मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक संपन्न, 17 में से 14 मामलों का हुआ समाधान
गुरुग्राम में व्यवस्थाओं में लगातार हो रहा सुधार, नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर सरकार का जोर : मुख्यमंत्री
पायनियर इंडस्ट्रियल पार्क में 33 केवी सब-स्टेशन के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराए सम्बंधित बिल्डर, अन्यथा दर्ज की जाए एफआईआर
निगम अधिकारियों से कहा, सदर बाजार में यातायात सुगम बनाने के लिए निर्धारित किए जाएं ई-रिक्शा स्टैंड, हटाए जाएं अतिक्रमण
मुख्यमंत्री ने अनधिकृत कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 21 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरियाणा सरकार लगातार काम कर रही है। समय के साथ व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है और जिन क्षेत्रों में पहले समस्याएं अधिक दिखाई देती थीं, वहां अब सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार अत्यधिक वर्षा होने के कारण अचानक व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव आता है और जलभराव जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं, लेकिन इसके बावजूद पिछले समय में किए गए कार्यों का लाभ स्पष्ट रूप से अब दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी से विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना के विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 14 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 3 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
पायनियर इंडस्ट्रियल पार्क में 33 केवी सब-स्टेशन के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराए सम्बंधित बिल्डर, अन्यथा दर्ज की जाए एफआईआर
बिलासपुर-तावडू रोड स्थित पायनियर इंडस्ट्रियल पार्क से आए वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इंडस्ट्रियल पार्क में 33 केवी सब-स्टेशन स्थापित करने के लिए बिल्डर द्वारा निर्धारित भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिसके चलते औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। एसोसिएशन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित 33 केवी सब-स्टेशन के निर्माण के लिए डेवलपर से आवश्यक भूमि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि बिल्डर/डेवलपर सब-स्टेशन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज करवाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और औद्योगिक क्षेत्र में पर्याप्त, नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 33 केवी सब-स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए
सदर बाजार में यातायात सुगम बनाने के लिए ई-रिक्शा स्टैंड निर्धारित करने व अतिक्रमण हटाने के निर्देश
सदर बाजार से संबंधित शिकायत में बताया गया कि पोस्ट ऑफिस चौक से बस स्टैंड तक का मार्ग सदर बाजार का मुख्य प्रवेश मार्ग होने के साथ-साथ अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य वाहन सड़क पर अव्यवस्थित रूप से खड़े रहते हैं तथा बीच सड़क पर सवारियां बैठाने और उतारने के कारण यातायात प्रभावित होता है। शिकायत के अनुसार इस कारण आम नागरिकों, व्यापारियों तथा आपातकालीन वाहनों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कहा कि आमजन को सुगम और व्यवस्थित यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड तथा सवारी चढ़ाने-उतारने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित किया जाए, ताकि वाहन मुख्य मार्ग पर खड़े न हों और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। साथ ही, सदर बाजार के मुख्य प्रवेश मार्ग पर नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाए तथा सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखते हुए आमजन के लिए आवागमन सुगम बनाया जाए।
अनधिकृत कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
झुंड सराय वीरान स्थित कृष्णा कॉलोनी के आरडब्ल्यूए निवासियों ने शिकायत में बताया कि कॉलोनाइजरों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित की गई है। कॉलोनाइजरों द्वारा रास्ते की जमीन को बेचने तथा खरीदारों द्वारा उस पर कब्जा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन कर अनधिकृत कॉलोनी विकसित करने वाले संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को गुमराह कर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने और लोगों की मेहनत की कमाई से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अनधिकृत निर्माण एवं कॉलोनी के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रभावित लोगों की समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी भी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में लगातार काम किया जाए, ताकि नागरिकों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित विभाग स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त शिकायतों और पूर्व में दिए गए निर्देशों की नियमित रूप से समीक्षा की जाए तथा लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डी. एस ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, सीपी शिवास कविराज, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसी उत्तम सिंह, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर के निगम आयुक्त प्रदीप सिंह, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण दवाओं एवं आधुनिक नैदानिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे : आरती सिंह राव
