वर्ल्ड बैंक के सहयोग से हरियाणा में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन, कौशल विकास और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री
एआई से सुधरेगी एयर क्वालिटी, डेटा आधारित प्रशासन में हरियाणा बनाएगा नई पहचान
कोरिया डिजिटल समिट में दिखेगा हरियाणा का एआई मॉडल, मुख्यमंत्री को मिला विशेष आमंत्रण
चंडीगढ़, 5 अगस्त – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर राज्य में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, कौशल विकास और डेटा-आधारित प्रशासन को नई दिशा देने पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा तकनीक को केवल नवाचार तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उसका लाभ सीधे आम नागरिक तक पहुंचे, यही सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है, जब वह लोगों के जीवन को आसान बनाए और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज एवं प्रभावी बनाए।
बैठक के दौरान वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 19 से 22 अक्टूबर तक कोरिया में आयोजित होने वाले कोरिया डिजिटल समिट में विश्व बैंक द्वारा हरियाणा सरकार के सहयोग से विकसित एआई सैंडबॉक्स को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान दुनिया भर के आईटी मंत्री और डिजिटल क्षेत्र के विशेषज्ञ इसकी उपलब्धियों से अवगत होंगे। वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को भी इस समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
*पी.पी.पी. 2.0, डेटा लेक और एआई मॉडल से और मजबूत होगा डिजिटल हरियाणा*
मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र (PPP) को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्य इस मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। अब समय की जरूरत को देखते हुए इसे और अधिक आधुनिक तथा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए पी.पी.पी. 2.0 विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा व्यापक डेटा एक्सचेंज पॉलिसी और डेटा लेक विकसित कर विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के सहज आदान-प्रदान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। इससे नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णय अधिक सटीक एवं प्रभावी होंगे।
मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक से हरियाणा एआई एंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को शीघ्र शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि इसके तहत प्रस्तावित एआई गुरुकुल युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करेगा। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण और प्रत्येक जिले में कौशल केंद्र विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिए समर्पित एआई मॉडल तैयार करने का सुझाव भी रखा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल राज्य के कानूनों, नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं को समझते हुए अधिकारियों को त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने में मदद करेगा और नागरिकों को अधिक तेज, सरल एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
*एआई की मदद से सुधरेगी एयर क्वालिटी, तकनीक से मिलेगा प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण*
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एयर क्वालिटी डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित करने में वर्ल्ड बैंक से सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में चीन के अध्ययन दौरे से लौटे अधिकारियों ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक प्रणालियों की जानकारी साझा की है। हरियाणा भी अपने क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम तकनीकों और एआई आधारित समाधान अपनाकर वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने वर्ल्ड बैंक से विभिन्न सरकारी विभागों की चुनौतियों का अध्ययन कर उनके सरल, व्यावहारिक और किफायती तकनीकी समाधान विकसित करने में भी सहयोग मांगा।
*250 स्टार्टअप्स ने दिखाई ताकत, अब नवाचार का मिलेगा सीधा लाभ जनता को*
मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक द्वारा स्थापित एआई सैंडबॉक्स की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच नई तकनीकों को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से परखने का अवसर दे रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित इनोवेशन चैलेंज में लगभग 250 कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जो हरियाणा में तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है। अब इन नवाचारों को विभिन्न सरकारी विभागों में लागू कर नागरिकों तक उनका प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि दोनों के संयुक्त प्रयासों से हरियाणा जिम्मेदार एवं सुरक्षित आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, बेहतर सुशासन, अधिक रोजगार सृजन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, अर्जुन काउंसिल एसपीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. जे. गणेशन, वर्ल्ड बैंक के क्षेत्रीय निदेशक (डिजिटल एवं आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, एशिया-प्रशांत) श्री महेश उत्तमचंदानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक 2026
सरस्वती नदी के संरक्षण और विकास के लिए कई अहम फैसले, आईआईटी रुड़की से बनेगी विस्तृत रिपोर्ट
सरस्वती बहेगी, पर्यटन बढ़ेगा, भूजल भी सुधरेगा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की
चंडीगढ़, 5 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरस्वती नदी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति की जीवंत गवाह भी है। इसके पुनर्जीवन परियोजना को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बोर्ड की उपलब्धियों एवं लेखाजोखा संबंधित रिपोर्ट का विमोचन भी किया। इस दौरान सरस्वती नदी के समग्र विकास, संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया तथा कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के दौरान हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के अधिकारियों ने आगामी योजनाओं तथा अब तक की गतिविधियों का ब्यौरा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। बैठक में मुख्यमंत्री ने पिहोवा क्षेत्र के तमाम धार्मिक स्थलों की साफ सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आदिबद्री सहित समस्त संबंधित कार्यों को गति के साथ पूरा किया जाए। इस परियोजना से जहां एक ओर पेयजल एवं सिंचाई के स्रोत विकसित होंगे, वहीं दूसरी ओर