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बलतेज पन्नू का सुखबीर बादल पर हमला, भाजपा से समझौते की कोशिश का लगाया आरोप

बलतेज पन्नू का सुखबीर बादल पर हमला, भाजपा से समझौते की कोशिश का आरोप

चंडीगढ़, 8 अगस्त: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली दल और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल ने राजनीतिक फायदे के लिए कई बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने के लिए भाजपा के साथ समझौता करने की कोशिश कर रहा है।

बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल के हालिया रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज अकाली दल भाजपा सरकार की ओर से लाए जा रहे कुछ बिलों से सहमति जता रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग कृषि कानूनों के समय बादल परिवार के रुख को अभी भूले नहीं हैं।

पन्नू ने आरोप लगाया कि जब केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून लाए गए थे, तब बादल परिवार इन कानूनों के समर्थन में नजर आया था। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर किसानों और आम लोगों के विरोध के बाद बादल परिवार ने अपना रुख बदला और कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू किया।

आप नेता ने अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अकाली दल पंजाब के लोगों के बीच अपनी पुरानी राजनीतिक प्रतिष्ठा खो चुका है और अब भाजपा के साथ संभावित समझौते के जरिए अपनी राजनीति को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।

बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को लेकर डीएनए टेस्ट की बात कही थी। पन्नू ने कहा कि वह किसी के डीएनए टेस्ट की मांग नहीं कर रहे, लेकिन सुखबीर बादल के पुराने बयान को आज याद करना जरूरी है, क्योंकि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके पुराने और नए रुख के बीच अंतर साफ दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति को लेकर पंजाब के लोगों के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पन्नू ने दावा किया कि पंजाब की जनता उन राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच फर्क समझती है जो अपने सिद्धांतों पर कायम रहते हैं और जो राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग अकाली दल की राजनीति को पहले ही नकार चुके हैं और भाजपा के साथ संभावित राजनीतिक समझौते की कोशिश से भी जनता गुमराह नहीं होगी।

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