स्पेशल हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी ने ₹97 करोड़ की 117 महत्वपूर्ण और आवश्यक दवाओं की खरीद को दी स्वीकृति
पीजीआईएमएस रोहतक की सुविधाओं में होगा इज़ाफ़ा
चंडीगढ़, 21 अगस्त -हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं एवं आधुनिक नैदानिक सुविधाओं ( डायग्नोस्टिक फैसिलिटीज) की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे , इसके लिए आवश्यकता अनुसार दवाओं और मशीनों की खरीद की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी स्पेशल हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की अध्यक्षता करने के बाद आज यहां दी। इस कमेटी की बैठक में “हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड” के माध्यम से राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई प्रमुख खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
आरती सिंह राव ने बताया कि कमेटी ने राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए “हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड” के माध्यम से लगभग ₹97 करोड़ मूल्य की 117 महत्वपूर्ण और आवश्यक दवाओं की खरीद को स्वीकृति दी है। स्वीकृत दवाओं में इंजेक्टेबल दवाएं, एंटीबायोटिक्स, एंटीसाइकोटिक दवाएं, एंटीडायबिटिक दवाएं, कार्डियोवैस्कुलर दवाएं और विभिन्न बीमारियों के इलाज एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक अन्य दवाएं शामिल हैं। इस खरीद के दौरान गुणवत्ता, लागत-प्रभावी क्षमता और समयबद्ध आपूर्ति पर विशेष जोर दिया जाएगा , जिससे सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में मरीजों को आवश्यक दवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
इसके अलावा, उन्नत रक्त जांच एवं नैदानिक क्षमताओं को मजबूत करने और मरीजों की सुरक्षा व देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से कमेटी ने पीजीआईएमएस, रोहतक के ब्लड बैंक सेंटर के लिए लगभग ₹2.40 करोड़ की लागत से एक आईडी -एनएटी (ID-NAT) पूरी तरह से स्वचालित प्रणाली की एकमुश्त खरीद को मंजूरी दी गई है। साथ ही, इमेजिंग सेवाओं के आधुनिकीकरण और सटीक व समय पर निदान की सुविधा के लिए पीजीआईएमएस, रोहतक के लिए दो वर्ष के रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत लगभग ₹2.20 करोड़ की लागत से एक डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम विथ फ्लोरोस्कोपी की मंजूरी भी दी गई।
उन्होंने आगे बताया कि ज़िला स्तरीय नेत्र-देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और विशिष्ट नेत्र-देखभाल जांच तक पहुंच में सुधार करने के लिए कमेटी ने हरियाणा के 22 जिला नागरिक अस्पतालों के लिए दो वर्ष के रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत ₹6.62 करोड़ की अनुमानित लागत से 22 ऑप्टिकल कोहेरेंस टोनोमीटर की खरीद को हरी झंडी दी।
इसके अतिरिक्त, रक्तप्रवाह संक्रमणों का त्वरित और विश्वसनीय पता लगाने व समय पर उचित इलाज में सहायता के लिए हरियाणा के जिला नागरिक अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए दो वर्ष के रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत ₹2.06 करोड़ की लागत से 19 “फुली-ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर सिस्टम” की खरीद को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि स्पेशल हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी ने जो उक्त दवाओं , मशीनों एवं अन्य सुविधाओं को राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए खरीद करने की मंजूरी दी है , यह सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण दवाओं एवं आधुनिक नैदानिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हरियाणा के लोगों को सुलभ, समयबद्ध और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
क्रमांक -2026
हरियाणा में लागू करेंगे “वाटर सिक्योर हरियाणा” कार्यक्रम : श्री श्याम सिंह राणा
इसमें जल सुरक्षा को सुदृढ़ और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा
चंडीगढ़ , 21 अगस्त – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश में “वाटर सिक्योर हरियाणा” कार्यक्रम को लागू किया जाएगा ताकि जल सुरक्षा को सुदृढ़ तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।
