120वीं जयंती पर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का किया पावन स्मरण
पंचकूला, 23 जुलाई। शहीद भगत सिंह जागृति मंच, पंचकूला के तत्वावधान में गुरुवार को सार्थक स्कूल, सेक्टर-12ए, पंचकूला में अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान को नमन किया गया।
मंच के अध्यक्ष जगदीश भगत सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने श्रद्धांजलि स्वरूप यह शेर प्रस्तुत किया— ‘तूफ़ान अगर ज़िद पर अड़ जाए, तो अड़ना बहुत ज़रूरी है,
क्रांति-काल में क्रांति-कोश को पढ़ना बहुत ज़रूरी है।
अगर करनी है भारत माँ की नि:स्वार्थ भाव से सेवा,
तो चंद्रशेखर आज़ाद-सा साहस, त्याग और समर्पण बहुत ज़रूरी है।’
विद्यालय की प्राचार्या रेणु बाला ने शहीद भगत सिंह जागृति मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मंच शहीदों की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में छात्रा सहजल ने ‘चंद्रशेखर आज़ाद थे, आज़ाद रहेंगे’ शीर्षक से प्रभावशाली कविता प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं छात्रा मानसी ने देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों को समर्पित कविता का मार्मिक पाठ किया। दोनों विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण के लिए मंच द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय के ललित कला प्राध्यापक श्री भीम सिंह ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं मंच के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहीदों के आदर्शों को केवल स्मरण ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष जगदीश भगत सिंह, ऋषि गुप्ता, नेहा सिवाच, कीर्ति बाली, पीजीटी ड्राइंग ओम प्रकाश, पीटीआई सविता ढिल्लो तथा डॉ. शालू सहित विद्यालय परिवार एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


