पंजाब के मुख्यमंत्री बताएं कितनी घोषणाएं पूरी हुई : श्री नायब सिंह सैनी
–कहा ,भाजपा करेगी सरदार उधम सिंह के सपनों को पूरा
–पंजाब के सनौर में सरदार उधम सिंह जी के 87वें शहीदी दिवस में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की
चंडीगढ़ , 31 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वे प्रदेश की जनता को बताएं कि पिछले विधानसभा चुनाव में की गई 56 घोषणाओं में से कितनी पूरी हुई हैं , अगले चुनाव होने में मात्र 4 माह शेष हैं क्या वे सभी घोषणाओं को पूरा कर देंगे।
श्री सैनी आज पंजाब के सनौर में सरदार उधम सिंह जी के 87वें शहीदी दिवस पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने सरदार उधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि पंजाब में भाजपा सरकार ही सरदार उधम सिंह द्वारा युवाओं के विकास के लिए देखे गए सपनों को पूरा कर सकती है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि केवल नारों से नहीं नियत से राज्य का विकास होता है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टर की भर्ती में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए “आप सरकार” को घेरा और इसे प्रतिभावान युवाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा बताया। उन्होंने कार्यक्रम में एक वक्ता द्वारा “पंजाब सरकार ने 30 प्रतिशत चुनावी वायदे पूरे किये” का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान बताएं कि उन्होंने गत चुनाव में की गई कितनी घोषणाओं को पूरा कर लिया है ? और क्या शेष 4 माह में बाकी घोषणाओं को पूरा कर देंगे ?
श्री सैनी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज विरासत पर गर्व करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हरियाणा में हमारी सरकार इसी भावना पर काम कर रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा किसानों , महिलाओं तथा युवाओं के हित में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प -पत्र में 217 संकल्प लिए थे जिनमें से 70 संकल्प तो मात्र डेढ़ साल में ही पूरे कर दिए हैं , बाकि के 147 संकल्प भी बहुत जल्द पूरे कर देंगे।
उन्होंने पंजाब की जनता को शहीद सरदार उधम सिंह जी के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया और कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो महापुरुषों का सम्मान कर देश को विकसित और संस्कारित करने की दिशा में काम कर रही है।
श्री नायब सिंह सैनी ने सनौर को पावन धरती बताया और कहा कि कुछ धरतियाँ केवल इतिहास का हिस्सा बनती हैं… लेकिन कुछ धरतियाँ इतिहास गढ़ती हैं। सनौर ऐसी ही पुण्यभूमि है। यह केवल एक कस्बा नहीं है, केवल एक क्षेत्र नहीं है; यह राष्ट्रभक्ति की राजधानी है। इस धरती की हर मुट्ठी हमें याद दिलाती है कि आज़ादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्कि गुरुओं के तप, वीरों के पराक्रम और शहीदों के बलिदान से मिली है।
उन्होंने सरदार उधम सिंह के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनकी राष्ट्रभक्ति से अवगत करवाया कि किस प्रकार से सरदार उधम सिंह ने जलियांवाला हत्याकांड के दोषी अंग्रेज अफसर डायर को लंदन जाकर मारा था। उधम सिंह जी ने अंग्रेज़ जनता और अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद में फ़र्क किया। उनकी लड़ाई किसी धर्म, किसी जाति, किसी देश की जनता से नहीं थी बल्कि अन्याय के ख़िलाफ़ थी।
श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की जनता में जोश भरते हुए कहा कि एक उधम सिंह ने इक्कीस वर्षों तक अपना संकल्प निभाया और एक साम्राज्य की नींव हिला दी। आज अगर साढ़े तीन करोड़ पंजाबी अपने संकल्प निभा लें, तो पंजाब की तकदीर बदलने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती परनीत कौर , कार्यक्रम के आयोजक श्री हरदीप सिंह कंबोज, बाबा ब्रह्मदास जी महाराज , स्वामी राजेश्वरानंद महाराज , संत महेश मुनि जी महाराज समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शहीद उधम सिंह जी के शहादत दिवस पर किया नमन
चंडीगढ़ , 31 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महान स्वतंत्रता सेनानी और अदम्य साहस के प्रतीक शहीद उधम सिंह जी के शहादत दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सरकारी आवास पर यहां संत कबीर कुटीर में शहीद उधम सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद उधम सिंह जी का अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के स्वाभिमान के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज एक अमर अध्याय है।
शहीद की शहादत को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राष्ट्र उनकी वीरता, समर्पण और महान त्याग का सदैव कृतज्ञ रहेगा। जालियांवाला बाग हत्याकांड के न्याय के लिए उन्होंने जिस प्रकार का संकल्प और धैर्य दिखाया, वह अतुलनीय है।”
