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पंजाब में 19,316 खाल बहाल, 1,687 जगहों पर पहली बार पहुंचा नहरी पानी: बरिंदर गोयल

पंजाब में 19,316 खाल बहाल, 1,687 जगहों पर पहली बार पहुंचा नहरी पानी: बरिंदर गोयल

चंडीगढ़, 10 अगस्त: पंजाब सरकार ने राज्य में नहरी सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पंजाब विधानसभा में बताया कि सरकार ने अब तक 19,316 खाल बहाल किए हैं, जबकि 1,687 स्थानों पर पहली बार नहरी पानी पहुंचाया गया है। विधानसभा ने नहरों और खालों की बहाली के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।

मंत्री ने कहा कि पंजाब लंबे समय से भूजल पर निर्भर रहा है, जिससे जल संसाधनों पर दबाव बढ़ा। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने नहरी सिंचाई का दायरा बढ़ाने और किसानों को भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।

बरिंदर गोयल ने बताया कि वर्ष 2023 में सरकार ने किसानों द्वारा खालों और भूमिगत पाइपलाइनों के लिए दिए जाने वाले 10 प्रतिशत योगदान को माफ कर दिया। इसके बाद सरकार ने ऐसे कार्यों की पूरी लागत वहन करने का फैसला किया, जिससे राज्य में नहरी ढांचे की बहाली में तेजी आई।

उन्होंने बताया कि सरहाली डिस्ट्रीब्यूटरी की करीब छह किलोमीटर लंबी माइनर को भी बहाल किया गया, जो जमीन के नीचे दबकर लगभग खत्म हो चुकी थी। इससे कई गांवों को नहरी पानी मिल रहा है और करीब 4,737 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिली है।

सरकार ने सरहिंद फीडर और फिरोजपुर फीडर सहित मौजूदा नहरों की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें चौड़ा और गहरा किया है। मंत्री के अनुसार राज्य की नहरी प्रणाली की क्षमता करीब 36,000 क्यूसेक तक पहुंच गई है और पानी का प्रवाह करीब 39,000 क्यूसेक तक दर्ज किया गया है।

ऊंचे क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के लिए काठगढ़ में 135 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू की गई, जिससे करीब 11,737 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिली। कादियां क्षेत्र में रिआड़की डिस्ट्रीब्यूटरी की क्षमता 216 क्यूसेक से बढ़ाकर 385 क्यूसेक की गई है। इस परियोजना से करीब 43,000 एकड़ क्षेत्र तक पानी पहुंचाने का दावा किया गया है।

मंत्री ने कहा कि नहरी सिंचाई के विस्तार का असर भूजल पर भी दिखाई दे रहा है। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के 153 ब्लॉकों में से 74 यानी करीब 48 प्रतिशत ब्लॉकों में भूजल स्थिति में सुधार हुआ है।

बरिंदर गोयल ने कहा कि नहरों, खालों, भूमिगत पाइपलाइनों और कंक्रीट लाइनिंग के माध्यम से मजबूत सिंचाई नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने और इसकी बर्बादी रोकने की अपील की।

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