पिहोवा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 350 एकड़ में सरस्वती सरोवर बनाया जा रहा है, इस मुख्य जलाशय से अब तक 10 लाख क्यूसेक मिट्टी की खुदाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो इस परियोजना की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने बैराज निर्माण के संबंध में अब तक के कार्य की रिपोर्ट लेते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैराज के काम को बिना किसी देरी के तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस परियोजना में तकनीकी खामियों या समय सीमा में ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारी स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करें। बैठक में पिहोवा के विकास सहित अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान प्राची सरस्वती सहायक नदी का सौंदर्यीकरण, सीढ़ियों का निर्माण, सांस्कृतिक कार्यक्रम शेड जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पर भी मंथन हुआ। यह परियोजना लगभग 56 करोड़ रुपये की होगी। सरस्वती बोर्ड ने इन सभी विकासात्मक गतिविधियों की संयुक्त योजना तैयार कर ली है।
इस दौरान हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सरस्वती नदी के तट पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त घाटों का निर्माण हो रहा है। इसके साथ आवागमन को सुगम बनाने हेतु अत्याधुनिक पुलों का निर्माण भी होना है। वहीं, प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार, जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, तालाबों की सफाई एवं सौंदर्यीकरण, नदी की सीमांकन एवं सफाई के साथ—साथ नदी तट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके अलावा, पिहोवा में संबंधित विभागों के समन्वय से संग्रहालय एवं व्याख्या केंद्र स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़े-बड़े साइनेज बोर्ड लगेंगे—
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब तक आम जनता इस ऐतिहासिक नदी के महत्व से परिचित नहीं होगी, तब तक इसका संरक्षण संभव नहीं है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि इसके आस—पास के 40 से 50 महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़े-बड़े साइनेज बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्डों के माध्यम से लोगों को सरस्वती नदी के ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि आम नागरिक भी इस पुनरुद्धार अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
अनुपचारित पानी किसी भी सूरत में ना गिरे:
सरस्वती नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पर्यावरण से जुड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के आस—पास जितने भी लिक्विड़ मैनेजमेंट सिस्टम है, वो वर्किंग में होने चाहिए। अगर वो बंद है, तो संबंधित अधिकारी इसे दुरुस्त करे और नियमित इनका फोलोअप करे। उन्होंने कहा कि आस-पास के गांवों से अनुपचारित पानी किसी भी कीमत पर सरस्वती नदी में नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभागों (नगर निगम, पंचायती राज एवं सिंचाई विभाग) के आपसी समन्वय से सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सभी एसटीपी संयंत्र पूरी क्षमता से कार्यरत रहें और नदी के जल की गुणवत्ता की नियमित रूप से जांच की जाए।
आईआईटी रुड़की से परामर्श के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली:
बैठक में टोंस बेसिन और सरस्वती बेसिन के बीच जल संयोजन (लिंकेज) तथा भूजल के स्थायी प्रबंधन के लिए आईआईटी रुड़की से परामर्श के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य सरस्वती नदी में स्थायी जल पुनर्भरण सुनिश्चित करना है। इसके लिए आईआईटी रुड़की के सहयोग से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। इसमें यह अध्ययन किया जाएगा कि टोंस नदी और बरसाती खोलों के पानी को सरस्वती नदी तक कैसे लाया जा सकता है। टोंस नदी को प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली का एक प्रमुख और स्थायी सहायक स्रोत माना जाता है, जो ग्लेशियर से निकलती है। इसके अलावा विभिन्न स्रोतों से मिलने वाले पानी की मात्रा और गुणवत्ता का आंकलन किया जाएगा। साथ ही भूजल स्तर को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तरीके विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना था कि इस कदम से सरस्वती पुनरुद्धार परियोजना को एक मजबूत वैज्ञानिक आधार मिलेगा, जिससे न केवल नदी में निरंतर जल प्रवाह सुनिश्चित होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा, जो हरियाणा जैसे राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, श्री एके सिंह, श्री अनुराग अग्रवाल, जनस्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ अमित कुमार अग्रवाल, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के मकरद पांडुरंग, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के सीईओ श्री कुमार सुप्रवीण, उपाध्यक्ष श्री धूमन सिंह किरमच, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीबी भारती, पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, चेयरमैन आशीष शर्मा चक्रपाणी भी मौजूद थे।
क्रमांक -2026
हरियाणा में पेट्रोल पंप एनओसी राइट टू सर्विस के दायरे में
45 दिनों के अंदर मिलेगा एनओसी
चंडीगढ़, 5 अगस्त-हरियाणा में अब पेट्रोल पंप के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) 45 दिनों के अंदर मिलेगा।
राज्य सरकार ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत आने वाली इस
सेवा को हरियाणा सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में शामिल करते हुए इसके लिए समय-सीमा निर्धारित की है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित क्षेत्र के सिटी मजिस्ट्रेट को इस सेवा के लिए नामित अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, संबंधित जिले के उपायुक्त को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी तथा संबंधित मंडल के मंडल आयुक्त को द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी नामित किया गया है।
इस निर्णय से पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनेगी तथा आवेदकों को निर्धारित अवधि के भीतर सेवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा।
क्रमांक 2026
अब देशभर के शोधकर्ताओं को होगा जे.सी. बोस विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का लाभ
– जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने अनुसंधान सुविधाओं के उपयोग के लिए ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल लॉन्च किया
– राष्ट्रीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने एवं सहयोगात्मक शोध को मिलेगा बढ़ावा