उन्होंने आगे कहा कि शहीद उधम सिंह जी का जीवन चरित्र और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र सेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऐसे महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपने जीवन में ढालकर देश और प्रदेश की उन्नति के लिए कार्य करना चाहिए।
क्रमांक -2026
जल संरक्षण का संदेश देती पुस्तक ‘एक बूँद सौ सवाल‘ का हुआ विमोचन
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने किया विमोचन
अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व का बोध होना बेहद ज़रूरी- डा. अग्रवाल
चंडीगढ़, 31 जुलाई- हरियाणा निवास चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने आज बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रसिद्ध लेखिका डा. शमीम शर्मा और उनकी पुत्रवधू डा. सरिता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से लिखित पुस्तक ‘एक बूँद सौ सवाल’ का विमोचन किया और दोनों लेखिकाओं को इस अनुपम कृति के लिए बधाई दी।
डॉ. अग्रवाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें पानी के सभी आयामों ऐतिहासिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण को बेहद सरल और सुंदर शैली में पिरोया गया है। यह पुस्तक हर आयु वर्ग के लिए अत्यंत पठनीय और उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने हाल ही में उद्योग विभाग की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य में किसी भी नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट या पार्क की मंजूरी से पहले जल की उपलब्धता और उसकी व्यावहारिकता का आकलन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों के लिए जल का संरक्षण जरूरी है, ताकि भूमिगत जल दोहन को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि हरियाणा एक अर्ध-शुष्क प्रदेश है, जहां जल का हमेशा से सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व रहा है। हमारी पुरानी परंपराओं (जैसे कुआँ-पूजन) और स्वच्छता के नियमों को धर्म से इसलिए जोड़ा गया था ताकि लोग पानी को प्रदूषित न करें और जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रहें।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज युवाओं की भाषा में एक शून्यता आ गई है। अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व का बोध होना बेहद ज़रूरी है। हिंदी देश को जोड़ने वाली प्रमुख भाषा है और इसे सहेजने के लिए ‘एक बूँद सौ सवाल’ जैसी सरल, गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक पुस्तकों का अधिक से अधिक सृजन होना चाहिए।
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दैनिक ट्रिब्यून के संपादक श्री नरेश कौशल ने कहा कि साहित्य अभिव्यक्ति नहीं, सामाजिक परिवर्तन का साधन है। कहानी, कविता, व्यंग्य, आत्मकथा, स्त्री विमर्श और हरियाणवी हास्य साहित्य हर विधा में डा. शमीम ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी लेखनी ने नारी अस्मिता, कन्या भ्रूण हत्या, सामाजिक विसंगतियों, ग्रामीण जीवन, पारिवारिक संबंधों और मानवीय मूल्यों को अत्यंत सहज किन्तु प्रभावशाली स्वर प्रदान किया है। हरियाणवी भाषा को साहित्यिक गरिमा प्रदान करने में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस कार्यक्रम में उर्दू प्रकोष्ठ हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के निदेशक ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की और दोनों लेखिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने जल जैसे समसामायिक विषय पर पुस्तक लेखन का कार्य किया है, जो कि सराहनीय है। हम सभी को जल बचाने पर विशेष ध्यान देना होगा। इस मौके पर पुस्तक की लेखिका डा. शमीम शर्मा ने कहा कि पुस्तक में जल संरक्षण से जुड़े 49 अध्याय हैं। जल बचाना आज की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुस्तक की रचना की गई है।
क्रमांक – 2026
हरियाणा की बेटी सीमा सांगवान द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई और शुभकामनाएं
चंडीगढ़ , 31 जुलाई – भिवानी जिले के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं महिला एथलीट सीमा सांगवान ने डिस्कस थ्रो स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया और देश की झोली में एक और मेडल डाला।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सीमा सांगवान को बधाई देते हुए कहा कि सीमा ने अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट खेल भावना से डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सीमा की यह ऐतिहासिक सफलता न केवल हरियाणा के लिए बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह उपलब्धि राज्य की अन्य युवा महिला खिलाड़ियों को भी खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने और नई बुलंदियों को छूने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि हरियाणा सरकार लगातार खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। आज हरियाणा के युवा हर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का परचम लहरा रहे हैं, जिसका श्रेय खिलाड़ियों की अथक मेहनत और राज्य सरकार की खेल-अनुकूल नीतियों को जाता है।