श्री राणा आज यहां अपने कार्यालय में कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक , अतिरिक्त निदेशक श्री रामप्रताप सिहाग एवं डॉ देवेंद्र सिहाग के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम अथवा योजना का मुख्य उद्देश्य सब-सरफेस और वर्टिकल ड्रेनेज तकनीकों के माध्यम से सेम प्रभावित भूमि को उपजाऊ बनाना, जल-दक्ष फसलों और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना, जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को अपनाना तथा अधिक पानी की खपत वाली फसलों का क्षेत्रफल कम करके किसानों की आय में वृद्धि करना है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को क्लस्टर-आधारित रणनीति के तहत लागू किया जाएगा। जलभराव और लवणता सुधार के लिए झज्जर और रोहतक सहित अन्य प्रभावित जिलों के क्लस्टर-13 में 2.0 लाख एकड़ भूमि को लक्षित किया गया है, जिसमें चरणबद्ध तरीके से ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। फसल विविधीकरण और पानी की बचत के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और करनाल के क्लस्टर-5 में 5.0 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई (DSR) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वहीं क्लस्टर-13 में 1.12 लाख एकड़ क्षेत्र में ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ के तहत वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त दोनों क्लस्टरों में मृदा परीक्षण के आधार पर जिप्सम और हरी खाद के उपयोग को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस कार्यक्रम को वर्ष 2026 से 2032 तक कुल छह वर्षों की अवधि में लागू करने का प्रस्ताव है, जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹5,714.80 करोड़ तय की गई है। इस परियोजना के लिए 70 प्रतिशत राशि यानी ₹4,000.36 करोड़ विश्व बैंक द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि यानी ₹1,714.44 करोड़ हरियाणा सरकार अपने अंशदान के रूप में वहन करेगी।
यह वित्तपोषण विश्व बैंक की ‘प्रोग्राम-फॉर-रिजल्ट्स’ प्रणाली के अंतर्गत किया जाएगा, जिसमें धनराशि का वितरण पूर्व-निर्धारित सूचकांकों की उपलब्धि पर निर्भर रहेगा। नीति आयोग, केंद्रीय जल आयोग और जल शक्ति मंत्रालय सहित विभिन्न केंद्रीय विभागों और राज्य मंत्रिमंडल से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से विश्व बैंक के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है, जिसकी अंतिम ऋण स्वीकृति अक्टूबर 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा इस परियोजना के कृषि घटक के लिए ₹886.00 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जो कुल परियोजना लागत का लगभग 16 प्रतिशत है। इसमें से ₹436.00 करोड़ का उपयोग जलभराव तथा लवणीय (सेम) भूमि के सुधार के लिए किया जाएगा, जबकि ₹450.00 करोड़ की राशि धान की सीधी बीजाई (DSR), ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण, ढैंचा आधारित हरी खाद और जिप्सम के प्रयोग को बढ़ावा देने पर खर्च की जाएगी।
बैठक के अंत में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी क्लस्टरों में वर्षवार निर्धारित लक्ष्यों को पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करें ताकि किसानों को इस योजना का सीधा और त्वरित लाभ मिल सके।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
प्रदेश में 9 नए उप स्वास्थ्य केंद्र तथा एक केंद्र को पीएचसी में अपग्रेड करने की मिली मंजूरी
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत करने पर जोर : आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 21 अगस्त – हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में चिकित्सा ढांचा मजबूत करने और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में 9 नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने और 1 उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की मंजूरी प्रदान की है।
इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ नूंह (मेवात) जिले को मिला है, जहाँ 7 नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इनमें गांव रानिका, देवला नंगली, महुं, गौधोला, लफुरी, बड़ेड और चीला गांव शामिल हैं। इसके अलावा रेवाड़ी जिला के गांव भांडोर तथा सिरसा जिला के गांव मोचीवाली में भी एक-एक नया उप स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। वहीं, गुरुग्राम जिले के गांव रणसीका स्थित मौजूदा उप स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाकर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बेहतर इलाज की सुविधा पहुंचाना है। नूंह जैसे विकास की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में 7 नए केंद्र बनने से वहां मातृ-शिशु देखभाल, नियमित टीकाकरण और प्राथमिक उपचार की पहुंच आसान होगी। दूसरी ओर, रणसीका में पीएचसी बनने से गुरुग्राम के इस ग्रामीण इलाके में डॉक्टरों की उपलब्धता, बुनियादी जांच और 24 घंटे आपातकालीन प्राथमिक सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे ग्रामीणों को बड़े शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। यह फैसला राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगा।
क्रमांक -2026


