाम कनेक्शन है, वह उसे बंद नहीं करवाना चाहता। मुख्यमंत्री ने दूसरे की जमीन पर ट्यूबवेल कनेक्शन देने के मामले में तत्कालीन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई व एडीसी को जांच करने के निर्देश दिए हैं। निगम के अधीक्षण अभियंता ने माना कि वर्ष 2010 में कनेक्शन देते समय चूक हुई। मुख्यमंत्री ने दोनों किसानों को अलग-अलग कनेक्शन देने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने गांव छतरियां के किसान महेंद्र व अन्य की शिकायत पर एडीसी को जांच के निर्देश दिए। इसी तरह मंडी डबवाली निवासी सुखदेव सिंह व रूप चंद की शिकायत पर पुलिस को कार्रवाई करने को कहा।

दो परियोजनाओं का किया लोकार्पण

बैठक से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी सिरसा में 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव अभियान के तहत पौधारोपण किया। इसके उपरांत उन्होंने दो परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हाल के प्रांगण में डबवाली में वीटा दुग्ध चिलिंग सेंटर का लोकार्पण किया। इस पर तीन करोड़ 30 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है और इस चिलिंग सेंटर की प्रतिदिन की क्षमता 20 हजार लीटर दूध भंडारण की है। इस केंद्र से डबवाली के 35 से अधिक गांवों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने नागरिक अस्पताल में इंटिग्रेटिड ड्रग रिकवरी सेंटर का भी यहां लोकार्पण किया है। इस केंद्र में छह बैड का इंडोर पुनर्वास वार्ड स्थापित किया गया है, 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस केंद्र को एचडीएफसी बैंक के साथ मिलकर सीएसआर के तहत बनाया गया है, इस केंद्र में मनोरोग, परामर्श कक्ष, व्यक्तिगत परामर्श कक्ष, मनोवैज्ञानिक थेरेपी क्षेत्र, ग्रुप थेरेपी एवं गतिविधि कक्ष तथा ई-लाइब्रेरी की सुविधा है।

बैठक में जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन शांति स्वरूप, चेयरमैन रोहताश जांगड़ा, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

सामाजिक समरसता के नए अध्याय के सूत्रधार बने नायब सिंह सैनी

महापुरुषों की जयंतियों पर संगत के बीच बैठकर सुनते हैं भजन-कीर्तन, समाज को देते हैं एकता का संदेश

चंडीगढ़, 23 जुलाई– हरियाणा में सामाजिक समरसता को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान को निरंतर गति दे रहे हैं। वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा ही नहीं, बल्कि राजस्थान, पंजाब और दिल्ली में भी महापुरुषों की जयंती समारोहों में भाग लेकर सामाजिक एकता का संदेश दिया है। उनकी सादगी, सहजता और मिलनसार व्यक्तित्व ने समाज के सभी वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री का मानना है कि संत-महापुरुष किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय के नहीं होते, बल्कि उनके विचार संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं।

हरियाणा सरकार “हरियाणा एक–हरियाणवी एक” के मूल मंत्र पर चलते हुए संत-महापुरुषों की जयंती और सिख गुरुओं के प्रकाश पर्व सरकारी स्तर पर आयोजित कर सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ कर रही है।

वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पहली बार सरकारी स्तर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाने की शुरुआत की थी। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब संत शिरोमणि रविदास, संत कबीरदास, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित अनेक संत-महापुरुषों की जयंतियां पूरे सम्मान के साथ सरकारी स्तर पर मनाई जा रही हैं। इन आयोजनों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है तथा राज्य सरकार के वार्षिक कैलेंडर में इन्हें विशेष दिवस के रूप में स्थान दिया गया है।

हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन चुका है, जहां विभिन्न संत-महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिख गुरुओं के प्रकाश पर्वों को भी सरकारी समारोहों का हिस्सा बनाया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत विशेष रेल सेवाएं भी संचालित की गई हैं।

‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ से घर-घर पहुंच रहे महापुरुषों के विचार

युवा पीढ़ी को संत-महापुरुषों के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना के तहत राज्य, जिला और खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर महापुरुषों के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग भी इस योजना के माध्यम से सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री के इन प्रयासों को समाज के विभिन्न वर्गों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इन पहलों ने हरियाणा में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है।

क्रमांक-2026

सत्यव्रत/सोनिया

 

हमारे शिक्षकों की क्षमता, समर्पण और कुशलता पर है पूर्ण विश्वास – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा*

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय शिक्षा मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने प्रस्तुत किया राज्य की समग्र एवं भविष्य परक शिक्षा का खाका

चंडीगढ़, 23 जुलाई- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि उन्हें प्रदेश के शिक्षकों की क्षमता, समर्पण और कुशलता पर पूर्ण विश्वास है। शिक्षक ही बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार कर विकसित भारत-2047 के निर्माण की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

उन्होंने यह बात नई दिल्ली स्थित पूसा के भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार में 22 एवं 23 जुलाई, 2026 को आयोजित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कही। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के साथ स्कूली शिक्षा के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

शिक्षा केवल बौद्धिक विकास नहीं, चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम

इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना या बौद्धिक विकास तक सीमित रहना नहीं है। वास्तविक शिक्षा वही है जो बच्चे के चरित्र, नैतिक संस्कारों, आत्मविश्वास और भावनात्मक समझ को मजबूती प्रदान करे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की शिक्षा नीति का ध्येय हर बच्चे को उसकी विशिष्ट रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का समान अवसर देना है। राज्य में विद्यालयों को केवल पढ़ाई के केंद्र न बनाकर ऐसे जीवंत संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बच्चों के सपनों, प्रतिभा और व्यक्तित्व को सही और सकारात्मक दिशा मिल सके।

प्रारंभिक शिक्षा, कौशल और खेलों पर है विशेष बल

मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने हरियाणा सरकार द्वारा स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बुनियादी साक्षरता एवं सीखने के स्तर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। विद्यार्थियों में कौशल विकास व स्वरोजगार की भावना विकसित करने के लिए व्यावहारिक पाठ्यक्रम लागू कर रही है। स्कूली स्तर से ही खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध करा रही है।

शिक्षक ही हैं ‘विकसित भारत-2047’ के वास्तविक शिल्पकार

शिक्षकों की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक हमारी शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत हैं। वे केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि बच्चों में अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। हमारे शिक्षक प्रतिदिन कक्षाओं में देश का भविष्य गढ़ रहे हैं और यही ‘विकसित भारत-2047’ के निर्माण की वास्तविक नींव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षकों की क्षमता, समर्पण और कुशलता पर पूर्ण विश्वास है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी गुरुजनों को शत-शत नमन किया।

आईटीआई, आईआईएमटी, आईआईएम और सीएसआईआर के सहयोग से सशक्त होगा शिक्षक प्रशिक्षण

शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट  करने की आवश्यकता पर बल देते हुए शिक्षा मंत्री ने एक दूरदर्शी सुझाव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण  को अधिक प्रभावी, आधुनिक और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए देश के शीर्ष संस्थानों—जैसे आईटीआई, आईआईएमटी, आईआईएम और सीएसआईआर का प्रत्यक्ष सहयोग लिया जाना चाहिए। इससे शिक्षकों को अत्याधुनिक शिक्षण विधियों और शोध- आधारित तकनीकों का लाभ मिल सकेगा।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय दहिया तथा राज्य परियोजना निदेशक श्री स्वप्निल रविंद्र पाटिल भी उपस्थित रहे।

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