क्रमांक -2026
*शहीद उधम सिंह का बलिदान स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर – कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा*
*शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए एकजुट होकर करें काम- नवीन जिन्दल*
चण्डीगढ़, 31 जुलाई – शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में जिला यमुनानगर के रादौर में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, मत्स्य व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा तथा कुरुक्षेत्र लोकसभा सांसद श्री नवीन जिन्दल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कृषि मंत्री श्री मंत्री श्याम सिंह राणा ने शहीदी दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि भारत माता के अमर सपूत, महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, आत्मसम्मान और राष्ट्रप्रेम की अमर गाथा है। बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों के सामने कभी हार नहीं मानी। इसलिए उनका जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियाँ किसी महान व्यक्तित्व के निर्माण में बाधा नहीं, बल्कि प्रेरणा बन सकती हैं।
उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल,1919 का जलियांवाला बाग हत्याकांड में अंग्रेजी हुकूमत ने गोलियां बरसाकर हजारों निहत्थे लोगों को शहीद किया था उस भयावह नरसंहार से प्रभावित होकर युवा ऊधम सिंह के हृदय में उस दिन यह संकल्प जन्मा कि निर्दाेष भारतीयों के रक्त का हिसाब अवश्य लिया जाएगा। उन्होंने कई वर्षों तक धैर्य, साहस और दृढ़ निश्चय के साथ अपने संकल्प को जीवित रखने उपरांत 13 मार्च,1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में उन्होंने पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओड्वायर को गोली मारकर जलियांवाला बाग के शहीदों के प्रति अपना प्रण पूरा किया। इसके बाद अंग्रेजी सरकार ने 31 जुलाई, 1940 को लंदन की पेंटनविल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई। उन्होंने कहा कि भारत उन महान बलिदानों की नींव पर खड़ा है, जिसे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने रक्त से सींचा। हमारा कर्तव्य है कि हम उनके सपनों के भारत का निर्माण करें – एक ऐसा भारत जो आत्मनिर्भर हो, समृद्ध हो, शिक्षित हो, वैज्ञानिक सोच वाला हो और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण हो।
इस अवसर पर श्री नवीन जिंदल देश के महान क्रांतिकारी एवं शहीद ऊधम सिंह को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश को स्वतंत्र करवाने में अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आज जब हम आजाद भारत में साँस ले रहे हैं, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह आजादी हमें ऊधम सिंह, शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव, शहीद चंद्रशेखर आजाद जैसे अनेक क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान से मिली है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में नई ऊर्जा भरते हैं और देश के प्रति कर्तव्य की भावना को जागृत करते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों के साथ-साथ मतदान, सामाजिक सद्भाव जैसे कर्तव्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
श्री नवीन जिंदल कहा कि शहीद ऊधम सिंह के जन्म स्थल पर देश की आन-बान-शान का प्रतीक 108 फुट का तिरंगा लगाया जाएगा। शहीद ऊधम सिंह के जन्म स्थल पर तिरंगा हमारे शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कांबोज धर्मशाला को सामाजिक एवं विकास कार्यों के लिये 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।
क्रमांक – 2026
हरियाणा के राज्यपाल ने शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर अर्पित की पुष्पांजलि
चंडीगढ़, 31 जुलाई – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज यहाँ लोक भवन में शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर शहीद उधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि शहीद उधम सिंह का अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध जिस दृढ़ संकल्प और वीरता का परिचय दिया वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र अपने अमर शहीदों के बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीद उधम सिंह के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें तथा देश की एकता, अखंडता और गौरव को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य करें।