चंडीगढ़ , 5 अगस्त -जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने अपनी अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं देशभर के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों के लिए उपलब्ध करवाने की पहल करते हुए सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी (सीआरएफ) का एक ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल लॉन्च किया है।
इस पोर्टल के माध्यम से बाहरी शोधकर्ता निर्धारित शुल्क पर ऑनलाइन बुकिंग कर उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग कर सकेंगे, जबकि विश्वविद्यालय के आंतरिक शैक्षणिक उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध होगी। यह पहल सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने, उन्नत शोध सुविधाओं के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने तथा अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पोर्टल (https://jcboseust.ac.in/outreach/crf/crf_booking) का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने एचबीटीयू, कानपुर के कुलपति प्रो. शमशेर की गरिमामयी उपस्थिति में किया। विश्वविद्यालय के आईटी सेल द्वारा विकसित इस पोर्टल को अंकित पन्नू, सिस्टम एनालिस्ट तथा डॉ. अनुराग प्रकाश सुंडा, उप निदेशक (सीआरएफ) के विशेष प्रयासों से तैयार किया गया है। इस अवसर पर डॉ. अनुज आर्य, उप निदेशक (सीआरएफ) एवं डॉ. सोमवीर बाजर, एसोसिएट निदेशक (सीआरएफ) भी उपस्थित रहे।
कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने एआईसीटीई में कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्थापित उन्नत अनुसंधान सुविधाएं अक्सर केवल संबंधित संस्थानों तक सीमित रहने के कारण पर्याप्त रूप से उपयोग में नहीं आ पातीं। प्रोजेक्ट समाप्त होने के बाद सीमित उपयोग के कारण इन सुविधाओं के रखरखाव में भी कठिनाइयां आती हैं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं को अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराने से सार्वजनिक संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होगा, अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा ऐसे संस्थानों और शोधकर्ताओं को भी लाभ मिलेगा जिनके पास महंगे वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं।
इस अवसर पर प्रो. शमशेर ,प्रो. मुनीष वशिष्ठ, डीन (संस्थान) समेत अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
हरियाणा के ‘कॉमनवेल्थ पदक विजेता खिलाड़ियों‘ को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी – खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
7 अगस्त को ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित होगा राज्य स्तरीय सम्मान समारोह
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विजेताओं और प्रतिभागियों को मिलेगी 13.47 करोड़ रुपये की सम्मान राशि
7 स्वर्ण पदक विजेताओं को 1.50-1.50 करोड़, 2 रजत विजेताओं को 75-75 लाख और कांस्य विजेता को 50 लाख रुपये से किया जाएगा पुरस्कृत
13 प्रतिभागी खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप मिलेंगे 7.50-7.50 लाख रुपये
खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- खेल राज्य मंत्री
चंडीगढ़, 5 अगस्त – हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करने वाले हरियाणा के पदक विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों के लिए 7 अगस्त, 2026 को एक भव्य राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में संपन्न होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।
खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर हरियाणा के धाकड़ खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कॉमनवेल्थ खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए हैं, जिनमें 7 खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक, 2 खिलाड़ियों ने रजत पदक और 1 खिलाड़ी ने कांस्य पदक हासिल किया है। हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को 13.47 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी।
खेल मंत्री ने बताया कि गोल्ड मेडल हासिल करने वाले 7 खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 1.50-1.50 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।सिल्वर मेडल विजेता 2 खिलाड़ियों को 75-75 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। कांस्य पदक जीतने वाले 1 खिलाड़ी को 50 लाख रुपये की राशि से नवाजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले 13 प्रतिभागी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें 7.50-7.50 लाख रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक आधुनिक खेल सुविधाएं और उत्कृष्ट प्रशिक्षण वातावरण प्रदान करना है। सरकार का लक्ष्य है कि खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर हर संभव मदद मिले ताकि वे निडर होकर वैश्विक प्रतियोगिताओं में भाग लें और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतें।
गौरतलब है कि खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने मंगलवार को स्वयं दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एयरपोर्ट) पहुंचकर स्कॉटलैंड से वापस लौटे हरियाणा के कॉमनवेल्थ पदक विजेताओं का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार नागरिक अभिनंदन व स्वागत किया था।
क्रमांक-2026
पलवल के मंडकोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को मिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा
स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
चंडीगढ़, 5 अगस्त – हरियाणा सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने पलवल जिले के मंडकोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार के इस दूरगामी फैसले से मंडकोला गांव सहित आसपास के दर्जनों गांवों और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली एक बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के समीप ही उपलब्ध हो सकेंगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने चालू वर्ष के मार्च माह में पेश किए गए बजट में मंडकोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने जनहित में ली गई अपनी इस बजट घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए आधिकारिक मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार आम जनता को दी गई हर गारंटी और बजट घोषणा को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा। अब स्थानीय निवासियों को सामान्य इलाज के साथ-साथ प्रसूति एवं स्त्री रोग,
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